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जम्मूकश्मीर में बीजेपी के विधायक को धक्के मार कर विधानसभा से बाहर निकाला बीजेपी के विधायक को धक्के मार कर विधानसभा से बाहर निकाला
ATISH KUMAR
जम्मूकश्मीर में बीजेपी के विधायक को धक्के मार कर विधानसभा से बाहर निकाला बीजेपी के विधायक को धक्के मार कर विधानसभा से बाहर निकाला
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- सरिता विहार, अली गांव वार्ड नंबर 186 ओखला विधानसभा, दिल्ली दिल्ली के सरिता विहार इलाके के अली गांव में मकानों पर कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी का माहौल है। लोगों का आरोप है कि जिन घरों में वे पिछले 40 से 50 वर्षों से रह रहे हैं, अब उन्हीं मकानों को खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं और जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार से पांच पीढ़ियां इसी जगह रहते हुए गुजर गईं। इसी जमीन पर परिवार बसे, बच्चे बड़े हुए, शादियां हुईं और लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर अपने आशियाने तैयार किए। लेकिन अब कार्रवाई की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर उनके मकान हटाए जाते हैं तो उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं बचेगा। लोगों का एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर यह जमीन उस समय उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में आती थी और उस दौरान यहां रहने वाले लोगों से दिल्ली के नाम पर वोट लिया जाता था, तो अब इतने वर्षों बाद उनके मकानों और जमीन को लेकर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं? यह स्थानीय लोगों का सवाल है, जिसका जवाब संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपेक्षित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए बेहद कम समय दिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले उनके दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए और प्रभावित परिवारों की बात सुननी चाहिए। महिलाओं में भी अपने घर को लेकर गहरी चिंता दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि उन्होंने घर बनाने में अपनी पूरी जिंदगी की पूंजी लगा दी। अगर मकान टूटता है तो परिवार सड़क पर आने की स्थिति में पहुंच सकता है। कुछ महिलाएं भावुक होकर अपने घर बचाने की गुहार लगाती नजर आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से अपील है कि लोगों की बात सुनी जाए और किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की स्थिति, दस्तावेजों और पुनर्वास की संभावनाओं पर स्पष्ट जानकारी दी जाए। स्थानीय लोगों का कहना है— “हमारी चार-पांच पीढ़ियां यहां रह चुकी हैं। हमारे बच्चे यहीं बड़े हुए हैं। हमने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई इन घरों में लगा दी है। अब अगर घर टूट गया तो हम कहां जाएंगे?” फिलहाल अली गांव में लोगों के बीच अपने आशियाने को लेकर डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासन से न्याय, सुनवाई और उचित समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की शिकायतों और दस्तावेजों की जांच के बाद क्या कदम उठाता है।1
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