हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रूप से संचालित होटलों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग दस होटलों को बंद कर दिया है। जिला पुलिस के विशेष अभियान के दौरान हुई इस गहन जांच में पाया गया कि ये होटल आवश्यक दस्तावेजों, लाइसेंसों, सरकारी प्रमाण-पत्रों, सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रों के बिना चल रहे थे। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में हुई इस जांच के बाद, नियमों की स्पष्ट अनदेखी सामने आने पर संबंधित होटलों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया और उन पर तालाबंदी कर दी गई। प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन होटलों के कागज पूरे हैं, उन्हें संचालन के लिए एडीएम हापुड़ से संतुति लेनी होगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे हालात स्वीकार्य नहीं हैं और जो होटल जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करेंगे, उनके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संचालकों को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने को कहा है, जिसके बाद ही संचालन की अनुमति मिलेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र के होटल संचालक भयभीत दिखाई दे रहे हैं, जबकि आम लोगों में इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ हैं। एक स्थानीय होटल संचालक ने बताया कि उन्हें अचानक नोटिस मिला है और दस्तावेज तैयार करने से उनकी आमदनी पर असर पड़ा है। वहीं, कुछ निवासियों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से सही ठहराते हुए कहा कि बिना लाइसेंस के चलना उचित नहीं है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। हालांकि, पुलिस की इस सख्ती से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अन्य होटलों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे और प्रशासन आगे क्या कदम उठाएगा, यह देखना बाकी है।
हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रूप से संचालित होटलों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग दस होटलों को बंद कर दिया है। जिला पुलिस के विशेष अभियान के दौरान हुई इस गहन जांच में पाया गया कि ये होटल आवश्यक दस्तावेजों, लाइसेंसों, सरकारी प्रमाण-पत्रों, सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रों के बिना चल रहे थे। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में हुई इस जांच के बाद, नियमों की स्पष्ट अनदेखी सामने आने पर संबंधित होटलों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया और उन पर तालाबंदी कर दी गई। प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन होटलों के कागज पूरे हैं, उन्हें संचालन के लिए एडीएम हापुड़ से संतुति लेनी होगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे हालात स्वीकार्य नहीं हैं और जो होटल जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करेंगे, उनके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संचालकों को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने को कहा है, जिसके बाद ही संचालन की अनुमति मिलेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र के होटल संचालक भयभीत दिखाई दे रहे हैं, जबकि आम लोगों में इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ हैं। एक स्थानीय होटल संचालक ने बताया कि उन्हें अचानक नोटिस मिला है और दस्तावेज तैयार करने से उनकी आमदनी पर असर पड़ा है। वहीं, कुछ निवासियों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से सही ठहराते हुए कहा कि बिना लाइसेंस के चलना उचित नहीं है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। हालांकि, पुलिस की इस सख्ती से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अन्य होटलों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे और प्रशासन आगे क्या कदम उठाएगा, यह देखना बाकी है।
- धौलाना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सपनावत में एक भव्य पारंपरिक दंगल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो खेल, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय शिशोदिया ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनके आगमन पर ग्रामीणों, युवाओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया तथा महाराणा प्रताप का चित्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान शिशोदिया ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि दंगल हमारी संस्कृति, स्वाभिमान और युवा शक्ति की पहचान है। पूरे आयोजन में उत्साह, भाईचारे और ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिली।1
- हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रूप से संचालित होटलों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग दस होटलों को बंद कर दिया है। जिला पुलिस के विशेष अभियान के दौरान हुई इस गहन जांच में पाया गया कि ये होटल आवश्यक दस्तावेजों, लाइसेंसों, सरकारी प्रमाण-पत्रों, सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रों के बिना चल रहे थे। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में हुई इस जांच के बाद, नियमों की स्पष्ट अनदेखी सामने आने पर संबंधित होटलों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया और उन पर तालाबंदी कर दी गई। प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन होटलों के कागज पूरे हैं, उन्हें संचालन के लिए एडीएम हापुड़ से संतुति लेनी होगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे हालात स्वीकार्य नहीं हैं और जो होटल जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करेंगे, उनके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संचालकों को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने को कहा है, जिसके बाद ही संचालन की अनुमति मिलेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र के होटल संचालक भयभीत दिखाई दे रहे हैं, जबकि आम लोगों में इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ हैं। एक स्थानीय होटल संचालक ने बताया कि उन्हें अचानक नोटिस मिला है और दस्तावेज तैयार करने से उनकी आमदनी पर असर पड़ा है। वहीं, कुछ निवासियों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से सही ठहराते हुए कहा कि बिना लाइसेंस के चलना उचित नहीं है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। हालांकि, पुलिस की इस सख्ती से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अन्य होटलों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे और प्रशासन आगे क्या कदम उठाएगा, यह देखना बाकी है।1
- मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में स्थित हवाई पट्टी इलाके से एक परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मालिक ने अपने मजदूर की महीने भर की मजदूरी रोक ली है। इस घटना के कारण, मजदूर की पत्नी, जो चार बच्चों की मां है, अपने परिवार का खर्च चलाने को लेकर बेहद चिंतित है। महिला ने बताया कि उसके पास बच्चों की स्कूल फीस भरने और घर के लिए राशन खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। पीड़ित महिला के अनुसार, उसके पति एक गाड़ी चलाते हैं। जब महीने भर की कड़ी मेहनत के बाद वह वेतन मांगने गई, तो मालिक ने सीधे तौर पर भुगतान करने से मना कर दिया। मालिक का कहना था कि "पैसा नहीं है, बाद में ले जाना।" इस पर महिला ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, घर में राशन नहीं है और उन्हें मकान का किराया भी चुकाना है, ऐसे में वे कहाँ जाएँ। इस मामले पर आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष सचिन रावल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब की मजदूरी रोकना "सबसे बड़ा अपराध" है।1
- हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्र के खागोई गांव निवासी सोहिल पुत्र बदलू खां ने जिला मजिस्ट्रेट से शिकायत की है कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की लगातार धमकियां मिल रही हैं। सोहिल ने अपनी शिकायत में खागोई गांव के साहिल पुत्र नन्हे, सरताज पुत्र महबूब, जीशान पुत्र मो० अली और सरफराज पुत्र मकसूद पर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, ये लोग आए दिन उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं और अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर गंदी-गंदी गालियां लिखकर भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। प्रार्थी ने दावा किया है कि उनके पास इन धमकी भरे कृत्यों के फोटो, वीडियो और गवाह मौजूद हैं। इन लगातार धमकियों के कारण सोहिल और उनका परिवार बहुत डरा हुआ है, और उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अगर उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए उपरोक्त सभी आरोपी जिम्मेदार होंगे। सोहिल ने जिला मजिस्ट्रेट से आग्रह किया है कि उनकी रिपोर्ट दर्ज कर सभी नामजद व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।4
- लॉ एडवाइजर अक्षय के अनुसार, झूठी एफआईआर (FIR) से किसी भी व्यक्ति का नाम तत्काल हटा दिया जाएगा।1
- स्मार्ट मीटर से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि बिलिंग संबंधी शिकायतों, तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की अन्य समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को भी और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से संबंधित कोई परेशानी होती है, तो वह बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर या संबंधित कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, जिस पर विभाग ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है। यह भी नोट किया गया है कि यदि यह खबर किसी नई सरकारी घोषणा या आदेश से संबंधित है, तो अंतिम जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर ही मानी जाएगी।1
- मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की चमन कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर स्मार्ट मीटर बदलने आए विद्युत कर्मचारियों पर स्थानीय लोगों ने रिश्वत लेकर मीटर बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और उनके साथ मारपीट की। यह घटना दोपहर करीब 3:00 बजे हुई, जब स्मार्ट मीटर बदलने की खबर से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ घरों के मीटर बदलने के बाद, जब विद्युत कर्मचारी चमन कॉलोनी निवासी नौशाद और सलमान मलिक के घर मीटर लगाने पहुंचे, तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन कर्मचारियों ने नौशाद और सलमान से मीटर में 'सेंट' बात कर 20-20 हजार रुपये की उगाही का प्रयास किया। इसके बाद, गुस्साई भीड़ ने विद्युत कर्मचारियों को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। कर्मचारियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन एक कर्मी, जिसने अपना नाम शिवम बताया, को लोगों ने पकड़ लिया और उसकी फिर से पिटाई की। पकड़े गए शिवम ने अपना आईडी कार्ड दिखाने से इनकार कर दिया और बताया कि उसके साथ इमरान और गोलू नामक अन्य साथी भी थे, जो मौके से फरार हो गए। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। हालांकि, इसके बाद सभी लोगों ने शिकायत पत्र देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस बिना किसी औपचारिक शिकायत के वापस लौट गई।1
- हरदोई के संडीला में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा एक आध्यात्मिक सत्संग एवं भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महात्मा विद्युतानन्द ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन दिए, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि मानव जीवन को सफल और सार्थक बनाने का सबसे अच्छा तरीका सत्संग ही है। उन्होंने सत्य, सेवा, सदाचार और निष्काम भक्ति का संदेश देते हुए आत्मज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान, भजन गायक रामनाथ के भक्तिपूर्ण गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस भव्य आध्यात्मिक सत्संग में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जहाँ महात्मा विद्युतानन्द ने पुनः रेखांकित किया कि सत्संग से आत्मज्ञान प्राप्त होता है और जीवन को सही दिशा मिलती है।1