सोमवार, 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पादू खुर्द स्थित जय श्रीराम गौशाला में गौहितार्थ लापसी प्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौसेवा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और गौशाला के सुचारु संचालन के लिए जनसहयोग को प्रोत्साहित करना था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने भाग लिया। सुबह से ही गौशाला में गौभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौमाता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और उनके सुख, समृद्धि तथा संरक्षण की कामना की। इस दौरान गौमाताओं को हरा चारा, गुड़ और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री भी खिलाई गई। सभी उपस्थित लोगों ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए गौसंरक्षण का संकल्प लिया। गौशाला समिति के सदस्यों ने इस अवसर पर बताया कि सोमवती अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस दिन दान-पुण्य के साथ-साथ गौसेवा का भी विशेष महत्व होता है। इसी धार्मिक भावना के साथ यह लापसी प्रसादी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण, महिलाएं, युवा और गौभक्त सभी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में आए सभी श्रद्धालुओं को लापसी प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर गौशाला के विकास कार्यों और गौमाताओं के उचित पालन-पोषण के लिए समाज से सहयोग का आह्वान भी किया गया। गौशाला समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही गौशालाओं का कुशल संचालन संभव है। यह पूरा आयोजन धार्मिक और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें गौमाता के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। अंत में गौमाता की आरती उतारी गई और सभी के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की गई। प्रसादी वितरण के साथ 'जय गौ माता' के उद्घोष के साथ इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने गौसेवा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रकट किया।
सोमवार, 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पादू खुर्द स्थित जय श्रीराम गौशाला में गौहितार्थ लापसी प्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौसेवा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और गौशाला के सुचारु संचालन के लिए जनसहयोग को प्रोत्साहित करना था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने भाग लिया। सुबह से ही गौशाला में गौभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौमाता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और उनके सुख, समृद्धि तथा संरक्षण की कामना की। इस दौरान गौमाताओं को हरा चारा, गुड़ और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री भी खिलाई गई। सभी उपस्थित लोगों ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए गौसंरक्षण का संकल्प लिया। गौशाला समिति के सदस्यों ने इस अवसर पर बताया कि सोमवती अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस दिन दान-पुण्य के साथ-साथ गौसेवा का भी विशेष महत्व होता है। इसी धार्मिक भावना के साथ यह लापसी प्रसादी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण, महिलाएं, युवा और गौभक्त सभी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में आए सभी श्रद्धालुओं को लापसी प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर गौशाला के विकास कार्यों और गौमाताओं के उचित पालन-पोषण के लिए समाज से सहयोग का आह्वान भी किया गया। गौशाला समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही गौशालाओं का कुशल संचालन संभव है। यह पूरा आयोजन धार्मिक और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें गौमाता के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। अंत में गौमाता की आरती उतारी गई और सभी के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की गई। प्रसादी वितरण के साथ 'जय गौ माता' के उद्घोष के साथ इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने गौसेवा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रकट किया।
- राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।1
- नागौर जिले के जसनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लूणी नदी की रपट पर एक निजी बस और इको वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इको वैन में सवार सभी लोग मूल रूप से करौली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो जैतारण क्षेत्र में मार्बल व्यवसाय से जुड़े हुए थे। मृतकों में जितेंद्र (40) पुत्र भीम सिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम और मन्नू (7) पुत्री योगेश शामिल हैं, जिनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, नारसी (60) पत्नी अर्जुन, मुन्नी (40) पत्नी वसन, हकीम (30) पुत्र भीम सिंह और गुनेश (30) पत्नी हकीम सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जैतारण रेफर किया गया, जहां से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार करीब 20 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को तत्काल जसनगर अस्पताल पहुंचाया। आनंदपुर कालू और रियांबड़ी से पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायलों को आगे के उपचार के लिए जैतारण अस्पताल रेफर किया गया, जिसमें एंबुलेंस पायलट महेंद्र सिंह इनानिया की तत्परता महत्वपूर्ण रही। जसनगर थाना अधिकारी छीत्तरमल ने बताया कि पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुटी। दुर्घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें जब्त कर जसनगर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। मृतकों के शवों को रियांबड़ी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने वाहनों को हटवाकर सुचारू कर दिया।3
