श्री अग्रवाल सलेमाबादी पंचायत द्वारा आयोजित 18वें समर कैंप का समापन समारोह रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागी बालिकाओं एवं युवतियों ने कैंप के दौरान सीखे गए नृत्य और गरबा जैसी कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन महाराजाधिराज अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष हुआ, जिसमें विशिष्ट अतिथि निर्मल बंसल और पवम गोयल, कार्यक्रम अध्यक्ष ओमप्रकाश सर्राफ, पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सलेमबादी, मंत्री सी.ए. मोहित गर्ग और संयोजक महेश गर्ग सहित कई सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कमलराम मीना ने इस कैंप को बहुआयामी बताते हुए कहा कि यह कला, कौशल और रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्द तथा आपसी समझ को बढ़ावा देने वाला एक सेतु है, जिससे बच्चे और अभिभावक दोनों ही समय का सदुपयोग कर हर्षित हुए हैं। उन्होंने समाज को ऐसे प्रयास समय-समय पर करते रहने का आह्वान किया। अति विशिष्ट अतिथि उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह ने भी बालिकाओं की कला एवं कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सलेमबादी ने 11 दिवसीय इस शिविर की सफलता का श्रेय पंचायत एवं समाज के सदस्यों के आपसी समन्वय और लगन को दिया। उन्होंने प्रशिक्षिकाओं के समर्पण, अनुशासन और समय के प्रति प्रतिबद्धता को कैंप के उद्देश्यों की सफलता का आधार बताया। अंत में, पंचायत मंत्री सी.ए. मोहित गर्ग ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों के कौशल विकास के इस शिविर में उनकी उपस्थिति, उत्साह और उमंग ने इसे एक उत्सव में बदल दिया। इस दौरान आर.सी.गोयल, रमेश बंसल, राधेश्याम डाणी, नितेश गोयल, अमित बंसल, निखिल जिंदल, श्रवण बंसल, श्यामसुंदर अग्रवाल, ताराचंद अग्रवाल, किशोर अग्रवाल, आशीष गोयल, अतुल सिंघल, आलोक गुप्ता, राकेश गर्ग, श्यामसुंदर सिंघल, राहुल अग्रवाल, पवन अग्रवाल, दीपक गुप्ता, प्रबोध बंसल, उदित अग्रवाल, नरेश गुप्ता, डॉ अरुणा गुप्ता, निशा जैन, निशा गर्ग, सारांश गोयल, सोनिया बंसल, सीमा बंसल, मधु गोयल, हेमलता बंसल, नीतू बंसल, चंद्रकांता मोजड़ी, रेणु बंसल, टीना बंसल सहित पंचायत एवं समाज के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। सभी प्रशिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
श्री अग्रवाल सलेमाबादी पंचायत द्वारा आयोजित 18वें समर कैंप का समापन समारोह रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागी बालिकाओं एवं युवतियों ने कैंप के दौरान सीखे गए नृत्य और गरबा जैसी कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन महाराजाधिराज अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष हुआ, जिसमें विशिष्ट अतिथि निर्मल बंसल और पवम गोयल, कार्यक्रम अध्यक्ष ओमप्रकाश सर्राफ, पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सलेमबादी, मंत्री सी.ए. मोहित गर्ग और संयोजक महेश गर्ग सहित कई सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कमलराम मीना ने इस कैंप को बहुआयामी बताते हुए कहा कि यह कला, कौशल और रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्द तथा आपसी समझ को बढ़ावा देने वाला एक सेतु है, जिससे बच्चे और अभिभावक दोनों ही समय का सदुपयोग कर हर्षित हुए हैं। उन्होंने समाज को ऐसे प्रयास समय-समय पर करते रहने का आह्वान किया। अति विशिष्ट अतिथि उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह ने भी बालिकाओं की कला एवं कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सलेमबादी ने 11 दिवसीय इस शिविर की सफलता का श्रेय पंचायत एवं समाज के सदस्यों के आपसी समन्वय और लगन को दिया। उन्होंने प्रशिक्षिकाओं के समर्पण, अनुशासन और समय के प्रति प्रतिबद्धता को कैंप के उद्देश्यों की सफलता का आधार बताया। अंत में, पंचायत मंत्री सी.ए. मोहित गर्ग ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों के कौशल विकास के इस शिविर में उनकी उपस्थिति, उत्साह और उमंग ने इसे एक उत्सव में बदल दिया। इस दौरान आर.सी.