ब्यावर में, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सेवा शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पूर्ण संवेदनशीलता, जवाबदेही और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन शिविरों को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, कलेक्टर मीना ने प्रत्येक शिविर में विभागीय अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने और मौके पर ही आमजन की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों और पेंडेंसी को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्राप्त परिवेदनाओं और संपर्क पोर्टल 181 पर दर्ज शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने शिविरों में संचालित गतिविधियों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर से योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य पात्र व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि वे सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी उपस्थिति शिविरों की प्रभावशीलता को और बढ़ाएगी। अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और राजस्व मामलों सहित अन्य विभागीय विवादों तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मीना ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की सफलता ही सुशासन, जनविश्वास और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का वास्तविक प्रमाण होगी। इस समीक्षा बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, एसडीएम श्री दिव्यांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिविर प्रभारी उपस्थित रहे।
ब्यावर में, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सेवा शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पूर्ण संवेदनशीलता, जवाबदेही और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन शिविरों को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, कलेक्टर मीना ने प्रत्येक शिविर में विभागीय अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने और मौके पर ही आमजन की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों और पेंडेंसी को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्राप्त परिवेदनाओं और संपर्क पोर्टल 181 पर दर्ज शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने शिविरों में संचालित गतिविधियों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर से योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य पात्र व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि वे सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी उपस्थिति शिविरों की प्रभावशीलता को और बढ़ाएगी। अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और राजस्व मामलों सहित अन्य विभागीय विवादों तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मीना ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की सफलता ही सुशासन, जनविश्वास और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का वास्तविक प्रमाण होगी। इस समीक्षा बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, एसडीएम श्री दिव्यांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिविर प्रभारी उपस्थित रहे।
- ब्यावर में, जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों-2026 की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सेवा शिविर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पूर्ण संवेदनशीलता, जवाबदेही और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन शिविरों को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, कलेक्टर मीना ने प्रत्येक शिविर में विभागीय अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने और मौके पर ही आमजन की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों और पेंडेंसी को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्राप्त परिवेदनाओं और संपर्क पोर्टल 181 पर दर्ज शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने शिविरों में संचालित गतिविधियों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिविर से योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य पात्र व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि वे सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी उपस्थिति शिविरों की प्रभावशीलता को और बढ़ाएगी। अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और राजस्व मामलों सहित अन्य विभागीय विवादों तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मीना ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की सफलता ही सुशासन, जनविश्वास और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का वास्तविक प्रमाण होगी। इस समीक्षा बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, एसडीएम श्री दिव्यांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिविर प्रभारी उपस्थित रहे।1
