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रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह शुरू होकर 28 अगस्त सुबह समाप्त होगी। राखी बांधने का मुख्य शुभ समय सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक रहेगा। लाभ मुहूर्त 7:33 से 9:10 बजे और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9:10 से 9:48 बजे तक रहेगा। सुबह संभव न होने पर दोपहर 12:23 से 2 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार से एक दिन पहले राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। इस बार खास बात यह है कि श्रावण पूर्णिमा की तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त हो रही है। ऐसे में 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की परंपरा के अनुसार राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है। राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ? रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है। सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ? कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है। 27 अगस्त से शुरू हुई पूर्णिमा, 28 अगस्त सुबह होगी समाप्त रक्षाबंधन की तारीख को लेकर इस बार कुछ लोगों में 27 और 28 अगस्त को लेकर भ्रम भी है। इसके पीछे वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। उपलब्ध पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख और सुबह पूर्णिमा समाप्त होने की पुष्टि करते हैं। इसी वजह से 28 अगस्त शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार भद्रा को लेकर क्या है स्थिति ? रक्षाबंधन के समय भद्रा की स्थिति को लेकर भी लोगों के बीच विशेष सावधानी रहती है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। अन्य पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने की जानकारी देते हैं। रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं। रक्षाबंधन को आमतौर पर भाई-बहन के रिश्ते से जोड़कर देखा जाता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुख, स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है। समय के साथ इस त्योहार का स्वरूप भी बदला है। आज कई परिवारों में भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देते हैं और दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से भी रक्षाबंधन मनाते हैं। लेकिन पर्व का मूल भाव आज भी स्नेह, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव ही है।

58 min ago
user_Times of Uttar Pradesh
Times of Uttar Pradesh
पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
58 min ago

रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह शुरू होकर 28 अगस्त सुबह समाप्त होगी। राखी बांधने का मुख्य शुभ समय सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक रहेगा। लाभ मुहूर्त 7:33 से 9:10 बजे और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9:10 से 9:48 बजे तक रहेगा। सुबह संभव न होने पर दोपहर 12:23 से 2 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार से एक दिन पहले राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। इस बार खास बात यह है कि श्रावण पूर्णिमा की तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त हो रही है। ऐसे में 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की परंपरा के अनुसार राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है। राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ? रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है। सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ? कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है। 27 अगस्त से शुरू हुई पूर्णिमा, 28 अगस्त सुबह होगी समाप्त रक्षाबंधन की तारीख को लेकर इस बार कुछ लोगों में 27 और 28 अगस्त को लेकर भ्रम भी है। इसके पीछे वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। उपलब्ध पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख और सुबह पूर्णिमा समाप्त होने की पुष्टि करते हैं। इसी वजह से 28 अगस्त शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार भद्रा को लेकर क्या है स्थिति ? रक्षाबंधन के समय भद्रा की स्थिति को लेकर भी लोगों के बीच विशेष सावधानी रहती है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। अन्य पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने की जानकारी देते हैं। रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं। रक्षाबंधन को आमतौर पर भाई-बहन के रिश्ते से जोड़कर देखा जाता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुख, स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है। समय के साथ इस त्योहार का स्वरूप भी बदला है। आज कई परिवारों में भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देते हैं और दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से भी रक्षाबंधन मनाते हैं। लेकिन पर्व का मूल भाव आज भी स्नेह, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव ही है।

