नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लूणी नदी की रपट पर एक निजी बस और इको वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इको वैन में सवार सभी लोग मूल रूप से करौली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो जैतारण क्षेत्र में मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए थे। मृतकों में जितेंद्र (40) पुत्र भीम सिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम और मन्नू (7) पुत्री योगेश शामिल हैं, जिनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, नारसी (60) पत्नी अर्जुन, मुन्नी (40) पत्नी वसन, हकीम (30) पुत्र भीम सिंह और गुनेश (30) पत्नी हकीम सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जैतारण रेफर किया गया, जहां से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार करीब 20 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को तत्काल जसनगर अस्पताल पहुंचाया। आनंदपुर कालू और रियांबड़ी से पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायलों को आगे के उपचार के लिए जैतारण अस्पताल रेफर किया गया, जिसमें एंबुलेंस पायलट महेंद्र सिंह इनानिया की तत्परता महत्वपूर्ण रही। जसनगर थाना अधिकारी छीत्तरमल ने बताया कि पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुटी। दुर्घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें जब्त कर जसनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। मृतकों के शवों को रियांबड़ी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सुचारू कर दिया।
नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लूणी नदी की रपट पर एक निजी बस और इको वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इको वैन में सवार सभी लोग मूल रूप से करौली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो जैतारण क्षेत्र में मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए थे। मृतकों में जितेंद्र (40) पुत्र भीम सिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम और मन्नू (7) पुत्री योगेश शामिल हैं, जिनकी घटनास्थल पर
ही मृत्यु हो गई। वहीं, नारसी (60) पत्नी अर्जुन, मुन्नी (40) पत्नी वसन, हकीम (30) पुत्र भीम सिंह और गुनेश (30) पत्नी हकीम सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जैतारण रेफर किया गया, जहां से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार करीब 20 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को तत्काल जसनगर अस्पताल पहुंचाया। आनंदपुर कालू और रियांबड़ी से पहुंची एंबुलेंस की
मदद से घायलों को आगे के उपचार के लिए जैतारण अस्पताल रेफर किया गया, जिसमें एंबुलेंस पायलट महेंद्र सिंह इनानिया की तत्परता महत्वपूर्ण रही। जसनगर थाना अधिकारी छीत्तरमल ने बताया कि पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुटी। दुर्घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें जब्त कर जसनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। मृतकों के शवों को रियांबड़ी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सुचारू कर दिया।
- मेड़ता और रियांबड़ी में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से जुड़े 16 कार्यकर्ताओं को 11 महीने पुराने बजरी लीज विवाद के एक मामले में सोमवार को मेड़ता कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इस कार्रवाई के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर RLP नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रविवार तड़के पादूकलां थाना पुलिस ने नागौर पुलिस की छह से अधिक टीमों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और इन आरोपियों को उनके घरों से हिरासत में लिया था। थाना प्रभारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से तीन दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने केवल एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला जुलाई 2025 में रियांबड़ी क्षेत्र के रोहिसा रोड स्थित आड़ा मार्ग चौराहे के निकट हुए बजरी खनन विवाद से संबंधित है। उस समय बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों और बजरी लीजधारक पक्ष के बीच हिंसक विवाद बढ़ गया था। घटना के दौरान मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन में आगजनी जैसी वारदातें सामने आई थीं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, जिसमें ग्रामीणों ने लीजधारक पक्ष पर कैंपर वाहन से प्रदर्शनकारियों को कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया था, जबकि लीजधारक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लीज क्षेत्र में घुसकर वाहनों को नुकसान पहुँचाने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके तथा अनुसंधान को आगे बढ़ाया जा सके। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुखराज ग्वाला, चैनाराम ग्वाला, चैनाराम जाट, रामाकिशन माली, कानाराम माली, रामेश्वर माली, दिनेश गहलोत, महावीर सामरिया, महेंद्र माली, मनोहर माली, सुरेश माली, दिनेश दगदी, चैनाराम उर्फ देवाराम, राकेश सैनी, अंबालाल बावरी और सुनील सांखला शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- 15 जून 2026 को पीसांगन में एक समर कैंप का शानदार आगाज़ हुआ, जो 25 जून तक चलेगा। स्मार्ट ब्रेन प्ले स्कूल (महेश पब्लिक स्कूल) के तत्वाधान में आयोजित इस कैंप में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को पेंटिंग, डांस, संगीत और शतरंज की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान बच्चों को खेलकूद के माध्यम से मानसिक विकास में सहायता करने वाली चीजें भी सिखाई जा रही हैं। संस्था के प्रबंधक प्रवीण माहेश्वरी ने बताया कि पीसांगन में यह पहला ऐसा कैंप है, जहाँ डांस, पेंटिंग, शतरंज और संगीत की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। महेश पब्लिक स्कूल में अब ये सभी शिक्षाएँ पूरे साल के लिए लागू की जाएंगी।1
- ब्यावर जिले में आयोजित चार दिवसीय आत्म रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है।2
