गंगापुर सिटी के जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मृतका की पहचान सपेरा बस्ती निवासी गफूरी पत्नी नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सक पर उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बताया कि शनिवार अल सुबह महिला को सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर महिला को वार्ड में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। परिजनों के अनुसार, संबंधित चिकित्सक ने मरीज को देखे बिना ही भर्ती कर लिया और हालत बिगड़ने के बावजूद आवश्यक चिकित्सकीय ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नर्सिंग स्टाफ ने कई बार डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे भी गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि डॉक्टर कथित तौर पर शराब के नशे में थे और उन्होंने मरीज को अस्पताल के बजाय घर पर दिखाने के लिए कहा था। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मृत्यु के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में जानकारी जुटा रही है, वहीं अस्पताल प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में लगा हुआ है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बना हुआ है, और परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
गंगापुर सिटी के जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मृतका की पहचान सपेरा बस्ती निवासी गफूरी पत्नी नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सक पर उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बताया कि शनिवार अल सुबह महिला को सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर महिला को वार्ड में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। परिजनों के अनुसार, संबंधित चिकित्सक ने मरीज को देखे बिना ही भर्ती कर लिया और हालत बिगड़ने के बावजूद आवश्यक चिकित्सकीय ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नर्सिंग स्टाफ ने कई बार डॉक्टर को बुलाने
के लिए कहा, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे भी गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि डॉक्टर कथित तौर पर शराब के नशे में थे और उन्होंने मरीज को अस्पताल के बजाय घर पर दिखाने के लिए कहा था। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मृत्यु के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में जानकारी जुटा रही है, वहीं अस्पताल प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में लगा हुआ है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बना हुआ है, और परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
- गंगापुर सिटी में श्री अग्रसेन कर्मचारी विकास समिति उदेई मोड के तत्वाधान में एक योग शिविर और झूम्बा डांस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।1
- गंगापुर सिटी के जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मृतका की पहचान सपेरा बस्ती निवासी गफूरी पत्नी नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सक पर उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बताया कि शनिवार अल सुबह महिला को सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर महिला को वार्ड में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। परिजनों के अनुसार, संबंधित चिकित्सक ने मरीज को देखे बिना ही भर्ती कर लिया और हालत बिगड़ने के बावजूद आवश्यक चिकित्सकीय ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नर्सिंग स्टाफ ने कई बार डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे भी गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि डॉक्टर कथित तौर पर शराब के नशे में थे और उन्होंने मरीज को अस्पताल के बजाय घर पर दिखाने के लिए कहा था। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मृत्यु के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में जानकारी जुटा रही है, वहीं अस्पताल प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में लगा हुआ है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल बना हुआ है, और परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।2
- गंगापुर सिटी का सरकारी अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि 'यमराज का वेटिंग रूम' बन गया है, जहाँ डॉक्टरों के लिए इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं बची है। आरोप है कि बीती रात कॉलेज रोड, सपेरा बस्ती की रहने वाली महिला गफूरी की जान अस्पताल के 'सफेदपोश कसाइयों' और लापरवाह नर्सिंग स्टाफ की मिलीभगत से चली गई। कहा जा रहा है कि महिला को गलत और जानलेवा इंजेक्शन का ऐसा डोज दिया गया, जिससे तड़प-तड़प कर उसकी सांसें टूट गईं। यह दिल दहला देने वाली घटना तब शुरू हुई जब सुबह करीब 4 बजे तबीयत बिगड़ने पर गफूरी को सरकारी अस्पताल लाया गया और सुबह 6 बजे उसे भर्ती किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जितेंद्र मीणा अपनी वातानुकूलित कुर्सी पर गहरी नींद में सो रहे थे, जिससे अस्पताल की कमान 'नौसिखिये और गैर-जिम्मेदार' कंपाउंडरों व नर्सिंग स्टाफ के हाथों में थी। परिजनों ने दावा किया है कि बिना किसी जांच या सीनियर डॉक्टर की देखरेख के, कर्मचारियों ने गफूरी के शरीर में गलत दवाइयों और इंजेक्शन का 'जहर' उतार दिया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गैंग्रीन और गलत दवा के रिएक्शन से गफूरी दर्द से कराहती रही और अंततः बाथरूम में बेहोश होकर गिर पड़ी, जहाँ उसके शरीर ने दम तोड़ दिया। बदहवास परिजनों की मिन्नतों के बावजूद स्टाफ एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालता रहा, और जब डॉक्टर मीणा को जगाया गया तो उन्होंने मानवता को शर्मसार करते हुए कहा कि वे अस्पताल में बात नहीं करेंगे, फीस लेकर उनके घर आने पर ही इलाज बताएँगे। यह अस्पताल में लापरवाही का पहला मामला नहीं है; हाल ही में एक कंपाउंडर का नशे में मरीजों से बदतमीजी करने का वीडियो वायरल हुआ था। गंगापुर सिटी की जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे पूछ रहे हैं कि इन 'काले कोट और सफेद एप्रन' वाले 'हत्यारों' को प्रशासन कब तक बचाएगा। लोगों का यह भी सवाल है कि क्या सरकार की मुफ्त दवा और इलाज योजना सिर्फ कागजों पर लोगों को मारने के लिए चल रही है। जब खोजी पत्रकारों ने डॉक्टर जितेंद्र मीणा से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने अपने फोन बंद कर लिए और अस्पताल प्रशासन के पास भी इस 'मर्डर' का कोई जवाब नहीं था। जनता अब मांग कर रही है कि दोषियों को सिर्फ निलंबित नहीं, बल्कि सीधे जेल भेजा जाए।1