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    रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह शुरू होकर 28 अगस्त सुबह समाप्त होगी। राखी बांधने का मुख्य शुभ समय सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक रहेगा। लाभ मुहूर्त 7:33 से 9:10 बजे और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 9:10 से 9:48 बजे तक रहेगा। सुबह संभव न होने पर दोपहर 12:23 से 2 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है।
भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार से एक दिन पहले राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। इस बार खास बात यह है कि श्रावण पूर्णिमा की तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त हो रही है। ऐसे में 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की परंपरा के अनुसार राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।
राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ?
रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है।
सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ?
कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है।
27 अगस्त से शुरू हुई पूर्णिमा, 28 अगस्त सुबह होगी समाप्त
रक्षाबंधन की तारीख को लेकर इस बार कुछ लोगों में 27 और 28 अगस्त को लेकर भ्रम भी है। इसके पीछे वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है।
पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है। उपलब्ध पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख और सुबह पूर्णिमा समाप्त होने की पुष्टि करते हैं। इसी वजह से 28 अगस्त शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
इस बार भद्रा को लेकर क्या है स्थिति ?
रक्षाबंधन के समय भद्रा की स्थिति को लेकर भी लोगों के बीच विशेष सावधानी रहती है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। अन्य पंचांग स्रोत भी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने की जानकारी देते हैं।
रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं।
रक्षाबंधन को आमतौर पर भाई-बहन के रिश्ते से जोड़कर देखा जाता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुख, स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है।
समय के साथ इस त्योहार का स्वरूप भी बदला है। आज कई परिवारों में भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देते हैं और दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से भी रक्षाबंधन मनाते हैं। लेकिन पर्व का मूल भाव आज भी स्नेह, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव ही है।
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    58 min ago
  • पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है। राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ? रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है। सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ? कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है।
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    पडरौना के पंडित हरिओम जी के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। इस दौरान करीब तीन घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। सुबह का यह समय पूर्णिमा तिथि के साथ जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।
राखी बांधने के लिए सुबह का सबसे खास समय कौन सा ?
रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय को अलग-अलग शुभ मुहूर्त में बांटा गया है। सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत - सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में राखी बांधना शुभ माना जाता है। इसलिए अगर परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहा है तो सुबह 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर ध्यान में रखा जा सकता है।
सुबह राखी नहीं बांध पाए तो क्या करें ?
कई परिवारों में नौकरी, यात्रा या अन्य कारणों से सुबह राखी बांधना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए भी राहत की बात है। पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर 12:23 बजे से 2:00 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। यानी सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद भी परिवार दोपहर में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकता है।
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* नेपाल में ग्लेशियर झील फटने के बाद मची तबाही का असर अब गंडक नदी पर पड़ने की आशंका से कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट है। हालांकि राहत की खबर है कि गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। डीएम ने लोगों से पैनिक नहीं करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। वीओ: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर झील फटने और भूस्खलन के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी। इसके बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। कल डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवपुर सहित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को माइक से जागरूक किया गया और SDRF समेत राहत-बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया। हालांकि अब हालात राहत की ओर हैं। कल देर रात गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब 1 लाख 80 हजार क्यूसेक तक पहुंचा था, जो आज सुबह घटकर करीब 1 लाख 10 हजार क्यूसेक रह गया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। डीएम ने कहा कि कुशीनगर में फिलहाल स्थिति सामान्य है और किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने की अपील की। डीएम के मुताबिक पिछली बार करीब 5 लाख 60 हजार क्यूसेक पानी आने पर बाढ़ की स्थिति बनी थी, जबकि करीब 4 लाख क्यूसेक तक पानी आने की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बीओ 2: उधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कुशीनगर से सटे सीमावर्ती बिहार क्षेत्र और बैराज पुल इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने भी कहा कि खतरा अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है। बाइट: डीएम महेंद्र सिंह तंवर पीटीसी
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    बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* 
बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* 
नेपाल में ग्लेशियर झील फटने के बाद मची तबाही का असर अब गंडक नदी पर पड़ने की आशंका से कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट है। हालांकि राहत की खबर है कि गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। डीएम ने लोगों से पैनिक नहीं करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
वीओ: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर झील फटने और भूस्खलन के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी। इसके बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। कल डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवपुर सहित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को माइक से जागरूक किया गया और SDRF समेत राहत-बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया। हालांकि अब हालात राहत की ओर हैं। कल देर रात गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब 1 लाख 80 हजार क्यूसेक तक पहुंचा था, जो आज सुबह घटकर करीब 1 लाख 10 हजार क्यूसेक रह गया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
डीएम ने कहा कि कुशीनगर में फिलहाल स्थिति सामान्य है और किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने की अपील की। डीएम के मुताबिक पिछली बार करीब 5 लाख 60 हजार क्यूसेक पानी आने पर बाढ़ की स्थिति बनी थी, जबकि करीब 4 लाख क्यूसेक तक पानी आने की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
बीओ 2: उधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कुशीनगर से सटे सीमावर्ती बिहार क्षेत्र और बैराज पुल इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने भी कहा कि खतरा अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
बाइट: डीएम महेंद्र सिंह तंवर 
पीटीसी
    user_Ajeet kumar
    Ajeet kumar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कुशीनगर में बाढ़ का खतरा! डीएम ने जारी किया आदेश, लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संवेदनशील इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर
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    कुशीनगर में बाढ़ का खतरा! डीएम ने जारी किया आदेश, लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संवेदनशील इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर
    user_Shrikrishn
    Shrikrishn
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। आपको बता दे कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार जुलूस निकाले गए, जिनमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान हर तरफ अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।
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    कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया।
आपको बता दे कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार जुलूस निकाले गए, जिनमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान हर तरफ अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।
    user_Neeraj Saha Journalist
    Neeraj Saha Journalist
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • फ्री बस सेवा में बसों की कमी से यात्री परेशान त्योहार के रक्षाबंधन पर 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, भाइयों को राखी बांधने निकली बहनों की राह, बसों की कमी से परेशानी
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    फ्री बस सेवा में बसों की कमी से यात्री परेशान त्योहार के
रक्षाबंधन पर 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, भाइयों को राखी बांधने निकली बहनों की राह, बसों की कमी से परेशानी
    user_विकास गुप्ता पत्रकार
    विकास गुप्ता पत्रकार
    Court reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • कुंवर सिंह निषाद के अपमान पर भड़का निषाद समाज, पडरौना में पुतला दहन कर जताया विरोध
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    कुंवर सिंह निषाद के अपमान पर भड़का निषाद समाज, पडरौना में पुतला दहन कर जताया विरोध
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • राजू दास के अमर्यादित बयान के विरोध में वीआईपी पार्टी ने फूंका पुतला। महंत राजू दास द्वारा कथित तौर पर अमर्यादित भाषा के प्रयोग के विरोध में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर उनका प्रतीकात्मक पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने राजू दास के बयान की निंदा करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। गुरुवार को पड़रौना के सुभाष चौक पर हुए प्रदर्शन में वीआईपी पार्टी के जिला अध्यक्ष शौखी निषाद व जितेन्द्र साहनी सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा का प्रयोग उचित नहीं है और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
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    राजू दास के अमर्यादित बयान के विरोध में वीआईपी पार्टी ने फूंका पुतला।
महंत राजू दास द्वारा कथित तौर पर अमर्यादित भाषा के प्रयोग के विरोध में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर उनका प्रतीकात्मक पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने राजू दास के बयान की निंदा करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
गुरुवार को पड़रौना के सुभाष चौक पर हुए प्रदर्शन में वीआईपी पार्टी के जिला अध्यक्ष शौखी निषाद व जितेन्द्र साहनी सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा का प्रयोग उचित नहीं है और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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