आज दिनांक 27/08/26को दिन बृहस्पत कोपडरौना नगर के सुभाष चौक पर विकाश इंसानशील पार्टी द्वारा अयोध्या के हनुमान गड़ी के महंथ राजू दास द्वारा निषाद समाज के नेता व कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद जी को नेशनल चैनल के डिबेट मे मां बहन की गाली व जूता चप्पल से मारने पीटने को कहा गया जो बहुत ही निंदनीय है राजू दास ने कुंवर सिंह निषाद जी को गाली नही दिया है बल्कि उसने पूरे समाज के मां बहन को गाली दिया है जिसके विरोध मे पूरे समाज के लोगो द्वारा पुतला दहन व प्रदर्शन कर पडरौना के निषाद समाज ने असंतोष जताया और भारी रोष व्याप्त किए यह पुतला दहन जिला अध्यक्ष VIP पार्टी शौखी निषाद के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ तथा संचालन जितेंद्र उर्फ मुन्ना साहनी ने कहा कुंवर सिंह निषाद का अपमान पूरे निषाद समाज का अपमान है जिसको कतई बर्दाश्त नही किया जायेगा अगर इसी तरह से किसी ने भी समाज के किसी भी व्यक्ति का अपमान किया और जो जिस भाषा मे समझेगा उसको उस भाषा मे जवाब दिया जाएगा बैठक मे मुख्यरूप से जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा मनोज साहनी जी,राम कलेश निषाद जलांचल प्रगतिपथ, जी, जोगेंद्र साहनी विधान सभा अध्यक्ष पडरौना, राजू साहनी, भगवान निषाद राजेश निषाद जवाहिर निषाद, नीरज साहनी, केदार निषाद, जगदीश निषाद, जिलापंचायत प्रत्याशी अनिल साहनी, पारस निषाद, संजय निषाद, आमिर निषाद गुड्डू निषाद राजीव निषाद आदि लोग उपस्थित रहे
आज दिनांक 27/08/26को दिन बृहस्पत कोपडरौना नगर के सुभाष चौक पर विकाश इंसानशील पार्टी द्वारा अयोध्या के हनुमान गड़ी के महंथ राजू दास द्वारा निषाद समाज के नेता व कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद जी को नेशनल चैनल के डिबेट मे मां बहन की गाली व जूता चप्पल से मारने पीटने को कहा गया जो बहुत ही निंदनीय है राजू दास ने कुंवर सिंह निषाद जी को गाली नही दिया है बल्कि उसने पूरे समाज के मां बहन को गाली दिया है जिसके विरोध मे पूरे समाज के लोगो द्वारा पुतला दहन व प्रदर्शन कर पडरौना के निषाद समाज ने असंतोष जताया और भारी रोष व्याप्त किए यह पुतला दहन जिला अध्यक्ष VIP पार्टी शौखी निषाद के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ तथा संचालन जितेंद्र उर्फ मुन्ना साहनी ने कहा कुंवर सिंह निषाद का अपमान पूरे निषाद समाज का अपमान है जिसको कतई बर्दाश्त नही किया जायेगा अगर इसी तरह से किसी ने भी समाज के किसी भी व्यक्ति का अपमान किया और जो जिस भाषा मे समझेगा उसको उस भाषा मे जवाब दिया जाएगा बैठक मे मुख्यरूप से जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा मनोज साहनी जी,राम कलेश निषाद जलांचल प्रगतिपथ, जी, जोगेंद्र साहनी विधान सभा अध्यक्ष पडरौना, राजू साहनी, भगवान निषाद राजेश निषाद जवाहिर निषाद, नीरज साहनी, केदार निषाद, जगदीश निषाद, जिलापंचायत प्रत्याशी अनिल साहनी, पारस निषाद, संजय निषाद, आमिर निषाद गुड्डू निषाद राजीव निषाद आदि लोग उपस्थित रहे
- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आयोजित रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आयोजित 'स्नेहबंधन' कार्यक्रम में आई प्रदेश की बेटियों से रक्षासूत्र बंधवाया और उनसे संवाद किया।डबल इंजन सरकार में प्रदेश की बेटियां पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रही हैं, उन्हें सम्मान मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर बनकर हर क्षेत्र में प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर रही हैं।उत्तर प्रदेश की मेरी सभी माताओं, बहनों और बेटियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई व अशेष शुभकामनाएं।1
- कुशीनगर में रात में घर में घुस कर चोरी करने का आरोप घर वालों के जगने पर छत से कूद कर भागे चोर कुशीनगर में रात में घर में घुस कर चोरी करने का आरोप घर वालों के जगने पर छत से कूद कर भागे चोर - ग्रामीणों की मदद से एक चोर को घर वालों ने पकड़ा, दूसरा फरार - परिजनों ने पकड़े गए चोर को पुलिस के हवाले किया - परिजनों के अनुसार इलाज के लिए रखे 70 हजार रुपए की हुई चोरी - बचाव में चोरों द्वारा चाकू से हमला करने का आरोप - तहरीर के आधार पर मामले की जाँच पड़ताल में जुटी पुलिस - तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव का मामला1
- रक्षाबंधन को लेकर पडरौना में देर रात तक बाजारों में रौनक, राखी और मिठाई की दुकानों पर उमड़ी भारी भीड़ रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर नगर पडरौना के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। भाई-बहन के प्रेम के इस उत्सव को खास बनाने के लिए नगर के मुख्य बाजारों में देर रात तक दुकानें खुली रहीं और खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी रही।राखियों की दुकानों पर सजीं तरह-तरह की वैरायटीनगर के सुभाष चौक, धर्मशाला रोड, बावली चौक और स्टेशन रोड पर सजी राखी की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ देखी गई। इस बार बाजार में बच्चों के लिए लाइटिंग, मोटो-पतलू और डोरेमोन वाली राखियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं, भाइयों के लिए रेशमी धागे, कलावा, चांदी और रुद्राक्ष वाली राखियों की जमकर खरीदारी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने नगर पहुंचे, जिससे देर रात तक बाजार गुलजार रहे। मिठाई की दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं त्यौहार को देखते हुए नगर की प्रतिष्ठित मिठाई दुकानों पर सुबह से शुरू हुई भीड़ रात के 11-12 बजे तक बनी रही। घेवर, काजू कतली, रसकदम, पेड़ा और रसगुल्लों की मांग सबसे अधिक रही। दुकानदारों ने भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त काउंटर भी लगाए थे। मिलावटखोरी को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें भी मुस्तैद दिखीं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक रहा धीमा देर रात तक चली इस खरीदारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मुख्य चौराहों पर महिला पुलिसकर्मियों और जवानों की तैनाती की गई थी। बाजारों में अत्यधिक भीड़ होने के कारण कई जगहों पर रुक-रुक कर जाम की स्थिति भी बनती रही, लेकिन पुलिस ने यातायात को सुचारू बनाए रखा।1
- पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है। राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ? रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है। सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ? कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है।1
- बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* नेपाल में ग्लेशियर झील फटने के बाद मची तबाही का असर अब गंडक नदी पर पड़ने की आशंका से कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट है। हालांकि राहत की खबर है कि गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। डीएम ने लोगों से पैनिक नहीं करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। वीओ: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर झील फटने और भूस्खलन के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी। इसके बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। कल डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवपुर सहित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को माइक से जागरूक किया गया और SDRF समेत राहत-बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया। हालांकि अब हालात राहत की ओर हैं। कल देर रात गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब 1 लाख 80 हजार क्यूसेक तक पहुंचा था, जो आज सुबह घटकर करीब 1 लाख 10 हजार क्यूसेक रह गया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। डीएम ने कहा कि कुशीनगर में फिलहाल स्थिति सामान्य है और किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने की अपील की। डीएम के मुताबिक पिछली बार करीब 5 लाख 60 हजार क्यूसेक पानी आने पर बाढ़ की स्थिति बनी थी, जबकि करीब 4 लाख क्यूसेक तक पानी आने की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बीओ 2: उधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कुशीनगर से सटे सीमावर्ती बिहार क्षेत्र और बैराज पुल इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने भी कहा कि खतरा अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है। बाइट: डीएम महेंद्र सिंह तंवर पीटीसी1
- सभी देशवासियों को रक्षाबंधन कि दिलीमुबारकबाद के सभी नगर पंचायत फाजिलनगर से पत्रकार हारून अली1
- *चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। इस घटना को GLOF कहते हैं!* *ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड तब आ सकता है, जब ग्लेशियर द्वारा रोकी गई झील का बांध अचानक टूट जाए* *पानी के दबाव और ग्लेशियर में बनी दरारों से बाहर निकलने का रास्ता बन जाता है। इसके बाद झील में जमा भारी मात्रा में पानी और मलबा बेहद तेज़ रफ्तार से पहाड़ों से नीचे की ओर बहता है, जिससे अचानक और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।*1
- रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह शुरू होकर 28 अगस्त सुबह समाप्त होगी। राखी बांधने का मुख्य शुभ समय सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक रहेगा। लाभ मुहूर्त 7:33 से 9:10 बजे और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9:10 से 9:48 बजे तक रहेगा। सुबह संभव न होने पर दोपहर 12:23 से 2 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार से एक दिन पहले राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। इस बार खास बात यह है कि श्रावण पूर्णिमा की तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त हो रही है। ऐसे में 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की परंपरा के अनुसार राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है। राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ? रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है। सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ? कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है। 27 अगस्त से शुरू हुई पूर्णिमा, 28 अगस्त सुबह होगी समाप्त रक्षाबंधन की तारीख को लेकर इस बार कुछ लोगों में 27 और 28 अगस्त को लेकर भ्रम भी है। इसके पीछे वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। उपलब्ध पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख और सुबह पूर्णिमा समाप्त होने की पुष्टि करते हैं। इसी वजह से 28 अगस्त शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार भद्रा को लेकर क्या है स्थिति ? रक्षाबंधन के समय भद्रा की स्थिति को लेकर भी लोगों के बीच विशेष सावधानी रहती है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। अन्य पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने की जानकारी देते हैं। रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं। रक्षाबंधन को आमतौर पर भाई-बहन के रिश्ते से जोड़कर देखा जाता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुख, स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है। समय के साथ इस त्योहार का स्वरूप भी बदला है। आज कई परिवारों में भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देते हैं और दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से भी रक्षाबंधन मनाते हैं। लेकिन पर्व का मूल भाव आज भी स्नेह, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव ही है।1