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मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच एक भयानक हादसा हो गया, जिसकी जानकारी सूत्रों से मिली है कि यह घटना राजस्थान के धौलपुर के पास हुई। उदयपुर इंटरसिटी रेल में आग फैलने की अफवाह के चलते यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी, जिसके बाद वे घबराहट में पटरियों पर कूद गए। पटरियां पार करने के दौरान, ये यात्री पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे चार यात्रियों की ट्रेन से कटकर दर्दनाक और भयावह मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, यात्रियों से सावधान रहने, सतर्क रहने, जल्दबाजी न करने, अफवाहों से बचने और ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है।
Mahesh panchariya
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच एक भयानक हादसा हो गया, जिसकी जानकारी सूत्रों से मिली है कि यह घटना राजस्थान के धौलपुर के पास हुई। उदयपुर इंटरसिटी रेल में आग फैलने की अफवाह के चलते यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी, जिसके बाद वे घबराहट में पटरियों पर कूद गए। पटरियां पार करने के दौरान, ये यात्री पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे चार यात्रियों की ट्रेन से कटकर दर्दनाक और भयावह मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, यात्रियों से सावधान रहने, सतर्क रहने, जल्दबाजी न करने, अफवाहों से बचने और ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को जैतारण उपखंड की ग्राम पंचायत बांझाकुड़ी एवं बलुन्दा में हुए शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कैबिनेट मंत्री गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। निरीक्षण के दौरान, मंत्री गहलोत ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित राजस्थान के संकल्प को सशक्त करते हुए ग्राम पंचायत बलुन्दा में पौधारोपण किया और उपस्थित ग्रामीणों को भी अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संदेश दिया। उन्होंने ग्राम पंचायत बांझाकुड़ी निवासी संतोष देवी को विधवा पेंशन योजना का स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। मंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इन ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। इस अवसर पर, जिला कलक्टर कमल राम मीना ने शिविरों में प्राप्त प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति से मंत्री को अवगत कराया। मंत्री ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे, और शिविरों में आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण देखने को मिल रहा है।1
- सोमवार, 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पादू खुर्द स्थित जय श्रीराम गौशाला में गौहितार्थ लापसी प्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौसेवा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और गौशाला के सुचारु संचालन के लिए जनसहयोग को प्रोत्साहित करना था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने भाग लिया। सुबह से ही गौशाला में गौभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौमाता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और उनके सुख, समृद्धि तथा संरक्षण की कामना की। इस दौरान गौमाताओं को हरा चारा, गुड़ और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री भी खिलाई गई। सभी उपस्थित लोगों ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए गौसंरक्षण का संकल्प लिया। गौशाला समिति के सदस्यों ने इस अवसर पर बताया कि सोमवती अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस दिन दान-पुण्य के साथ-साथ गौसेवा का भी विशेष महत्व होता है। इसी धार्मिक भावना के साथ यह लापसी प्रसादी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण, महिलाएं, युवा और गौभक्त सभी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में आए सभी श्रद्धालुओं को लापसी प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर गौशाला के विकास कार्यों और गौमाताओं के उचित पालन-पोषण के लिए समाज से सहयोग का आह्वान भी किया गया। गौशाला समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही गौशालाओं का कुशल संचालन संभव है। यह पूरा आयोजन धार्मिक और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें गौमाता के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। अंत में गौमाता की आरती उतारी गई और सभी के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की गई। प्रसादी वितरण के साथ 'जय गौ माता' के उद्घोष के साथ इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने गौसेवा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रकट किया।1
- अमावस्या के शुभ अवसर पर मांगलियावास कल्पवृक्ष पर एक मेले जैसा उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। दिन भर यहाँ यात्रियों और श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा रहा, जहाँ दूर-दूर से आए भक्तों ने पहुंचकर अपनी मन्नतें मांगीं।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा संबल बन रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना ने ब्यावर की ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उन्हें संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिली है। दरअसल, श्रीमती सविता देवी के पति स्वर्गीय श्री नन्द किशोर सिंह का कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्रीमती सविता देवी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। श्रीमती सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता राशि उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाने में मदद मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लूणी नदी की रपट पर एक निजी बस और इको वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इको वैन में सवार सभी लोग मूल रूप से करौली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो जैतारण क्षेत्र में मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए थे। मृतकों में जितेंद्र (40) पुत्र भीम सिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम और मन्नू (7) पुत्री योगेश शामिल हैं, जिनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, नारसी (60) पत्नी अर्जुन, मुन्नी (40) पत्नी वसन, हकीम (30) पुत्र भीम सिंह और गुनेश (30) पत्नी हकीम सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जैतारण रेफर किया गया, जहां से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार करीब 20 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को तत्काल जसनगर अस्पताल पहुंचाया। आनंदपुर कालू और रियांबड़ी से पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायलों को आगे के उपचार के लिए जैतारण अस्पताल रेफर किया गया, जिसमें एंबुलेंस पायलट महेंद्र सिंह इनानिया की तत्परता महत्वपूर्ण रही। जसनगर थाना अधिकारी छीत्तरमल ने बताया कि पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुटी। दुर्घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें जब्त कर जसनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। मृतकों के शवों को रियांबड़ी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सुचारू कर दिया।3