- बामनवास में ‘गेम चेंजर ट्रॉफी बामनवास’ के तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की विभिन्न टीमों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने अपनी खेल भावना और खेल कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का उद्घाटन भाजपा नेता नरसी राम मीणा ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया और इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम हैं, जो अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों का विकास करते हैं। उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, यह प्रतियोगिता अगले पाँच दिनों तक चलेगी, जिसमें क्षेत्र की अनेक टीमें रोमांचक मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-3 एक बार फिर मासलपुर क्षेत्र में पहुँच गया है। मासलपुर के नवलापुरा गाँव के पास चीते ने शुक्रवार को पाँच भेड़ों का शिकार किया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उपवन संरक्षक सुमित बंसल ने जानकारी दी कि चीता KGP-3 पिछले कुछ दिनों से राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में घूम रहा था। शुक्रवार को यह दोबारा करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र में आया और नवलापुरा गाँव के पास भेड़ों को अपना शिकार बनाया। सूचना मिलते ही भरतपुर डीएफओ चेतन कुमार अपनी वन विभाग टीम के साथ मौके पर पहुँचे। कूनो नेशनल पार्क के तीन विशेषज्ञ और बंध बारैठा रेंज के तीन वनकर्मियों की एक टीम रेडियो कॉलर की मदद से चीते की गतिविधियों पर लगातार नज़र बनाए हुए है। नाका इंचार्ज नंदकिशोर गुर्जर, सहायक वनपाल बच्चू सिंह और शीशराम द्रौपद सिंह सहित वन विभाग की पूरी टीम किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चीते की लोकेशन को ट्रैक कर रही है।1
- करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए सभी संस्थाओं को 'मां योजना' के तहत क्लेम बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि प्राप्त आय से कार्यों को सुगमता से कराया जा सके। उन्होंने संस्थाओं को 'मां योजना' में 70 प्रतिशत से अधिक क्लेम सुनिश्चित करने का पाबंद किया और करौली व हिंडौन शहरों में एचपीवी वैक्सीनेशन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि जिले में आवंटित लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को 'मां वाउचर योजना' के अंतर्गत कराई गई सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखने तथा एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी और मिसिंग टीकाकरण की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रैल माह में लिंगानुपात की वृद्धि की सराहना करते हुए, इसकी उतार-चढ़ाव भरी स्थिति का विश्लेषण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। गोदारा ने प्रशासन और पुलिस के सहयोग का आश्वासन देते हुए बीसीएमओ को झोलाछाप और अवैध क्लीनिकों के संचालन पर 'मिशन मोड' में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएम निर्माण विंग को खंडवार भूमि आवंटन और निर्माण कार्य की स्थिति से अवगत होकर कार्य शुरू कराने के लिए निर्देशित किया, साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और एफसीएम व संपूर्ण टीकाकरण की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बैठक में योजनाओं और कार्यक्रमों की ब्लॉकवार स्थिति प्रस्तुत की तथा चिकित्सा संस्थानों के भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्य के दौरान आ रही बाधाओं का समाधान कराया। उन्होंने 'मां योजना' में क्लेम बुकिंग बढ़ाने, जननी सुरक्षा योजना के भुगतान और लाडो योजना की प्रदायगी के लिए प्रभारियों को निर्देशित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष पांडे ने पीपीटी के माध्यम से 'मां योजना', एचपीवी वैक्सीनेशन, संपूर्ण टीकाकरण, मिसिंग टीकाकरण, एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी, सेक्स रेशों, जेएसवाई और लाडो योजना की स्थिति की समीक्षा कराई। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी करौली डॉ. रामकेश मीणा, पीएमओ हिंडौन डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीडीईओ सर्वेश कुमार, विभिन्न बीसीएमओ, पीएमओ, सीएचसी पीएचसी प्रभारी और विभिन्न डीपीसी सदस्य उपस्थित रहे।4
- लालसोट उपखंड के शाहजहांनपुरा में मनरेगा कार्यों को लेकर मिली शिकायतों के बाद एक टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान विकास अधिकारी योगेश कुमार मीणा के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया, जिसने स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण करने वाली इस कमेटी में सहायक विकास अधिकारी (प्रशासन) शंभू दयाल मीणा, कनिष्ठ अभियंता रेशु गुर्जर, कनिष्ठ तकनीकी सहायक विनोद कुमार मीणा और ग्राम विकास अधिकारी विशाल शर्मा शामिल रहे। ग्रामीणों ने इस निरीक्षण के दौरान अपना विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद मौके पर ही मेट को बदलने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने फर्जी जॉब कार्डों की जांच की भी मांग उठाई। अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
- बद्रीनाथ धाम यात्रा से पूर्व गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर दो स्थानीय समूहों द्वारा यात्रियों के लिए सेवा कार्य किए गए। गंगापुर सिटी मॉर्निंग ग्रुप ने यात्रियों के लिए जल सेवा का आयोजन किया, वहीं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने तिलक और माला पहनाकर यात्रियों का स्वागत किया।1