- साइबर धोखाधड़ी का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है, जिसमें जालसाज कथित तौर पर एआई-जनरेटेड वीडियो और फर्जी बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल कर आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर बदल रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरीके से अपराधी ओटीपी, बैंक खातों, यूपीआई ऐप और आधार से जुड़ी अन्य डिजिटल सेवाओं तक आसानी से पहुँच प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह की कई शिकायतें सामने आने के बाद, साइबर क्राइम ब्रांच ने एक एडवाइजरी जारी की है। साइबर पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया है कि कैसे धोखेबाज फर्जी इंटरव्यू, वीडियो केवाईसी और डेटा लीक का सहारा लेकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी कड़ी में, जयपुर की एक 28 वर्षीय महिला को एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू का लिंक मिला, जिसके बाद वह इस धोखाधड़ी का शिकार होते-होते बचीं। वीडियो इंटरव्यू के दौरान, उनसे पहले सामान्य प्रश्न पूछे गए, और बाद में इंटरव्यू लेने वाले ने चयन प्रक्रिया के लिए चेहरे के सत्यापन को आवश्यक बताया। महिला को अपना चेहरा अलग-अलग कोणों पर घुमाने, बार-बार पलकें झपकाने और कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर देखने के लिए कहा गया। साक्षात्कार के बाद उन्हें कंपनी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें ई-केवाईसी और डिजिटल वॉलेट सक्रियण से संबंधित संदेश मिलने शुरू हो गए, जिसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस से संपर्क किया। जाँच में यह खुलासा हुआ कि उनके नाम पर फर्जी डिजिटल खाता खोलने का प्रयास किया गया था। साइबर विशेषज्ञों को संदेह है कि साक्षात्कार के दौरान रिकॉर्ड किए गए महिला के वीडियो और चेहरे के डेटा का उपयोग एआई-आधारित फेस क्लोनिंग या डीपफेक मॉडल बनाने के लिए किया गया होगा। आरोप है कि ऐसे डीपफेक मॉडलों का उपयोग आधार सत्यापन प्रणालियों को दरकिनार करने और धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।1
- ब्यावर शहर में अमावस के पवित्र अवसर पर सत्तू जी, बाबूलाल जी और उनके साथियों ने मिलकर लोगों को मालपुए बांटे और शीतल जल पिलाकर पुण्य का कार्य किया, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। यह धर्मार्थ कार्य विशेष रूप से ब्यावर जिले के मजदूर, किसान और बाजार में आने-जाने वाले लोगों के लिए किया गया। बीते दिन उन्हें केरी का पानी भी पिलाया गया था, जिससे उनका कलेजा ठंडा हुआ। अमावस के इस अवसर पर, ठंडी शिकंजी और शीतल जल पीकर तथा मालपुए खाकर लोगों को सुकून मिला और उन्होंने इस पहल के लिए आशीर्वाद दिया। इस पुण्य के कार्य की जानकारी ब्यावर से पत्रकार साबुद्दीन खानभुट्टा, मेड़तिया लौहार न्यूज़पेपर, सत्य आपके सामने चैनल, बात आपकी, वांटेड समाचार और आवाज इंडिया न्यूज़ जैसे माध्यमों द्वारा लोगों तक पहुँचाई गई। इस तरह, ब्यावर जिले में अमावस के पावन अवसर पर, कड़ी गर्मी में मजदूरों को मालपुए खिलाकर और ठंडा शीतल जल पिलाकर उन्हें राहत प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य संपन्न हुआ।1
- जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के बाहर गंदगी का आलम बना हुआ है, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- नागौर जिले में एक दिन पहले बजरी लीज विवाद से जुड़े 11 माह पुराने मामले में गिरफ्तार किए गए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) से जुड़े 16 लोगों को सोमवार सुबह मेड़ता कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस दौरान मेड़ता कोर्ट के बाहर आरएलपी नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही, वहीं कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। गौरतलब है कि रियांबड़ी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन से संबंधित इस 11 माह पुराने मामले में पादूकलां पुलिस ने रविवार तड़के सुबह बड़ी कार्रवाई की थी। नागौर पुलिस की आधा दर्जन से अधिक टीमों ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को उनके घरों से हिरासत में लिया था। पादूकलां थाना प्रभारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए न्यायालय से तीन दिन का पुलिस रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। अब पुलिस रिमांड के दौरान सभी आरोपियों से घटना से जुड़ी पूछताछ कर अनुसंधान में तेजी लाई जाएगी, साथ ही इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भी धरपकड़ की जाएगी। थाना प्रभारी के अनुसार, यह कार्रवाई जुलाई 2025 में रियांबड़ी के रोहिसा रोड स्थित आड़ा मार्ग चौराहे के निकट हुई हिंसक घटना से संबंधित है। उस दौरान बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों और बजरी लीजधारक पक्ष के बीच विवाद हो गया था, जिसमें मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन को आग लगाने की घटना सामने आई थी। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जानकारी के मुताबिक, 7 जुलाई 2025 की शाम को बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने लीजधारक पक्ष पर कैंपर वाहन से कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। वहीं, लीजधारक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लीज क्षेत्र में घुसकर वाहनों में तोड़फोड़ और नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। पुलिस लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी और इसी जांच के आधार पर रविवार को यह गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुखराज ग्वाला, चैनाराम ग्वाला, चैनाराम जाट, रामाकिशन माली, कानाराम माली, रामेश्वर माली, दिनेश गहलोत, महावीर सामरिया, महेंद्र माली, मनोहर माली, सुरेश माली, दिनेश दगदी, चैनाराम उर्फ देवाराम, राकेश सैनी, अंबालाल बावरी और सुनील सांखला शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान मामले में पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।1