अम्बेडकरनगर प्रेस क्लब के वर्ष 2026 के चुनावों की घोषणा के साथ ही सदस्यता और मतदाता सूची को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। कई पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि सदस्यता शुल्क जमा करने के बावजूद उनके नाम सदस्य सूची और मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। इस विवाद के केंद्र में निराला साहित्य की संपादक विभावती मौर्य का मामला है, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2019 में निर्धारित 500 रुपये का सदस्यता शुल्क बैंक के माध्यम से जमा किया था। मौर्य के अनुसार, शुल्क भुगतान के बावजूद उन्हें आज तक प्रेस क्लब की सदस्यता नहीं मिली है और न ही उनका नाम सदस्य सूची में जोड़ा गया है। उन्होंने इस संबंध में वर्ष 2019 में प्रेस क्लब की कार्यकारिणी को लिखित शिकायत भी दी थी, जिसमें उन्होंने सदस्यता सूची में नाम शामिल करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि पात्र सदस्यों को शामिल किए बिना चुनाव कराए गए, तो इसकी शिकायत सक्षम अधिकारियों से की जाएगी। जानकारी के अनुसार, प्रेस क्लब चुनाव से पहले अन्य पत्रकारों की ओर से भी मतदाता सूची में नाम न होने और सदस्यता संबंधी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने की चर्चा है, जो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाती हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अम्बेडकरनगर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का पक्ष अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है, और उनका पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव से पहले सदस्यता और मतदाता सूची से जुड़े इन विवादों का समाधान किस प्रकार होता है और चुनाव समिति इस मामले में क्या निर्णय लेती है।
अम्बेडकरनगर प्रेस क्लब के वर्ष 2026 के चुनावों की घोषणा के साथ ही सदस्यता और मतदाता सूची को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। कई पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि सदस्यता शुल्क जमा करने के बावजूद उनके नाम सदस्य सूची और मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। इस विवाद के केंद्र में निराला साहित्य की संपादक विभावती मौर्य का मामला है, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2019 में निर्धारित 500 रुपये का सदस्यता शुल्क बैंक के माध्यम से जमा किया था। मौर्य के अनुसार, शुल्क भुगतान के बावजूद उन्हें आज तक प्रेस क्लब की सदस्यता नहीं मिली है और न ही उनका नाम सदस्य सूची में जोड़ा गया है। उन्होंने इस संबंध में वर्ष 2019 में प्रेस क्लब की कार्यकारिणी को लिखित शिकायत भी दी थी, जिसमें उन्होंने सदस्यता सूची में नाम शामिल करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि पात्र सदस्यों को शामिल किए बिना चुनाव कराए गए, तो इसकी शिकायत सक्षम अधिकारियों से की जाएगी। जानकारी के अनुसार, प्रेस क्लब चुनाव से पहले अन्य पत्रकारों की ओर से भी मतदाता सूची में नाम न होने और सदस्यता संबंधी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने की चर्चा है, जो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाती हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अम्बेडकरनगर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का पक्ष अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है, और उनका पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव से पहले सदस्यता और मतदाता सूची से जुड़े इन विवादों का समाधान किस प्रकार होता है और चुनाव समिति इस मामले में क्या निर्णय लेती है।
- अम्बेडकरनगर प्रेस क्लब के वर्ष 2026 के चुनावों की घोषणा के साथ ही सदस्यता और मतदाता सूची को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। कई पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि सदस्यता शुल्क जमा करने के बावजूद उनके नाम सदस्य सूची और मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। इस विवाद के केंद्र में निराला साहित्य की संपादक विभावती मौर्य का मामला है, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2019 में निर्धारित 500 रुपये का सदस्यता शुल्क बैंक के माध्यम से जमा किया था। मौर्य के अनुसार, शुल्क भुगतान के बावजूद उन्हें आज तक प्रेस क्लब की सदस्यता नहीं मिली है और न ही उनका नाम सदस्य सूची में जोड़ा गया है। उन्होंने इस संबंध में वर्ष 2019 में प्रेस क्लब की कार्यकारिणी को लिखित शिकायत भी दी थी, जिसमें उन्होंने सदस्यता सूची में नाम शामिल करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि पात्र सदस्यों को शामिल किए बिना चुनाव कराए गए, तो इसकी शिकायत सक्षम अधिकारियों से की जाएगी। जानकारी के अनुसार, प्रेस क्लब चुनाव से पहले अन्य पत्रकारों की ओर से भी मतदाता सूची में नाम न होने और सदस्यता संबंधी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने की चर्चा है, जो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाती हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अम्बेडकरनगर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का पक्ष अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है, और उनका पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव से पहले सदस्यता और मतदाता सूची से जुड़े इन विवादों का समाधान किस प्रकार होता है और चुनाव समिति इस मामले में क्या निर्णय लेती है।1
