राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
- केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ब्यावर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' का 14 जून को सफल समापन हो गया। इस प्रदर्शनी के तीसरे और अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों का अवलोकन किया, जिससे आमजन में विशेष उत्साह देखने को मिला। 12 से 14 जून तक चली इस प्रदर्शनी में राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों, नवाचारों, सुशासन की पहलों और जनहितकारी योजनाओं को आकर्षक तथा जानकारीपूर्ण तरीके से प्रदर्शित किया गया। फोटो गैलरी, विकास कार्यों के विवरण, योजनाओं की जानकारी और विभागीय उपलब्धियों से संबंधित प्रदर्श सामग्री ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। आगंतुकों ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों, जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों के आकर्षक डिजाइनों, फोटो तथा सूचना सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किए जाने की सराहना की। उन्होंने प्रदर्शनी को जनजागरूकता का एक प्रभावी माध्यम बताया और कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करना अत्यंत उपयोगी रहा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना तथा अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था, जिसे तीन दिवसीय आयोजन के दौरान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने सफल एवं सार्थक बनाया।1
- नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लूणी नदी की रपट पर एक निजी बस और इको वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इको वैन में सवार सभी लोग मूल रूप से करौली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो जैतारण क्षेत्र में मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए थे। मृतकों में जितेंद्र (40) पुत्र भीम सिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम और मन्नू (7) पुत्री योगेश शामिल हैं, जिनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, नारसी (60) पत्नी अर्जुन, मुन्नी (40) पत्नी वसन, हकीम (30) पुत्र भीम सिंह और गुनेश (30) पत्नी हकीम सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जैतारण रेफर किया गया, जहां से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार करीब 20 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को तत्काल जसनगर अस्पताल पहुंचाया। आनंदपुर कालू और रियांबड़ी से पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायलों को आगे के उपचार के लिए जैतारण अस्पताल रेफर किया गया, जिसमें एंबुलेंस पायलट महेंद्र सिंह इनानिया की तत्परता महत्वपूर्ण रही। जसनगर थाना अधिकारी छीत्तरमल ने बताया कि पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुटी। दुर्घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें जब्त कर जसनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। मृतकों के शवों को रियांबड़ी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सुचारू कर दिया।3
- जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के बाहर गंदगी का आलम बना हुआ है, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अजमेर ज़िले के नसीराबाद स्थित उप जिला चिकित्सालय मरीज़ों के लिए परेशानी का केंद्र बन गया है। यहाँ रोगियों को इलाज प्राप्त करने से पहले घंटों तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोग अनुपस्थित बताए जा रहे हैं।1
- ब्यावर शहर में 15 जून को कड़क धूप और भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों ने मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए अजमेरी गेट पर राहगीरों और श्रमिकों को ठंडाई तथा शीतल जल पिलाया। यह आयोजन धर्म कृष्णा परिवार की ओर से समाजसेवी योगेश कुमार यस बंसल जैन, सुनीलजी जैन, रमेश जी बंसल जैन, और अग्रवाल समाज द्वारा स्वर्गीय श्री बृजमोहन जी बंसल की स्मृति में किया गया था। इस पुण्य कार्य के तहत अजमेरी गेट पर विशेष व्यवस्था की गई, जहाँ आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर मजदूर महिलाओं, पुरुषों और मोटरसाइकिल चालकों को रोककर ठंडाई और ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। आयोजकों ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी की याद में, मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए, इस भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत पहुँचाने और सेवा-परोपकार का संदेश देने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया था। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने ठंडाई और जल ग्रहण कर राहत महसूस की। उपस्थित लोगों ने आयोजकों के कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी सेवा से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुष्टि मिलती है।1
- मेड़ता और रियांबड़ी में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से जुड़े 16 कार्यकर्ताओं को 11 महीने पुराने बजरी लीज विवाद के एक मामले में सोमवार को मेड़ता कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इस कार्रवाई के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर RLP नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रविवार तड़के पादूकलां थाना पुलिस ने नागौर पुलिस की छह से अधिक टीमों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और इन आरोपियों को उनके घरों से हिरासत में लिया था। थाना प्रभारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से तीन दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने केवल एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला जुलाई 2025 में रियांबड़ी क्षेत्र के रोहिसा रोड स्थित आड़ा मार्ग चौराहे के निकट हुए बजरी खनन विवाद से संबंधित है। उस समय बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों और बजरी लीजधारक पक्ष के बीच हिंसक विवाद बढ़ गया था। घटना के दौरान मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन में आगजनी जैसी वारदातें सामने आई थीं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, जिसमें ग्रामीणों ने लीजधारक पक्ष पर कैंपर वाहन से प्रदर्शनकारियों को कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया था, जबकि लीजधारक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लीज क्षेत्र में घुसकर वाहनों को नुकसान पहुँचाने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके तथा अनुसंधान को आगे बढ़ाया जा सके। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुखराज ग्वाला, चैनाराम ग्वाला, चैनाराम जाट, रामाकिशन माली, कानाराम माली, रामेश्वर माली, दिनेश गहलोत, महावीर सामरिया, महेंद्र माली, मनोहर माली, सुरेश माली, दिनेश दगदी, चैनाराम उर्फ देवाराम, राकेश सैनी, अंबालाल बावरी और सुनील सांखला शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- अजमेर जिले में एक लोडिंग गाड़ी से बिजली का तार खिंच गया, जिसके कारण एक मकान की बॉलकनी टूट गई। इस घटना से मकान को काफी नुकसान हुआ।1
- सोमवार को राजस्थान में एक बार फिर धूल भरे बवंडर और तेज आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई क्षेत्रों में अचानक चली तेज हवाओं के कारण धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। इसके चलते कई इलाकों में अंधेरा भी छा गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून गतिविधियों की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।2