ब्यावर शहर में 15 जून को कड़क धूप और भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों ने मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए अजमेरी गेट पर राहगीरों और श्रमिकों को ठंडाई तथा शीतल जल पिलाया। यह आयोजन धर्म कृष्णा परिवार की ओर से समाजसेवी योगेश कुमार यस बंसल जैन, सुनीलजी जैन, रमेश जी बंसल जैन, और अग्रवाल समाज द्वारा स्वर्गीय श्री बृजमोहन जी बंसल की स्मृति में किया गया था। इस पुण्य कार्य के तहत अजमेरी गेट पर विशेष व्यवस्था की गई, जहाँ आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर मजदूर महिलाओं, पुरुषों और मोटरसाइकिल चालकों को रोककर ठंडाई और ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। आयोजकों ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी की याद में, मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए, इस भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत पहुँचाने और सेवा-परोपकार का संदेश देने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया था। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने ठंडाई और जल ग्रहण कर राहत महसूस की। उपस्थित लोगों ने आयोजकों के कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी सेवा से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुष्टि मिलती है।
ब्यावर शहर में 15 जून को कड़क धूप और भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों ने मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए अजमेरी गेट पर राहगीरों और श्रमिकों को ठंडाई तथा शीतल जल पिलाया। यह आयोजन धर्म कृष्णा परिवार की ओर से समाजसेवी योगेश कुमार यस बंसल जैन, सुनीलजी जैन, रमेश जी बंसल जैन, और अग्रवाल समाज द्वारा स्वर्गीय श्री बृजमोहन जी बंसल की स्मृति में किया गया था। इस पुण्य कार्य के तहत अजमेरी गेट पर विशेष व्यवस्था की गई, जहाँ आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर मजदूर महिलाओं, पुरुषों और मोटरसाइकिल चालकों को रोककर ठंडाई और ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। आयोजकों ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी की याद में, मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए, इस भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत पहुँचाने और सेवा-परोपकार का संदेश देने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया था। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने ठंडाई और जल ग्रहण कर राहत महसूस की। उपस्थित लोगों ने आयोजकों के कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी सेवा से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुष्टि मिलती है।
- ब्यावर शहर में अमावस के पवित्र अवसर पर सत्तू जी, बाबूलाल जी और उनके साथियों ने मिलकर लोगों को मालपुए बांटे और शीतल जल पिलाकर पुण्य का कार्य किया, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। यह धर्मार्थ कार्य विशेष रूप से ब्यावर जिले के मजदूर, किसान और बाजार में आने-जाने वाले लोगों के लिए किया गया। बीते दिन उन्हें केरी का पानी भी पिलाया गया था, जिससे उनका कलेजा ठंडा हुआ। अमावस के इस अवसर पर, ठंडी शिकंजी और शीतल जल पीकर तथा मालपुए खाकर लोगों को सुकून मिला और उन्होंने इस पहल के लिए आशीर्वाद दिया। इस पुण्य के कार्य की जानकारी ब्यावर से पत्रकार साबुद्दीन खानभुट्टा, मेड़तिया लौहार न्यूज़पेपर, सत्य आपके सामने चैनल, बात आपकी, वांटेड समाचार और आवाज इंडिया न्यूज़ जैसे माध्यमों द्वारा लोगों तक पहुँचाई गई। इस तरह, ब्यावर जिले में अमावस के पावन अवसर पर, कड़ी गर्मी में मजदूरों को मालपुए खिलाकर और ठंडा शीतल जल पिलाकर उन्हें राहत प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य संपन्न हुआ।1
- 15 जून 2026 को पीसांगन में एक समर कैंप का शानदार आगाज़ हुआ, जो 25 जून तक चलेगा। स्मार्ट ब्रेन प्ले स्कूल (महेश पब्लिक स्कूल) के तत्वाधान में आयोजित इस कैंप में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को पेंटिंग, डांस, संगीत और शतरंज की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान बच्चों को खेलकूद के माध्यम से मानसिक विकास में सहायता करने वाली चीजें भी सिखाई जा रही हैं। संस्था के प्रबंधक प्रवीण माहेश्वरी ने बताया कि पीसांगन में यह पहला ऐसा कैंप है, जहाँ डांस, पेंटिंग, शतरंज और संगीत की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। महेश पब्लिक स्कूल में अब ये सभी शिक्षाएँ पूरे साल के लिए लागू की जाएंगी।1
