विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लालसोट स्थित राजेश पायलट राजकीय महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के तत्वावधान में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को "एक पेड़ लोकतंत्र के नाम" थीम पर केंद्रित किया गया, जिसके तहत रोपे गए पौधों को "लोकतंत्र का पेड़, Tree of Democracy: 2026" नाम दिया गया। इस पहल का दोहरा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति नैसर्गिक दायित्व के साथ-साथ लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए मतदान के संवैधानिक अधिकार और नैतिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार बैरवा ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के नैतिक दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने लोकतंत्र में मतदाता के संवैधानिक अधिकारों एवं मत देने के कर्तव्य पर भी विस्तृत जानकारी दी। महाविद्यालय के ईएलसी सदस्य डॉ. मोहन लाल खटीक ने विद्यार्थियों को निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता पंजीकरण और अन्य संबंधित कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई जा रही डिजिटल सुविधाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लेखाधिकारी देवेंद्र सिंह राजावत, राजेश चौहान, राधेश्याम बैरवा, शिवनारायण मीना, इमरान खान, राजेंद्र मालिया, शेरसिंह मीना सहित कई अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लालसोट स्थित राजेश पायलट राजकीय महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के तत्वावधान में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को "एक पेड़ लोकतंत्र के नाम" थीम पर केंद्रित किया गया, जिसके तहत रोपे गए पौधों को "लोकतंत्र का पेड़, Tree of Democracy: 2026" नाम दिया गया। इस पहल का दोहरा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति नैसर्गिक दायित्व के साथ-साथ लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए मतदान के संवैधानिक अधिकार और नैतिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार बैरवा ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के नैतिक दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने लोकतंत्र में मतदाता के संवैधानिक अधिकारों एवं मत देने के कर्तव्य पर भी विस्तृत जानकारी दी। महाविद्यालय के ईएलसी सदस्य डॉ. मोहन लाल खटीक ने विद्यार्थियों को निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता पंजीकरण और अन्य संबंधित कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई जा रही डिजिटल सुविधाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लेखाधिकारी देवेंद्र सिंह राजावत, राजेश चौहान, राधेश्याम बैरवा, शिवनारायण मीना, इमरान खान, राजेंद्र मालिया, शेरसिंह मीना सहित कई अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- दौसा जिले के लालसोट स्थित सेडूलाई तलाई में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम "वंदे गंगा एवं जल संरक्षण जन अभियान" के तहत आयोजित किया गया था, जहाँ विधायक रामविलास मीणा ने पौधारोपण कर पर्यावरण और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। विधायक मीणा ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जल और प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और जल बचाने का आह्वान भी किया, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला, जिला प्रभारी सोमकांत शर्मा, पूर्व संभागीय आयुक्त ब्रजमोहन मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सत्यानारायण मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।3
- बामनवास में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मनीष बामनवास के नेतृत्व में, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी (ईओ) संतोष मीणा को विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान हेतु एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में नगर पालिका क्षेत्र की सड़कों के दोनों ओर नालियों के निर्माण, मुख्य मार्गों पर सीसी और ग्रेवल सड़कें बनवाने, पीएम आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को शीघ्र प्रथम किस्त जारी कराने, तथा नरेगा योजना के तहत ध्याह वाले तालाब की क्षतिग्रस्त पाल की मरम्मत करवाने जैसी महत्वपूर्ण माँगें शामिल थीं। इस अवसर पर विजय सिंह मीणा, लोकेश कुमार मीणा और कई अन्य युवा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।1
