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महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ पंढरपुर के पास तांडुलवाड़ी गाँव के निकट माढा-पंढरपुर मार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन सड़क किनारे स्थित कुएं में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 4 महिलाएँ और 4 बच्चे शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कुल 14 श्रद्धालु सवार थे। ये सभी श्रद्धालु सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महाराष्ट्र सरकार ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
Atma Ram Saini
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ पंढरपुर के पास तांडुलवाड़ी गाँव के निकट माढा-पंढरपुर मार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन सड़क किनारे स्थित कुएं में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 4 महिलाएँ और 4 बच्चे शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कुल 14 श्रद्धालु सवार थे। ये सभी श्रद्धालु सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महाराष्ट्र सरकार ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- अमावस्या के शुभ अवसर पर मांगलियावास कल्पवृक्ष पर एक मेले जैसा उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। दिन भर यहाँ यात्रियों और श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा रहा, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने पहुंचकर अपनी मन्नतें मांगीं।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।1
- नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लूणी नदी की रपट पर एक निजी बस और इको वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इको वैन में सवार सभी लोग मूल रूप से करौली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो जैतारण क्षेत्र में मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए थे। मृतकों में जितेंद्र (40) पुत्र भीम सिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम और मन्नू (7) पुत्री योगेश शामिल हैं, जिनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, नारसी (60) पत्नी अर्जुन, मुन्नी (40) पत्नी वसन, हकीम (30) पुत्र भीम सिंह और गुनेश (30) पत्नी हकीम सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जैतारण रेफर किया गया, जहां से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार करीब 20 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को तत्काल जसनगर अस्पताल पहुंचाया। आनंदपुर कालू और रियांबड़ी से पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायलों को आगे के उपचार के लिए जैतारण अस्पताल रेफर किया गया, जिसमें एंबुलेंस पायलट महेंद्र सिंह इनानिया की तत्परता महत्वपूर्ण रही। जसनगर थाना अधिकारी छीत्तरमल ने बताया कि पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुटी। दुर्घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें जब्त कर जसनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। मृतकों के शवों को रियांबड़ी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सुचारू कर दिया।3
- पाली के मारवाड़ जंक्शन स्थित सिरियारी श्री बायोसा माताजी मंदिर धाम श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि इस मंदिर में आने वाले भक्तों की सभी मन्नतें पूरी होती हैं, साथ ही यहां पैरालिसिस के मरीज भी ठीक होते हैं। यह देवस्थान पूरे क्षेत्र की 36 कॉम के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हाल ही में, श्री बायोसा धाम सेवा समिति के सदस्यों ने रविवार को मंदिर परिसर के आसपास की गंदगी को साफ कर नवनिर्माण कार्य की शुरुआत की है। समिति ने इस पुनरुद्धार कार्य के लिए संपूर्ण ग्रामवासियों और प्रवासी बंधुओं से सहयोग की भावुक अपील की है, ताकि मंदिर का भव्य निर्माण हो सके।3
- ब्यावर में, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सेवा शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पूर्ण संवेदनशीलता, जवाबदेही और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन शिविरों को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, कलेक्टर मीना ने प्रत्येक शिविर में विभागीय अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने और मौके पर ही आमजन की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों और पेंडेंसी को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्राप्त परिवेदनाओं और संपर्क पोर्टल 181 पर दर्ज शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने शिविरों में संचालित गतिविधियों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर से योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य पात्र व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि वे सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी उपस्थिति शिविरों की प्रभावशीलता को और बढ़ाएगी। अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और राजस्व मामलों सहित अन्य विभागीय विवादों तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मीना ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की सफलता ही सुशासन, जनविश्वास और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का वास्तविक प्रमाण होगी। इस समीक्षा बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, एसडीएम श्री दिव्यांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिविर प्रभारी उपस्थित रहे।1
- ब्यावर शहर में 15 जून को कड़क धूप और भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों ने मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए अजमेरी गेट पर राहगीरों और श्रमिकों को ठंडाई तथा शीतल जल पिलाया। यह आयोजन धर्म कृष्णा परिवार की ओर से समाजसेवी योगेश कुमार यस बंसल जैन, सुनीलजी जैन, रमेश जी बंसल जैन, और अग्रवाल समाज द्वारा स्वर्गीय श्री बृजमोहन जी बंसल की स्मृति में किया गया था। इस पुण्य कार्य के तहत अजमेरी गेट पर विशेष व्यवस्था की गई, जहाँ आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर मजदूर महिलाओं, पुरुषों और मोटरसाइकिल चालकों को रोककर ठंडाई और ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। आयोजकों ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी की याद में, मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए, इस भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत पहुँचाने और सेवा-परोपकार का संदेश देने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया था। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने ठंडाई और जल ग्रहण कर राहत महसूस की। उपस्थित लोगों ने आयोजकों के कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी सेवा से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुष्टि मिलती है।1
- 15 जून 2026 को पीसांगन में एक समर कैंप का शानदार आगाज़ हुआ, जो 25 जून तक चलेगा। स्मार्ट ब्रेन प्ले स्कूल (महेश पब्लिक स्कूल) के तत्वाधान में आयोजित इस कैंप में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को पेंटिंग, डांस, संगीत और शतरंज की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान बच्चों को खेलकूद के माध्यम से मानसिक विकास में सहायता करने वाली चीजें भी सिखाई जा रही हैं। संस्था के प्रबंधक प्रवीण माहेश्वरी ने बताया कि पीसांगन में यह पहला ऐसा कैंप है, जहाँ डांस, पेंटिंग, शतरंज और संगीत की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। महेश पब्लिक स्कूल में अब ये सभी शिक्षाएँ पूरे साल के लिए लागू की जाएंगी।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच एक भयानक हादसा हो गया, जिसकी जानकारी सूत्रों से मिली है कि यह घटना राजस्थान के धौलपुर के पास हुई। उदयपुर इंटरसिटी रेल में आग फैलने की अफवाह के चलते यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी, जिसके बाद वे घबराहट में पटरियों पर कूद गए। पटरियां पार करने के दौरान, ये यात्री पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे चार यात्रियों की ट्रेन से कटकर दर्दनाक और भयावह मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, यात्रियों से सावधान रहने, सतर्क रहने, जल्दबाजी न करने, अफवाहों से बचने और ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है।1