राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।
राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।
- मेड़ता और रियांबड़ी में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से जुड़े 16 कार्यकर्ताओं को 11 महीने पुराने बजरी लीज विवाद के एक मामले में सोमवार को मेड़ता कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इस कार्रवाई के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर RLP नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रविवार तड़के पादूकलां थाना पुलिस ने नागौर पुलिस की छह से अधिक टीमों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और इन आरोपियों को उनके घरों से हिरासत में लिया था। थाना प्रभारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से तीन दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने केवल एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला जुलाई 2025 में रियांबड़ी क्षेत्र के रोहिसा रोड स्थित आड़ा मार्ग चौराहे के निकट हुए बजरी खनन विवाद से संबंधित है। उस समय बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों और बजरी लीजधारक पक्ष के बीच हिंसक विवाद बढ़ गया था। घटना के दौरान मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन में आगजनी जैसी वारदातें सामने आई थीं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, जिसमें ग्रामीणों ने लीजधारक पक्ष पर कैंपर वाहन से प्रदर्शनकारियों को कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया था, जबकि लीजधारक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लीज क्षेत्र में घुसकर वाहनों को नुकसान पहुँचाने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके तथा अनुसंधान को आगे बढ़ाया जा सके। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुखराज ग्वाला, चैनाराम ग्वाला, चैनाराम जाट, रामाकिशन माली, कानाराम माली, रामेश्वर माली, दिनेश गहलोत, महावीर सामरिया, महेंद्र माली, मनोहर माली, सुरेश माली, दिनेश दगदी, चैनाराम उर्फ देवाराम, राकेश सैनी, अंबालाल बावरी और सुनील सांखला शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- अमावस्या के शुभ अवसर पर मांगलियावास कल्पवृक्ष पर एक मेले जैसा उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। दिन भर यहाँ यात्रियों और श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा रहा, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने पहुंचकर अपनी मन्नतें मांगीं।1
- ब्यावर जिले में आयोजित चार दिवसीय आत्म रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है।2
- ब्यावर शहर में अमावस के पवित्र अवसर पर सत्तू जी, बाबूलाल जी और उनके साथियों ने मिलकर लोगों को मालपुए बांटे और शीतल जल पिलाकर पुण्य का कार्य किया, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। यह धर्मार्थ कार्य विशेष रूप से ब्यावर जिले के मजदूर, किसान और बाजार में आने-जाने वाले लोगों के लिए किया गया। बीते दिन उन्हें केरी का पानी भी पिलाया गया था, जिससे उनका कलेजा ठंडा हुआ। अमावस के इस अवसर पर, ठंडी शिकंजी और शीतल जल पीकर तथा मालपुए खाकर लोगों को सुकून मिला और उन्होंने इस पहल के लिए आशीर्वाद दिया। इस पुण्य के कार्य की जानकारी ब्यावर से पत्रकार साबुद्दीन खानभुट्टा, मेड़तिया लौहार न्यूज़पेपर, सत्य आपके सामने चैनल, बात आपकी, वांटेड समाचार और आवाज इंडिया न्यूज़ जैसे माध्यमों द्वारा लोगों तक पहुँचाई गई। इस तरह, ब्यावर जिले में अमावस के पावन अवसर पर, कड़ी गर्मी में मजदूरों को मालपुए खिलाकर और ठंडा शीतल जल पिलाकर उन्हें राहत प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य संपन्न हुआ।1
- जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के बाहर गंदगी का आलम बना हुआ है, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- 15 जून 2026 को पीसांगन में एक समर कैंप का शानदार आगाज़ हुआ, जो 25 जून तक चलेगा। स्मार्ट ब्रेन प्ले स्कूल (महेश पब्लिक स्कूल) के तत्वाधान में आयोजित इस कैंप में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को पेंटिंग, डांस, संगीत और शतरंज की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान बच्चों को खेलकूद के माध्यम से मानसिक विकास में सहायता करने वाली चीजें भी सिखाई जा रही हैं। संस्था के प्रबंधक प्रवीण माहेश्वरी ने बताया कि पीसांगन में यह पहला ऐसा कैंप है, जहाँ डांस, पेंटिंग, शतरंज और संगीत की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। महेश पब्लिक स्कूल में अब ये सभी शिक्षाएँ पूरे साल के लिए लागू की जाएंगी।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- सोमवार को राजस्थान में एक बार फिर धूल भरे बवंडर और तेज आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई क्षेत्रों में अचानक चली तेज हवाओं के कारण धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। इसके चलते कई इलाकों में अंधेरा भी छा गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून गतिविधियों की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।2