गोयल, रमेश बंसल, राधेश्याम डाणी, नितेश गोयल, अमित बंसल, निखिल जिंदल, श्रवण बंसल, श्यामसुंदर अग्रवाल, ताराचंद अग्रवाल, किशोर अग्रवाल, आशीष गोयल, अतुल सिंघल, आलोक गुप्ता, राकेश गर्ग, श्यामसुंदर सिंघल, राहुल अग्रवाल, पवन अग्रवाल, दीपक गुप्ता, प्रबोध बंसल, उदित अग्रवाल, नरेश गुप्ता, डॉ अरुणा गुप्ता, निशा जैन, निशा गर्ग, सारांश गोयल, सोनिया बंसल, सीमा बंसल, मधु गोयल, हेमलता बंसल, नीतू बंसल, चंद्रकांता मोजड़ी, रेणु बंसल, टीना बंसल सहित पंचायत एवं समाज के कई अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। सभी प्रशिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- अजमेर जिले में एक लोडिंग गाड़ी से बिजली का तार खिंच गया, जिसके कारण एक मकान की बॉलकनी टूट गई। इस घटना से मकान को काफी नुकसान हुआ।1
- आर्यन वर्मा नाम का एक युवक NEET की तैयारी कर रहा था, लेकिन वह लगातार दो बार इस परीक्षा में असफल रहा। इस असफलता के बाद, उसने अपने परिवार को बताया कि उसका चयन भारतीय सेना में सीधे ब्रिगेडियर के पद पर हो गया है। अपनी इस मनगढ़ंत कहानी को सच साबित करने के लिए, आर्यन वर्मा ने एक कार किराए पर ली, उस पर सेना का झंडा और स्टार लगवाए। इसके साथ ही, उसने अपनी निजी सुरक्षा के लिए दो बाउंसर भी रखे और शाहजहांपुर में खुद को एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के रूप में पेश करते हुए घूमने लगा। हालांकि, आर्यन वर्मा की यह कहानी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। जल्द ही, दो सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को उस पर शक हो गया। उन्हें यह अविश्वसनीय लगा कि कोई व्यक्ति मात्र 20 साल की उम्र में ब्रिगेडियर कैसे बन सकता है, और वह भी निजी सुरक्षा के साथ। उनके संदेह के बाद, आर्यन वर्मा के इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।1
- राजस्थान के नसीराबाद में 'वानर राज' को अत्यंत भावभीनी विदाई दी गई। यह वैकुंठ यात्रा जनसहयोग से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की आस्था और प्रेम का सैलाब उमड़ पड़ा।1
- अमावस्या के शुभ अवसर पर मांगलियावास कल्पवृक्ष पर एक मेले जैसा उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। दिन भर यहाँ यात्रियों और श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा रहा, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने पहुंचकर अपनी मन्नतें मांगीं।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।1
- अजमेर स्थित जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के बाहर अन्नपूर्णा रसोई की दीवार में दरार आने की जानकारी मिली है। यह दरार अन्नपूर्णा रसोई की बाहरी दीवार पर देखी गई है।1
- अजमेर ज़िले के नसीराबाद स्थित उप जिला चिकित्सालय मरीज़ों के लिए परेशानी का केंद्र बन गया है। यहाँ रोगियों को इलाज प्राप्त करने से पहले घंटों तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोग अनुपस्थित बताए जा रहे हैं।1
- 15 जून 2026 को पीसांगन में एक समर कैंप का शानदार आगाज़ हुआ, जो 25 जून तक चलेगा। स्मार्ट ब्रेन प्ले स्कूल (महेश पब्लिक स्कूल) के तत्वाधान में आयोजित इस कैंप में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को पेंटिंग, डांस, संगीत और शतरंज की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान बच्चों को खेलकूद के माध्यम से मानसिक विकास में सहायता करने वाली चीजें भी सिखाई जा रही हैं। संस्था के प्रबंधक प्रवीण माहेश्वरी ने बताया कि पीसांगन में यह पहला ऐसा कैंप है, जहाँ डांस, पेंटिंग, शतरंज और संगीत की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। महेश पब्लिक स्कूल में अब ये सभी शिक्षाएँ पूरे साल के लिए लागू की जाएंगी।1
- सोमवार को राजस्थान में एक बार फिर धूल भरे बवंडर और तेज आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई क्षेत्रों में अचानक चली तेज हवाओं के कारण धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। इसके चलते कई इलाकों में अंधेरा भी छा गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून गतिविधियों की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।2