- अजमेर के पीसांगन उपखंड मुख्यालय में दो सांपों के बीच हुई लड़ाई स्थानीय लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई। कस्बे के रामपुरा डाबला रोड पर स्थित सूरजमल ढंजा के कबाड़ गोदाम में यह घटना देखने को मिली, जहां बिल से बाहर निकलकर करीब 10 फीट लंबे दो सांप कबाड़ के ढेर पर आपस में लड़ने लगे। सांपों की इस लड़ाई को देखने के लिए आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। प्रत्यक्षदर्शी हंसराज लुहार फतेहपुरा के अनुसार, सांपों का लड़ना अमूमन बरसात के लिहाज से एक अच्छा और शुभ संकेत माना जाता है। उन्होंने बताया कि पहले भी जब-जब सांपों में ऐसी लड़ाई देखी गई है, तब-तब अधिकतम एक सप्ताह के भीतर अच्छी और बेहतर बरसात हुई है, जिससे उस वर्ष अच्छी पैदावार और खेतों में भरपूर फसल हुई है। फिडर इंचार्ज जमील अहमद के मुताबिक, ऐसा ही एक और दृश्य विजेंद्र जाट के कुएं पर देखने को मिला, जहां विजेंद्र जाट के खेत में नीम के पेड़ के नीचे लगभग 8-9 फीट लंबे दो सांप आपस में गुत्थमगुत्था मिले।3
- कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ग्रामीण सेवा शिविरों में पहुंचे। इन शिविरों में उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही, मंत्री गहलोत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।1
- अजमेर की रामगंज थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सांसी बस्ती से एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से लाखों रुपये कीमत का 637 ग्राम गांजा और 347 ग्राम एमडी ड्रग्स पाउडर बरामद किया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही महिला भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। इस मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। दक्षिण सीओ मनीष बड़गुर्जर के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में भगवानगंज चौकी के कांस्टेबलों ने भी अहम भूमिका निभाई। अब पुलिस इस पूरे नशा सप्लाई नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।1
- सोमवार, 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पादू खुर्द स्थित जय श्रीराम गौशाला में गौहितार्थ लापसी प्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौसेवा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और गौशाला के सुचारु संचालन के लिए जनसहयोग को प्रोत्साहित करना था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने भाग लिया। सुबह से ही गौशाला में गौभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौमाता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और उनके सुख, समृद्धि तथा संरक्षण की कामना की। इस दौरान गौमाताओं को हरा चारा, गुड़ और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री भी खिलाई गई। सभी उपस्थित लोगों ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए गौसंरक्षण का संकल्प लिया। गौशाला समिति के सदस्यों ने इस अवसर पर बताया कि सोमवती अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस दिन दान-पुण्य के साथ-साथ गौसेवा का भी विशेष महत्व होता है। इसी धार्मिक भावना के साथ यह लापसी प्रसादी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण, महिलाएं, युवा और गौभक्त सभी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में आए सभी श्रद्धालुओं को लापसी प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर गौशाला के विकास कार्यों और गौमाताओं के उचित पालन-पोषण के लिए समाज से सहयोग का आह्वान भी किया गया। गौशाला समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही गौशालाओं का कुशल संचालन संभव है। यह पूरा आयोजन धार्मिक और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें गौमाता के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। अंत में गौमाता की आरती उतारी गई और सभी के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की गई। प्रसादी वितरण के साथ 'जय गौ माता' के उद्घोष के साथ इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने गौसेवा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रकट किया।1
- मायापुर निवासी एक महिला ने मांगलियावास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन पर नाजायज कब्जे की नीयत से हमला करने वाले 15-20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिला का आरोप है कि न्यायालय राजस्व अपील प्राधिकारी अजमेर के अपील संख्या 179/2026 में 24 अप्रैल 2026 को स्थगन आदेश होने के बावजूद आरोपी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और मारपीट कर धमकियां दे रहे हैं। शिकायत के अनुसार, 14 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे जब महिला अपने परिवारजनों के साथ खेतों की जुताई कर रही थी, तभी 15-20 लोगों ने एकराय होकर लाठियों व सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके पुत्र ओम के हाथ की उंगली सहित शरीर पर चोटें लगीं। बीच-बचाव करने आए परिजनों में देवेन्द्र पुत्र रघुनाथ के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और राजवीर सिंह पुत्र श्रीराम के सिर पर गंभीर चोटें आईं। महिला ने 14 जून की सुबह खेत की खंभे व तारबंदी तोड़ने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी आरोपियों के खिलाफ विवाद और सुरक्षा को लेकर शिकायतें दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने पुलिस से इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।4