- ब्यावर में, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सेवा शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पूर्ण संवेदनशीलता, जवाबदेही और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन शिविरों को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, कलेक्टर मीना ने प्रत्येक शिविर में विभागीय अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने और मौके पर ही आमजन की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों और पेंडेंसी को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्राप्त परिवेदनाओं और संपर्क पोर्टल 181 पर दर्ज शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने शिविरों में संचालित गतिविधियों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर से योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य पात्र व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि वे सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी उपस्थिति शिविरों की प्रभावशीलता को और बढ़ाएगी। अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और राजस्व मामलों सहित अन्य विभागीय विवादों तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मीना ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की सफलता ही सुशासन, जनविश्वास और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का वास्तविक प्रमाण होगी। इस समीक्षा बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, एसडीएम श्री दिव्यांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिविर प्रभारी उपस्थित रहे।1
- ब्यावर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" का 14 जून को सफल समापन हुआ। केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रदर्शनी के तीसरे और अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों का अवलोकन किया। आमजन में प्रदर्शनी के समापन दिवस पर भी विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनी में राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों, नवाचारों, सुशासन की पहलों और जनहितकारी योजनाओं को आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण तरीके से प्रदर्शित किया गया। फोटो गैलरी, विकास कार्यों के विवरण, योजनाओं की जानकारी और विभागीय उपलब्धियों से संबंधित सामग्री ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। 12 से 14 जून तक चली इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों और उपलब्धियों को आकर्षक डिजाइनों, फोटो व सूचना सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किए जाने की सराहना की। आगंतुकों ने प्रदर्शनी को जनजागरूकता का एक प्रभावी माध्यम बताया और कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त होना अत्यंत उपयोगी रहा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना तथा अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से लाभान्वित करना रहा। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने प्रदर्शनी को सफल एवं सार्थक बनाया।1
- राजस्थान के अजमेर जिले में कल रात से बिजली आपूर्ति ठप है।1
- श्री अग्रवाल सलेमाबादी पंचायत द्वारा आयोजित 18वें समर कैंप का समापन समारोह रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागी बालिकाओं एवं युवतियों ने कैंप के दौरान सीखे गए नृत्य और गरबा जैसी कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन महाराजाधिराज अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष हुआ, जिसमें विशिष्ट अतिथि निर्मल बंसल और पवम गोयल, कार्यक्रम अध्यक्ष ओमप्रकाश सर्राफ, पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सलेमबादी, मंत्री सी.ए. मोहित गर्ग और संयोजक महेश गर्ग सहित कई सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कमलराम मीना ने इस कैंप को बहुआयामी बताते हुए कहा कि यह कला, कौशल और रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्द तथा आपसी समझ को बढ़ावा देने वाला एक सेतु है, जिससे बच्चे और अभिभावक दोनों ही समय का सदुपयोग कर हर्षित हुए हैं। उन्होंने समाज को ऐसे प्रयास समय-समय पर करते रहने का आह्वान किया। अति विशिष्ट अतिथि उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह ने भी बालिकाओं की कला एवं कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सलेमबादी ने 11 दिवसीय इस शिविर की सफलता का श्रेय पंचायत एवं समाज के सदस्यों के आपसी समन्वय और लगन को दिया। उन्होंने प्रशिक्षिकाओं के समर्पण, अनुशासन और समय के प्रति प्रतिबद्धता को कैंप के उद्देश्यों की सफलता का आधार बताया। अंत में, पंचायत मंत्री सी.ए. मोहित गर्ग ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों के कौशल विकास के इस शिविर में उनकी उपस्थिति, उत्साह और उमंग ने इसे एक उत्सव में बदल दिया। इस दौरान आर.सी.गोयल, रमेश बंसल, राधेश्याम डाणी, नितेश गोयल, अमित बंसल, निखिल जिंदल, श्रवण बंसल, श्यामसुंदर अग्रवाल, ताराचंद अग्रवाल, किशोर अग्रवाल, आशीष गोयल, अतुल सिंघल, आलोक गुप्ता, राकेश गर्ग, श्यामसुंदर सिंघल, राहुल अग्रवाल, पवन अग्रवाल, दीपक गुप्ता, प्रबोध बंसल, उदित अग्रवाल, नरेश गुप्ता, डॉ अरुणा गुप्ता, निशा जैन, निशा गर्ग, सारांश गोयल, सोनिया बंसल, सीमा बंसल, मधु गोयल, हेमलता बंसल, नीतू बंसल, चंद्रकांता मोजड़ी, रेणु बंसल, टीना बंसल सहित पंचायत एवं समाज के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। सभी प्रशिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ पंढरपुर के पास तांडुलवाड़ी गाँव के निकट माढा-पंढरपुर मार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन सड़क किनारे स्थित कुएं में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 4 महिलाएँ और 4 बच्चे शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कुल 14 श्रद्धालु सवार थे। ये सभी श्रद्धालु सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महाराष्ट्र सरकार ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।1