- ब्यावर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" का 14 जून को सफल समापन हुआ। केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रदर्शनी के तीसरे और अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों का अवलोकन किया। आमजन में प्रदर्शनी के समापन दिवस पर भी विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनी में राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों, नवाचारों, सुशासन की पहलों और जनहितकारी योजनाओं को आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण तरीके से प्रदर्शित किया गया। फोटो गैलरी, विकास कार्यों के विवरण, योजनाओं की जानकारी और विभागीय उपलब्धियों से संबंधित सामग्री ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। 12 से 14 जून तक चली इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों और उपलब्धियों को आकर्षक डिजाइनों, फोटो व सूचना सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किए जाने की सराहना की। आगंतुकों ने प्रदर्शनी को जनजागरूकता का एक प्रभावी माध्यम बताया और कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त होना अत्यंत उपयोगी रहा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना तथा अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से लाभान्वित करना रहा। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने प्रदर्शनी को सफल एवं सार्थक बनाया।1
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ ने आज पाली में "12 साल बेमिसाल" अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों को दर्शाती एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, श्री राठौड़ ने बुद्धिजीवी सम्मेलन और विशेष जनसंपर्क अभियान में भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में "सेवा, सुशासन और जनकल्याण" के प्रति समर्पित 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें जनहितकारी योजनाओं और "विकसित भारत" के संकल्प पर भी खास ध्यान दिया गया। उपस्थित प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए, संगठन को और अधिक सुदृढ़ करने तथा सरकार की उपलब्धियों को व्यापक जनसमूह तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नाहर सिंह जोधा, कैबिनेट मंत्री श्री अविनाश गहलोत, श्री जोराराम कुमावत, पाली सांसद श्री पीपी चौधरी, मारवाड़ जंक्शन विधायक श्री केसाराम चौधरी, पाली जिला अध्यक्ष श्री सुनील भंडारी, पाली जिला प्रभारी श्री श्याम शर्मा, पूर्व मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण दवे और पूर्व विधायक श्री ज्ञानचंद पारख सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- रायपुर उपखंड क्षेत्र के बिराटिया कंला में धोलीधेड़ गांव का तालाब स्थित है।1
- ब्यावर शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत वाहनों पर अवैध काली फिल्म लगाने, सीट बेल्ट के बिना वाहन चलाने, हेलमेट नहीं पहनने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और मार्गों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 20 वाहन चालकों के चालान बनाए गए। इसके साथ ही, पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी और उनका पालन करने के लिए जागरूक भी किया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें और अपने तथा दूसरों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।1
- अजमेर के पीसांगन उपखंड क्षेत्र में मांगलियावास थाना अंतर्गत सराधना गांव के पास अजमेर-ब्यावर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार मिनी ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों, नाहरपुरा निवासी 34 वर्षीय लालसिंह रावत और परबतपुरा, अजमेर निवासी 29 वर्षीय सुशील सिंह रावत, की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर उन्होंने हैड कांस्टेबल रामकुंवार शास्त्री को जेएलएन अस्पताल भेजा। मृतक सुशील सिंह रावत के भाई राजूसिंह रावत की रिपोर्ट पर दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया और बाद में परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं दुर्घटना के बाद मिनी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। एक साथ दो युवकों की मौत से दोनों परिवारों में गहरा सदमा और कोहराम मच गया है।3
- पीसांगन उपखंड क्षेत्र के रूपाहेली गांव में दो साँपों के बीच हुई लड़ाई ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा और कौतूहल का विषय बन गई। यह घटना आज शाम सूर्यास्त के समय रूपाहेली निवासी हेमाराम जाखड़ के खेत में स्थित मकान के समीप घटी। हेमाराम जाखड़ ने जानकारी दी कि कांटेदार बाड़ से लगभग 10 फीट लंबे दो सांप बाहर निकले और एक-दूसरे से लड़ने लगे। इस बीच, हेमाराम जाखड़ के पिता संग्राम चौधरी ने बताया कि पारंपरिक तौर पर सांपों का लड़ना बरसात के लिहाज से एक अच्छा और शुभ संकेत माना जाता है।4
- केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ब्यावर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' का 14 जून को सफल समापन हो गया। इस प्रदर्शनी के तीसरे और अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों का अवलोकन किया, जिससे आमजन में विशेष उत्साह देखने को मिला। 12 से 14 जून तक चली इस प्रदर्शनी में राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों, नवाचारों, सुशासन की पहलों और जनहितकारी योजनाओं को आकर्षक तथा जानकारीपूर्ण तरीके से प्रदर्शित किया गया। फोटो गैलरी, विकास कार्यों के विवरण, योजनाओं की जानकारी और विभागीय उपलब्धियों से संबंधित प्रदर्श सामग्री ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। आगंतुकों ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों, जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों के आकर्षक डिजाइनों, फोटो तथा सूचना सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किए जाने की सराहना की। उन्होंने प्रदर्शनी को जनजागरूकता का एक प्रभावी माध्यम बताया और कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करना अत्यंत उपयोगी रहा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना तथा अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था, जिसे तीन दिवसीय आयोजन के दौरान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने सफल एवं सार्थक बनाया।1