- दौसा जिले की कुण्डल तहसील के कालोता कस्बे में गहराए पेयजल संकट को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने खाली बर्तन लहराकर जलदाय विभाग और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। स्थानीय निवासी राजेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि गांव में एक हेडपंप, जिससे आधा गांव पानी भरता है, पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा है। इसके अलावा, एक और हेडपंप भी 15 दिन से खराब है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों, सरपंच, और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से बार-बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। दीपा राजपूत और चंचल शर्मा ने बताया कि 181 हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बावजूद हेडपंप ठीक नहीं किए जा रहे हैं, और तो और शिकायतों का निस्तारण भी बता दिया जाता है, जबकि मौके पर जलदाय विभाग का कोई ठेकेदार या कर्मचारी पहुंचता ही नहीं है। करीशमा कंवर ने बताया कि पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि ग्रामीण और मवेशी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है और परिवार के सभी सदस्य दिनभर पानी की व्यवस्था में लगे रहते हैं। कई परिवारों को मजबूरन 500 रुपये में पानी का टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर गांव के सभी हेडपंपों को ठीक नहीं किया गया, तो वे मजबूरन सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में तारा देवी शर्मा, चंचल शर्मा, प्रभाती देवी कुम्हार, रेखा देवी प्रजापत, रीना देवी, मोना देवी, पुष्पा देवी, नीरज देवी शर्मा, सरोज देवी, सिमा देवी शर्मा, सुनीता देवी, कृपा देवी, उर्मिला देवी, काजल प्रजापत, लाली शर्मा, सन्ती देवी, राजेन्द्र कुमार शर्मा, कमोद देवी बैरवा, विमला देवी, मोनिका शर्मा, रचित शर्मा और विष्णु शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।2
- एक गांव में ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नाला बंद होने की वजह से गांव वालों को आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।1
- गंगापुर सिटी में श्री अग्रसेन कर्मचारी विकास समिति उदेई मोड के तत्वाधान में एक योग शिविर और झूम्बा डांस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।1
- बद्रीनाथ धाम यात्रा से पूर्व गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर दो स्थानीय समूहों द्वारा यात्रियों के लिए सेवा कार्य किए गए। गंगापुर सिटी मॉर्निंग ग्रुप ने यात्रियों के लिए जल सेवा का आयोजन किया, वहीं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने तिलक और माला पहनाकर यात्रियों का स्वागत किया।1
- जोधपुर से जयपुर पहुंची एक युवती नेहा एक दुखद सड़क हादसे का शिकार हो गईं। यह हादसा तब हुआ जब नेहा अपना जॉइनिंग लेटर लेने के उद्देश्य से जयपुर आई थीं और गाड़ी से उतरते ही एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया।1
- गंगापुर सिटी के जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मृतका की पहचान सपेरा बस्ती निवासी गफूरी पत्नी नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सक पर उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बताया कि शनिवार अल सुबह महिला को सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर महिला को वार्ड में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। परिजनों के अनुसार, संबंधित चिकित्सक ने मरीज को देखे बिना ही भर्ती कर लिया और हालत बिगड़ने के बावजूद आवश्यक चिकित्सकीय ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नर्सिंग स्टाफ ने कई बार डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे भी गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि डॉक्टर कथित तौर पर शराब के नशे में थे और उन्होंने मरीज को अस्पताल के बजाय घर पर दिखाने के लिए कहा था। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मृत्यु के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में जानकारी जुटा रही है, वहीं अस्पताल प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में लगा हुआ है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बना हुआ है, और परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।2
- राजधानी जयपुर के रामगंज क्षेत्र में एक नई बनी 5 मंजिला इमारत में अचानक दरारें आने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया है। इमारत में दरारें दिखाई देने के बाद स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया, जिसके चलते आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों ने इमारत का गहन निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर, प्रशासन द्वारा आसपास के क्षेत्र पर भी लगातार नज़र रखी जा रही है। फिलहाल, इमारत में दरार आने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक तकनीकी जांच शुरू की गई है। प्रारंभिक तौर पर, निर्माण गुणवत्ता, नींव की मजबूती या किसी अन्य तकनीकी कारण की गहराई से पड़ताल की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि एक नई इमारत में ऐसी दरारें सामने आना गंभीर विषय है। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए हैं, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस 5 मंजिला इमारत में दरारों की सटीक वजह स्पष्ट हो सकेगी।1