- अंबेडकर नगर के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवतगांव में नहर के किनारे एक 45 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। शव की शिनाख्त बसखारी थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव के एक युवक के तौर पर होते हुए नजर आ रही है। इस सनसनीखेज खबर के बाद मौके पर पहुंची पुलिस कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है और घटना के हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।1
- एक दुखद सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई है। इस दुर्घटना में मृतक युवक की पत्नी और बेटा घायल हो गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- Post by Durgesh Mishra1
- आगामी मोहर्रम पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना महुली पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश तथा अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी धनघटा के पर्यवेक्षण में, थाना महुली पुलिस के सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ अपने-अपने ड्यूटी स्थलों पर तैनात हैं। थाना क्षेत्र के सभी ताजिया मार्गों, संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर लगातार पैदल और वाहन गश्त की जा रही है। पुलिसकर्मी ताजियादारों, आयोजकों, धर्मगुरुओं और स्थानीय नागरिकों से लगातार बातचीत कर आपसी भाईचारा, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। ड्यूटी के दौरान जुलूस मार्गों का दोबारा निरीक्षण कर बिजली के तारों, अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके। सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी सतर्कता, संयम और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं और किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें। थाना महुली पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी लगातार नजर रखे हुए है। अफवाह फैलाने वाले या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। थाना महुली पुलिस जिले के निवासियों से अपील करती है कि वे मोहर्रम पर्व को पारंपरिक श्रद्धा, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं, किसी भी तरह की भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या समस्या की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। थाना महुली पुलिस "सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास" के संकल्प के साथ जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।4
- आज मुंबई मुमरा में एक विशेष अवसर पर सभी लोग एकत्रित हुए हैं। आयोजकों ने इस अवसर पर सभी से जल्द से जल्द पहुँचने का आग्रह किया है।1
- अम्बेडकर नगर के किछौछा स्थित ताजिया जुलूस मार्ग पर डीएम ने मोहर्रम की तैयारियों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।1
- अंबेडकरनगर जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग द्वारा बिजली बिल में त्रुटि होने पर अतिरिक्त या डबल भुगतान की वसूली तो तत्काल कर ली जाती है, लेकिन जब अतिरिक्त जमा धनराशि वापस करने की बात आती है तो उन्हें लंबे समय तक विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह स्थिति विभाग पर सवाल खड़े कर रही है। इसी तरह के एक मामले में, एक उपभोक्ता ने विभाग पर लापरवाही के कारण डबल बिल का भुगतान कराने का आरोप लगाया। गलती स्वीकार किए जाने के बावजूद, अतिरिक्त धनराशि वापस नहीं की गई। उपभोक्ता का कहना है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला है। उपभोक्ताओं की मांग है कि विभाग को बिलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए और यदि किसी उपभोक्ता से अतिरिक्त राशि जमा हो जाती है तो उसका रिफंड निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए, क्योंकि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से समय और आर्थिक नुकसान दोनों होता है। इस संबंध में, बिजली विभाग के अधिकारियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है। विभाग की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।1
- अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर स्थित जीवत गांव में नहर किनारे एक शव मिलने की सूचना पर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनूप सिंह ने इस घटना के संबंध में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विषय में जानकारी प्रदान की है।1