राजस्थान में गैर-सरकारी विद्यालयों की सामाजिक और शैक्षिक भूमिका को देखते हुए भीलवाड़ा जिला निजी स्कूल संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति ने इस ज्ञापन के जरिए आरटीई सहित निजी विद्यालयों से जुड़ी अपनी 13 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि समाज और शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद सरकार द्वारा गैर-सरकारी स्कूलों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया जा रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरटीई के तहत बकाया भुगतान, विद्यालयों की मान्यता और प्रशासनिक समस्याओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि शिक्षा सत्र 2025-26 का आरटीई भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए और आरटीई के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को समाप्त करने, आरटीई की फीस का समय पर भुगतान करने, वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने तथा कोविड काल के दौरान कराए गए ऑनलाइन शिक्षण कार्य का भुगतान करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा विद्यालयों पर लगाए जा रहे प्रशासनिक प्रभार को समाप्त करने, पहले किए गए भुगतानों की जांच कराने और यूनिट कॉस्ट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की मांग भी इस ज्ञापन में शामिल है। निजी स्कूल संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निजी विद्यालयों की इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
राजस्थान में गैर-सरकारी विद्यालयों की सामाजिक और शैक्षिक भूमिका को देखते हुए भीलवाड़ा जिला निजी स्कूल संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति ने इस ज्ञापन के जरिए आरटीई सहित निजी विद्यालयों से जुड़ी अपनी 13 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि समाज और शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान
देने के बावजूद सरकार द्वारा गैर-सरकारी स्कूलों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया जा रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरटीई के तहत बकाया भुगतान, विद्यालयों की मान्यता और प्रशासनिक समस्याओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि शिक्षा सत्र 2025-26 का आरटीई भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए और आरटीई के तहत
पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को समाप्त करने, आरटीई की फीस का समय पर भुगतान करने, वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने तथा कोविड काल के दौरान कराए गए ऑनलाइन शिक्षण कार्य का भुगतान करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा विद्यालयों पर लगाए जा
रहे प्रशासनिक प्रभार को समाप्त करने, पहले किए गए भुगतानों की जांच कराने और यूनिट कॉस्ट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की मांग भी इस ज्ञापन में शामिल है। निजी स्कूल संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निजी विद्यालयों की इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
- भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर सर्व समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है और सभी ने इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले और आरटीई भुगतान को लेकर दो बड़े प्रदर्शन आयोजित किए गए। इस दौरान शिक्षक संघ ने एडीएम रामचंद्र खटीक को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। वहीं दूसरी तरफ, निजी विद्यालय संचालकों ने भी जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा है।1
- भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र के अंतर्गत ब्राह्मणों की सरेरी में NH 158 पुलिया पर एक सड़क हादसा घटित हुआ है। इस सड़क हादसे में मोटर साइकिल पर सवार तीन युवकों की मौत हो गई है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण शुरू करने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। बुधवार 15 जुलाई को जिलाध्यक्ष जयपाल बुरड़क के नेतृत्व में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचंद्र खटीक को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के शिक्षा विभाग के सबसे बड़े कैडर के साथ सरकार लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है, जिससे शिक्षकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। जिलामंत्री प्रदीप चौधरी ने बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले 8 साल से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अन्य सभी संवर्गों के तबादले लगभग प्रतिवर्ष किए जा रहे हैं। सरकारी नीतियों को धरातल पर उतारने में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले इस वर्ग की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में सरकार की कमजोर पैरवी के कारण पिछले 6 साल से थर्ड से सेकेंड ग्रेड की डीपीसी भी लंबित पड़ी है। जिला उपाध्यक्ष विजेंद्र अवाना ने आरोप लगाया कि हाल ही में राजनीतिक दुर्भावना के चलते गंभीर रूप से पीड़ित, विधवा, एकल महिला और सेवानिवृत्ति के नजदीक खड़े हजारों शिक्षकों के तबादले किए गए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात बिगड़ गया है। संगठन ने मांग की है कि सरकार तबादला उद्योग बंद कर एक स्थाई और पारदर्शी स्थानांतरण नीति के तहत नियमित तबादले करे। जिलासभाध्यक्ष सुनील यादव ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते राहत नहीं दी, तो 17 जुलाई को प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर जंगी प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।3
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- राजस्थान के रेलमगरा तहसील कार्यालय में नवनियुक्त तहसीलदार सतीश पाटीदार ने पदभार ग्रहण कर विधिवत रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। तहसीलदार सतीश पाटीदार ने बताया कि तहसील कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक के राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आमजन को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए कार्यालयीन कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया है ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जा सके।2
- राजस्थान में गैर-सरकारी विद्यालयों की सामाजिक और शैक्षिक भूमिका को देखते हुए भीलवाड़ा जिला निजी स्कूल संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति ने इस ज्ञापन के जरिए आरटीई सहित निजी विद्यालयों से जुड़ी अपनी 13 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि समाज और शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद सरकार द्वारा गैर-सरकारी स्कूलों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया जा रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरटीई के तहत बकाया भुगतान, विद्यालयों की मान्यता और प्रशासनिक समस्याओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि शिक्षा सत्र 2025-26 का आरटीई भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए और आरटीई के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को समाप्त करने, आरटीई की फीस का समय पर भुगतान करने, वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने तथा कोविड काल के दौरान कराए गए ऑनलाइन शिक्षण कार्य का भुगतान करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा विद्यालयों पर लगाए जा रहे प्रशासनिक प्रभार को समाप्त करने, पहले किए गए भुगतानों की जांच कराने और यूनिट कॉस्ट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की मांग भी इस ज्ञापन में शामिल है। निजी स्कूल संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निजी विद्यालयों की इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।4
- ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड की ग्राम पंचायत आझियाना में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर का आज अंतिम दिन था। आसींद विधानसभा क्षेत्र के इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर शिविर प्रभारी व बदनोर तहसीलदार भवानी शंकर और ग्राम विकास अधिकारी ललित कुमार कोठारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की महिलाओं ने एक गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म अदा की। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत की ओर से पात्र लोगों को 11 पट्टे और 10 जॉब कार्ड वितरित कर लाभान्वित किया गया। वहीं, चंबल जल परियोजना की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखने को मिला और उन्होंने तहसीलदार भवानी शंकर को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना अब सिर्फ नाम की रह गई है और लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। अधिकारी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। इस बड़ी समस्या पर तहसीलदार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद चंबल जल परियोजना के अधिकारी को ज्ञापन का हवाला देकर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।4
- 'Hello Chittorgarh' पर अब श्रद्धालुओं को रोज़ाना श्री सांवलिया सेठ के दिव्य लाइव श्रृंगार दर्शन प्राप्त होंगे। चाहे कुछ और मिले या न मिले, लेकिन इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए लोगों को हर रोज़ भगवान के इस पावन और दिव्य स्वरूप के लाइव दर्शन करने का अवसर मिलेगा।1