- पाली जिले के नेहड़ा बांध से दूषित पानी छोड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा ने अधिकारियों के साथ बांध का दौरा किया। यह कमेटी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदूषण की समस्या का आकलन करने के लिए गठित की गई है। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले जल संसाधन विभाग की ओर से बांध से नदी में दूषित पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद किसानों के एक गुट ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। जस्टिस संगीत लोढ़ा ने एसडीएम रोहट और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मामले पर फीडबैक लिया। किसान प्रतिनिधि वागाराम विश्नोई और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामनिया भी बांध पर मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नेहड़ा बांध पर पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया था, जहाँ जस्टिस लोढ़ा ने मौजूदा हालातों का जायजा लिया।3
- ब्यावर शहर में 15 जून को कड़क धूप और भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों ने मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए अजमेरी गेट पर राहगीरों और श्रमिकों को ठंडाई तथा शीतल जल पिलाया। यह आयोजन धर्म कृष्णा परिवार की ओर से समाजसेवी योगेश कुमार यस बंसल जैन, सुनीलजी जैन, रमेश जी बंसल जैन, और अग्रवाल समाज द्वारा स्वर्गीय श्री बृजमोहन जी बंसल की स्मृति में किया गया था। इस पुण्य कार्य के तहत अजमेरी गेट पर विशेष व्यवस्था की गई, जहाँ आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर मजदूर महिलाओं, पुरुषों और मोटरसाइकिल चालकों को रोककर ठंडाई और ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। आयोजकों ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी की याद में, मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए, इस भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत पहुँचाने और सेवा-परोपकार का संदेश देने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया था। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने ठंडाई और जल ग्रहण कर राहत महसूस की। उपस्थित लोगों ने आयोजकों के कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी सेवा से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुष्टि मिलती है।1
- मेड़ता और रियांबड़ी में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से जुड़े 16 कार्यकर्ताओं को 11 महीने पुराने बजरी लीज विवाद के एक मामले में सोमवार को मेड़ता कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इस कार्रवाई के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर RLP नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रविवार तड़के पादूकलां थाना पुलिस ने नागौर पुलिस की छह से अधिक टीमों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और इन आरोपियों को उनके घरों से हिरासत में लिया था। थाना प्रभारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से तीन दिन के रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने केवल एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला जुलाई 2025 में रियांबड़ी क्षेत्र के रोहिसा रोड स्थित आड़ा मार्ग चौराहे के निकट हुए बजरी खनन विवाद से संबंधित है। उस समय बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों और बजरी लीजधारक पक्ष के बीच हिंसक विवाद बढ़ गया था। घटना के दौरान मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन में आगजनी जैसी वारदातें सामने आई थीं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, जिसमें ग्रामीणों ने लीजधारक पक्ष पर कैंपर वाहन से प्रदर्शनकारियों को कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया था, जबकि लीजधारक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लीज क्षेत्र में घुसकर वाहनों को नुकसान पहुँचाने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके तथा अनुसंधान को आगे बढ़ाया जा सके। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुखराज ग्वाला, चैनाराम ग्वाला, चैनाराम जाट, रामाकिशन माली, कानाराम माली, रामेश्वर माली, दिनेश गहलोत, महावीर सामरिया, महेंद्र माली, मनोहर माली, सुरेश माली, दिनेश दगदी, चैनाराम उर्फ देवाराम, राकेश सैनी, अंबालाल बावरी और सुनील सांखला शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- नागौर जिले में एक दिन पहले बजरी लीज विवाद से जुड़े 11 माह पुराने मामले में गिरफ्तार किए गए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) से जुड़े 16 लोगों को सोमवार सुबह मेड़ता कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस दौरान मेड़ता कोर्ट के बाहर आरएलपी नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही, वहीं कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। गौरतलब है कि रियांबड़ी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन से संबंधित इस 11 माह पुराने मामले में पादूकलां पुलिस ने रविवार तड़के सुबह बड़ी कार्रवाई की थी। नागौर पुलिस की आधा दर्जन से अधिक टीमों ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को उनके घरों से हिरासत में लिया था। पादूकलां थाना प्रभारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए न्यायालय से तीन दिन का पुलिस रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। अब पुलिस रिमांड के दौरान सभी आरोपियों से घटना से जुड़ी पूछताछ कर अनुसंधान में तेजी लाई जाएगी, साथ ही इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भी धरपकड़ की जाएगी। थाना प्रभारी के अनुसार, यह कार्रवाई जुलाई 2025 में रियांबड़ी के रोहिसा रोड स्थित आड़ा मार्ग चौराहे के निकट हुई हिंसक घटना से संबंधित है। उस दौरान बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों और बजरी लीजधारक पक्ष के बीच विवाद हो गया था, जिसमें मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन को आग लगाने की घटना सामने आई थी। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जानकारी के मुताबिक, 7 जुलाई 2025 की शाम को बजरी खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने लीजधारक पक्ष पर कैंपर वाहन से कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। वहीं, लीजधारक पक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर लीज क्षेत्र में घुसकर वाहनों में तोड़फोड़ और नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। पुलिस लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी और इसी जांच के आधार पर रविवार को यह गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुखराज ग्वाला, चैनाराम ग्वाला, चैनाराम जाट, रामाकिशन माली, कानाराम माली, रामेश्वर माली, दिनेश गहलोत, महावीर सामरिया, महेंद्र माली, मनोहर माली, सुरेश माली, दिनेश दगदी, चैनाराम उर्फ देवाराम, राकेश सैनी, अंबालाल बावरी और सुनील सांखला शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान मामले में पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।1