नमामि भारतम्’ में गूंजा वंदे मातरम्, पाली में 16 स्थानों पर 4,765 लोगों ने किया सामूहिक गायन पाली,ब्युरो चीफ मनीष राठौड़। विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी आयोजन में विद्यार्थी, अभिभावक, आचार्य व प्रबंध समिति के सदस्य हुए सहभागी; देशभर में एक ही समय पर 25 हजार स्थानों पर हुवे आयोजन में एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने समूर्ण राष्ट्र गीत वन्दे मातरम् का किया गायन। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पाली में भी उत्साह और गरिमामय वातावरण में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। विद्या भारती पाली की सरस्वती शिक्षा समिति द्वारा संचालित सभी विद्या मंदिरों में प्रातः 11 बजे विद्यार्थी, अभिभावक, आचार्य, प्रबंध समिति के सदस्य एवं समाज के नागरिकों ने एक साथ वंदे मातरम् गाकर मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा एवं प्रचार विभाग के गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरस्वती शिक्षा समिति के सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती बालिका विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, श्री हंस निर्वाण सरस्वती विद्यालय, एम. शांतिलाल मेहता सरस्वती विद्या निकेतन, सरस्वती शिशु वाटिका सर्वोदय नगर एवं आदर्श विद्या मंदिर सहित कुल 16 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। इन आयोजनों में पाली में कुल 4,765 विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्रबंध समिति सदस्यों एवं आचार्यों ने सहभागिता करते हुए एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा,डॉ. महेंद्र सिंह, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय सोजत; राजेंद्र लखेरा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी; ऊषा अखावत, अध्यक्ष सरस्वती शिक्षा समिति; विनीता तनवानी; दुर्गावाहिनी की प्रिया चौहान; कमल गोयल; मदन सिंह राजपुरोहित तथा सरस्वती शिक्षा समिति के सचिव चंदन सिंह राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता की भावना जागृत करने तथा राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके शब्दों में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ राष्ट्र के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प भी निहित है। आयोजकों ने बताया कि विद्या भारती द्वारा आयोजित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि 25 सितम्बर को प्रातः 11 बजे देशभर में एक ही समय पर लगभग 25 हजार स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों एवं समाज के लोगों द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े लोगों का एक निश्चित समय पर एक ही राष्ट्रगीत का गायन देश की विविधता में निहित एकता का विराट स्वरूप बना। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, त्याग और बलिदान की परंपरा तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि उसके इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित जीवंत भाव है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, एकता और मातृभूमि के सम्मान का संदेश दिया गया। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसरों में राष्ट्रभक्ति का वातावरण रहा और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।
नमामि भारतम्’ में गूंजा वंदे मातरम्, पाली में 16 स्थानों पर 4,765 लोगों ने किया सामूहिक गायन पाली,ब्युरो चीफ मनीष राठौड़। विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी आयोजन में विद्यार्थी, अभिभावक, आचार्य व प्रबंध समिति के सदस्य हुए सहभागी; देशभर में एक ही समय पर 25 हजार स्थानों पर हुवे आयोजन में एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने समूर्ण राष्ट्र गीत वन्दे मातरम् का किया गायन। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पाली में भी उत्साह और गरिमामय वातावरण में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। विद्या भारती पाली की सरस्वती शिक्षा समिति द्वारा संचालित सभी विद्या मंदिरों में प्रातः 11 बजे विद्यार्थी, अभिभावक, आचार्य, प्रबंध समिति के सदस्य एवं समाज के नागरिकों ने एक साथ वंदे मातरम् गाकर मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा एवं प्रचार विभाग के गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरस्वती शिक्षा समिति के सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती बालिका विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, श्री हंस निर्वाण सरस्वती विद्यालय, एम. शांतिलाल
मेहता सरस्वती विद्या निकेतन, सरस्वती शिशु वाटिका सर्वोदय नगर एवं आदर्श विद्या मंदिर सहित कुल 16 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। इन आयोजनों में पाली में कुल 4,765 विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्रबंध समिति सदस्यों एवं आचार्यों ने सहभागिता करते हुए एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा,डॉ. महेंद्र सिंह, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय सोजत; राजेंद्र लखेरा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी; ऊषा अखावत, अध्यक्ष सरस्वती शिक्षा समिति; विनीता तनवानी; दुर्गावाहिनी की प्रिया चौहान; कमल गोयल; मदन सिंह राजपुरोहित तथा सरस्वती शिक्षा समिति के सचिव चंदन सिंह राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता की भावना जागृत करने तथा राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके शब्दों में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ राष्ट्र के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प भी निहित है। आयोजकों ने बताया कि विद्या भारती द्वारा आयोजित इस
राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि 25 सितम्बर को प्रातः 11 बजे देशभर में एक ही समय पर लगभग 25 हजार स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों एवं समाज के लोगों द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े लोगों का एक निश्चित समय पर एक ही राष्ट्रगीत का गायन देश की विविधता में निहित एकता का विराट स्वरूप बना। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, त्याग और बलिदान की परंपरा तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि उसके इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित जीवंत भाव है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, एकता और मातृभूमि के सम्मान का संदेश दिया गया। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसरों में राष्ट्रभक्ति का वातावरण रहा और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।
