ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड की ग्राम पंचायत आझियाना में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर का आज अंतिम दिन था। आसींद विधानसभा क्षेत्र के इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर शिविर प्रभारी व बदनोर तहसीलदार भवानी शंकर और ग्राम विकास अधिकारी ललित कुमार कोठारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की महिलाओं ने एक गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म अदा की। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत की ओर से पात्र लोगों को 11 पट्टे और 10 जॉब कार्ड वितरित कर लाभान्वित किया गया। वहीं, चंबल जल परियोजना की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखने को मिला और उन्होंने तहसीलदार भवानी शंकर को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना अब सिर्फ नाम की रह गई है और लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। अधिकारी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। इस बड़ी समस्या पर तहसीलदार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद चंबल जल परियोजना के अधिकारी को ज्ञापन का हवाला देकर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड की ग्राम पंचायत आझियाना में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर का आज अंतिम दिन था। आसींद विधानसभा क्षेत्र के इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर शिविर प्रभारी व बदनोर तहसीलदार भवानी शंकर और ग्राम विकास
अधिकारी ललित कुमार कोठारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की महिलाओं ने एक गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म अदा की। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत की ओर से पात्र लोगों को 11 पट्टे और 10 जॉब कार्ड वितरित कर लाभान्वित किया
गया। वहीं, चंबल जल परियोजना की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखने को मिला और उन्होंने तहसीलदार भवानी शंकर को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना अब सिर्फ नाम की रह गई है और लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। अधिकारी
शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। इस बड़ी समस्या पर तहसीलदार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद चंबल जल परियोजना के अधिकारी को ज्ञापन का हवाला देकर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
- राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम में अन्नपूर्णा रसोई के भीतर एक 6 फीट लंबा सांप घुस गया। इस सांप के रेस्क्यू के दौरान वहां मौजूद वन्यजीव प्रेमी को सांप ने काट लिया। हालांकि, राहत की बात यह है कि रेस्क्यू के बाद बताया गया कि यह सांप जहरीला नहीं है।1
- भीलवाड़ा के मांडल स्थित नानकपुरा गांव में कंचन इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ कपड़ा गोदाम में मजदूरी का कार्य कर रहे बालेसरिया पंचायत निवासी लादू लाल बेरवा की टीन शेड गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। लादू लाल गोदाम में काम कर रहे थे, तभी छत पर लगा टीन शेड अचानक उनके ऊपर गिर गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और मृतक के परिचित फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हो गए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। घटना की जानकारी मिलने पर मांडल थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।4
- राजस्थान के भीलवाड़ा में निजी स्कूल संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (MGH) के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में प्रसूताओं की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना को लेकर सेन युवा एकता मंच ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंच ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन थिएटर (OT) में संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद लगातार सर्जरी की जाती रही, जिसके कारण महज छह दिनों में पांच प्रसूताओं की असमय मौत हो गई। मंच ने इसे बेहद गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए दोषी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने और उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की पुरजोर मांग की है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मंच ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें अस्पताल की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था में तत्काल सुधार, आधुनिक उपकरण व पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता, और मृत प्रसूताओं के परिजनों को उचित मुआवजा देना शामिल है। इसके साथ ही, मृतकों के आश्रित बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा के लिए विशेष सरकारी सहायता योजना चलाने तथा जांच रिपोर्ट व कार्रवाई को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4
- भीलवाड़ा शहर में लगातार हो रही नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए भीमगंज थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहसिन उर्फ टिन्चा, मोहम्मद साहिल उर्फ टुटीया और सलमा बानो के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने भीमगंज और मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में दो-दो वारदातों समेत कुल चार जगह चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। यह पूरी कार्रवाई 29 जून 2026 को तिलक नगर निवासी बालमुकुंद छीपा द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद शुरू हुई। बालमुकुंद अपने परिवार के साथ उज्जैन यात्रा पर गए हुए थे, तभी 27 जून की रात को अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान का ताला तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घटनास्थल के पास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह आरोपी दिन के समय कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों की रेकी करते थे और रात में ताला तोड़कर नकदी व जेवरात लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहम्मद साहिल उर्फ टुटीया वारदात के बाद मुंबई भागने की फिराक में था, जिसे आरपीएफ और अजमेर डीएसटी के सहयोग से समय रहते पकड़ लिया गया। इस गिरोह में शामिल उसकी मां सलमा बानो चोरी के गहनों को बेचने और उन्हें ठिकाने लगाने में आरोपियों का सहयोग करती थी। भीमगंज थाना पुलिस ने मंगलवार रात करीब 8 बजे इस कार्रवाई की जानकारी दी है और फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों तथा चोरी किए गए सामान की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है।1
- श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में करीब 500 करोड़ रुपये के नकली चांदी के चढ़ावे का बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भक्तों द्वारा मां वैष्णो देवी के दरबार में चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी में से जांच के दौरान 95 प्रतिशत चांदी नकली पाई गई है। चंदा और चढ़ावा चोरी होने की घटनाओं के बाद अब नकली चांदी का यह मामला सामने आने से लोगों में भारी आक्रोश है। ऐसी शर्मनाक स्थिति को देखकर तो अब यही लगता है कि मंदिरों में चढ़ावे को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। जैतारण से राधेश्याम दाधीच की रिपोर्ट के अनुसार, श्राइन बोर्ड द्वारा कराए गए विशेष टेस्ट में यह खुलासा हुआ कि कुल 20 टन चांदी के चढ़ावे में से केवल 5-6 प्रतिशत चांदी ही असली थी, जबकि बाकी के 95 प्रतिशत चढ़ावे में भारी मात्रा में कैडमियम की मिलावट की गई थी। इस बेहद संवेदनशील मामले पर जम्मू की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को 29 जुलाई को पूरे रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने का आदेश जारी किया है।1
- राजसमंद जिले के भीम में एक अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है, जहां एक प्रेग्नेंट महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद महिला के परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- राजस्थान में गैर-सरकारी विद्यालयों की सामाजिक और शैक्षिक भूमिका को देखते हुए भीलवाड़ा जिला निजी स्कूल संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति ने इस ज्ञापन के जरिए आरटीई सहित निजी विद्यालयों से जुड़ी अपनी 13 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि समाज और शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद सरकार द्वारा गैर-सरकारी स्कूलों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया जा रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरटीई के तहत बकाया भुगतान, विद्यालयों की मान्यता और प्रशासनिक समस्याओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि शिक्षा सत्र 2025-26 का आरटीई भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए और आरटीई के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को समाप्त करने, आरटीई की फीस का समय पर भुगतान करने, वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने तथा कोविड काल के दौरान कराए गए ऑनलाइन शिक्षण कार्य का भुगतान करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा विद्यालयों पर लगाए जा रहे प्रशासनिक प्रभार को समाप्त करने, पहले किए गए भुगतानों की जांच कराने और यूनिट कॉस्ट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की मांग भी इस ज्ञापन में शामिल है। निजी स्कूल संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निजी विद्यालयों की इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।4
- भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर सर्व समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है और सभी ने इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1