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किन्नौर के उरनी में एक लोहे का पुल टूट गया, जिसके परिणामस्वरूप एक डंपर वाहन पुल सहित नीचे खाई में जा गिरा। इस घटना में डंपर का चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है, जिससे किन्नौर में एक बड़ा हादसा टल गया।
Him News Update
किन्नौर के उरनी में एक लोहे का पुल टूट गया, जिसके परिणामस्वरूप एक डंपर वाहन पुल सहित नीचे खाई में जा गिरा। इस घटना में डंपर का चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है, जिससे किन्नौर में एक बड़ा हादसा टल गया।
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- हिमाचल प्रदेश में मिड-डे मील वर्कर्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के बैनर तले टॉलैंड से सचिवालय तक रोष रैली निकाली गई, जहाँ उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन वेतन बढ़ोतरी, पूरे 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और नियमितीकरण सहित कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान यूनियन नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर लंबे समय से मिड डे मील वर्कर्स की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। यूनियन की राज्य महासचिव शांति देवी और अध्यक्ष संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 17 वर्षों में मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, और राज्य सरकार भी इस मुद्दे पर उदासीन रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि मिड डे मील वर्कर्स को नियमित वेतन नहीं मिलता, बल्कि कई बार तीन-तीन महीने तक वेतन लंबित रहता है और भुगतान भी एकमुश्त नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त के कारण बच्चों की संख्या कम होने पर वर्कर्स की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं। यूनियन ने प्रमुखता से मांग की है कि हाई कोर्ट के फैसले के अनुरूप मिड डे मील वर्कर्स को पूरे 12 महीने का वेतन दिया जाए। उनकी अन्य मांगों में हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक वेतन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरह अवकाश, 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त को समाप्त करना, ग्रेच्युटी और पेंशन सुविधा प्रदान करना, मेडिकल जांच का खर्च विभाग द्वारा वहन करना और मिड डे मील वर्कर्स के लिए नियमितीकरण की नीति बनाना शामिल है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।4
- हिमाचल प्रदेश के रिवालसर से संबंध रखने वाले मुक्केबाज दीक्षित शर्मा ने पेशेवर बॉक्सिंग में एक बार फिर अपना जलवा दिखाया है। उन्होंने हरियाणा में आयोजित एक मैच में अपने प्रतिद्वंद्वी को पहले ही राउंड में नॉकआउट कर शानदार जीत दर्ज की। यह दीक्षित शर्मा की लगातार दूसरी पेशेवर बॉक्सिंग जीत है, जिसके साथ उन्होंने जीत के झंडे गाड़ दिए हैं।1
- बिलासपुर जिले के लगदयो में प्राकृतिक खेती एवं अनुभव साझाकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 1000 किसानों ने भाग लिया।1
- पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को हड़ेटा पंचायत के सिमलां दा ग्रां गांव पहुंचकर मर्चेंट नेवी के दिवंगत डेक कैडेट आदित्य शर्मा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा और दादा अशोक शर्मा सहित अन्य परिवारजनों को ढांढस बंधाते हुए इस असहनीय दुःख की घड़ी में हरसंभव सहयोग और संबल प्रदान करने का भरोसा दिलाया। अनुराग ठाकुर ने युवा आदित्य शर्मा के असामयिक निधन को पूरे हिमाचल प्रदेश और देश के लिए अत्यंत पीड़ादायक बताया, जिसकी क्षतिपूर्ति करना कभी संभव नहीं है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। यह दुखद घटना 10 जून को ओमान तट के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में हुई थी, जब पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर 'एमटी सेट्टेबेलो' पर अमेरिकी सैन्य हमला हुआ। इस हमले में 23 वर्षीय डेक कैडेट आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीय नाविकों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद से, अनुराग सिंह ठाकुर लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास मस्कट, नौवहन मंत्रालय, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के संपर्क में रहे। उन्होंने दिवंगत आदित्य शर्मा के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने के लिए लगातार समन्वय स्थापित किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता आदित्य शर्मा के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक और शीघ्र भारत लाना था, ताकि परिवार उन्हें अंतिम विदाई दे सके। केंद्र सरकार और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से यह प्रक्रिया पूरी हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश और हम सब परिवार के साथ खड़े हैं। अनुराग ठाकुर ने यह भी रेखांकित किया कि समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविक देश की अर्थव्यवस्था और वैश्विक समुद्री गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, और ऐसे में उनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- सामाजिक कार्यकर्ता नेहा भारती ने जंतर-मंतर पर लोक रिपोर्ट से बातचीत के दौरान जातिगत भेदभाव, सामाजिक पूर्वाग्रह और दलित-मुस्लिम संबंधों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि मुसलमान देश में नहीं रहते हैं, तो दलित समुदाय की स्थिति और भी अधिक असुरक्षित हो सकती है। उनके अनुसार, हाशिए पर रहने वाले समुदायों को अक्सर भेदभाव और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है, और इस संदर्भ में दलित समुदाय पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। नेहा भारती ने अपने स्कूली और कॉलेज के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें अक्सर यह टिप्पणी सुनने को मिलती थी कि “तुम दलित या जाटव जैसी नहीं दिखतीं।” उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में गहराई से जड़ें जमा चुके जातिगत पूर्वाग्रहों और रूढ़ियों को उजागर करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के कुछ वर्गों में दलितों के प्रति नकारात्मक धारणाएं लंबे समय से बनी हुई हैं। यह रिपोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता नेहा भारती द्वारा व्यक्त किए गए विचारों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1
- हिमाचल प्रदेश के मंडी में 3 से 5 जुलाई तक देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के दौरान संस्कृति सदन में कुल 25 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म फेस्टिवल में जाने-माने कलाकार संजय मिश्रा, आदित्य श्रीवास्तव और यशपाल शर्मा सहित कई अन्य सितारे भी शिरकत करेंगे।1
- हमीरपुर से भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उषा बिरला ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन लोगों पर निशाना साधा है जो माननीय श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी के 20 वर्षों के जनसेवा और विकास कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं। उषा बिरला ने कहा कि अनुराग जी ने लगातार पांच बार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विकास, सुशासन और जनसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उषा बिरला ने अनुराग सिंह ठाकुर जी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हुआ, जिसने हिमाचल प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं पर्यटन के नए अवसर सृजित किए। उनके योगदान से बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और बहुप्रतीक्षित भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन परियोजना को गति मिली। धौलासिद्ध हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके अतिरिक्त, हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज, ऊना में ट्रिपल आईटी, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसी अनेक योजनाएं उनके संसदीय क्षेत्र में खुलवाई गईं, जिससे शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हुईं। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, रिंग रोड परियोजनाओं और बेहतर सड़क संपर्क के माध्यम से क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी गई। बिरला ने कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में अनुराग ठाकुर जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करवाए और लोगों को राहत पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हजारों परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध करवाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों के माध्यम से हजारों युवाओं को खेलों से जोड़ा गया, जबकि "भारत दर्शन" कार्यक्रम के जरिए प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को देश के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करवाकर उनके ज्ञान और अनुभव का विस्तार किया गया। गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग और पोषण सहायता जैसी योजनाओं ने भी अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा दिया गया, जिससे अनेक बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवारों की मजबूती का आधार बनी हैं। उषा बिरला ने उन लोगों से सवाल किया जो आज अनुराग जी के 20 वर्षों का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने पूछा कि वे पहले यह क्यों नहीं पूछते कि सत्ता में आने से पहले महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने, गोबर खरीदने, दूध खरीदने, युवाओं को रोजगार देने और अन्य कई बड़े-बड़े वादों का क्या हुआ। बिरला ने मांग की कि जनता को बताया जाए कि इनमें से कितने वादे पूरे हुए हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अनुराग सिंह ठाकुर जी का विकास कार्य स्वयं बोलता है, जिसे जनता ने देखा और महसूस किया है, और इसी कारण उन्हें लगातार अपना आशीर्वाद मिला है। उषा बिरला ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि विकास, जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है, और कांग्रेस को पहले अपने वादों का हिसाब देना चाहिए, फिर अनुराग ठाकुर के 20 वर्षों का मूल्यांकन करना चाहिए।2
- आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में किए गए इस दौरे के दौरान वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी और शौचालयों का गहन निरीक्षण किया गया। आप नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में बिस्तरों की भारी कमी के कारण मरीजों को फर्श पर लेटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, स्ट्रेचर और ट्रॉली की अनुपलब्धता के चलते गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पार्टी ने दवाओं की किल्लत का मुद्दा भी उठाया, यह कहते हुए कि मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर आप ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित दुकानों में लगी भीषण आग ने एक दर्दनाक हादसे का रूप ले लिया है। दुकानों के ऊपर संचालित हो रही एक कोचिंग में कई छात्र-छात्राएं फंस गए। अपनी जान बचाने के लिए इनमें से कई को छत और छज्जे से छलांग लगानी पड़ी। इस भीषण अग्निकांड में कुल 15 लोगों की मौत हो गई है।1