- गणपति बाप्पा मोरया के जयकारों से गूंजी पाली नगरी: 1000 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का भव्य विसर्जन संपन्न रिपोर्टर: दिपांशु चौहान | पाली पाली। धर्मनगरी पाली में अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर गणेशोत्सव का भव्य एवं उल्लासपूर्ण समापन हुआ। शहर के विभिन्न पांडालों, मोहल्लों और घर-घर में स्थापित 1000 से अधिक छोटी-बड़ी सिद्धिविनायक गणेश जी की प्रतिमाओं का गाजे-बाजे और भक्तिभाव के साथ विसर्जन किया गया। "गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" और "एक दो तीन चार, गणपति जी की जय जयकार" के गगनभेदी जयकारों से पूरी पाली नगरी गुंजायमान हो उठी। झांकियों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब मुख्य विसर्जन शोभायात्रा में एक से बढ़कर एक आकर्षक झांकियां सजाई गईं। ढोल-नगाड़ों, ताशों और डीजे की धुनों पर श्रद्धालु एवं युवा थिरकते नजर आए। अबीर-गुलाल की होली के बीच श्रद्धालुओं ने बाप्पा को रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि की कामना के साथ अंतिम विदाई दी। शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और प्रमुख मार्गों से गुजरती शोभायात्रा पर शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। प्रशासनिक सतर्कता और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। बांडी नदी तट, शहर के प्रमुख तालाबों तथा विशेष रूप से तैयार किए गए कृत्रिम विसर्जन कुंडों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए संवेदनशील घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, गोताखोर टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात रखी गईं। नगर परिषद की ओर से सभी विसर्जन स्थलों पर क्रेन, पर्याप्त रोशनी और सफाई के विशेष प्रबंध किए गए थे। प्रशासनिक मुस्तैदी और आमजन के सहयोग से गणेश विसर्जन का यह भव्य और ऐतिहासिक आयोजन शांतिपूर्वक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- बीवीएस क्लब की गजानन प्रतिमा का देर रात 12:15 बजे हुआ भव्य विसर्जन, जयकारों से गूंजी पाली की धारा पाली। शहर में गणेश उत्सव की धूम के बीच बीवीएस क्लब (BVS Club) पाली द्वारा स्थापित भगवान श्री गणेश की भव्य प्रतिमा का देर रात 12:15 बजे पूर्ण विधि-विधान, मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा ढोल-नगाड़ों, ताशों और डीजे की भक्तिमय धुनों के साथ धूमधाम से निकाली गई। यात्रा के दौरान युवाओं और श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए बप्पा को भावभिनी विदाई दी। "गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के गगनभेदी जयकारों से पूरा माहौल धर्ममय हो गया। देर रात 12:15 बजे बीवीएस क्लब के सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में महाआरती कर प्रतिमा का जल प्रवाह किया गया। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने क्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और बड़ी संख्या में युवाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। रिपोर्टर: दीपांशु चौहान (Deepanshu Chouhan)4
- आंगन मिलन सेवा के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्र बने जनसहभागिता और सम्मान के केंद्र पाली,। विकसित भारत जन सेवा अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल “आंगन मिलन सेवा” के तहत आज पाली जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर जनसहभागिता के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के कुल 1,441 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 582 आंगनवाड़ी केंद्रों पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि शेष सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं के प्रति सम्मान एवं विश्वास को बढ़ावा देना तथा विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, लाभार्थियों, अभिभावकों, समुदाय के सदस्यों एवं बड़े-बुजुर्गों की सहभागिता रही। समुदाय द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का अभिनंदन किया गया तथा बच्चों, महिलाओं एवं परिवारों के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं सेवाओं की सराहना की गई। आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल विकास, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से संबंधित सेवाओं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में उपस्थित समुदाय को जानकारी दी गई। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों एवं सेवाओं में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी केंद्रों की साज-सज्जा, रंगोली, पोषण संदेश, बच्चों एवं लाभार्थियों की सहभागिता सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उत्साहपूर्ण वातावरण बनाया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों को समुदाय के लिए संवाद एवं जागरूकता के प्रभावी मंच के रूप में विकसित करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया गया। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल सेवाएं प्रदान करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और समुदाय के समग्र विकास के लिए जनसहभागिता का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिलेवासियों से आह्वान किया गया कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़कर बच्चों एवं महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य एवं विकास से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाने में सहयोग करें।3
- राहुल गांधी हमेशा से कह रहे हैं के वोट चोरी हो रही है मगर? 2014के बाद हर राज मैं वोट चोरी नाम काटने का मामला राहुल गांधी उठा रहे थे के सरकार चोरी की है लेकिन सुप्रीम कोर्ट भी चोरों का साथ दे रही थी सुनवाई नहीं सिधा कह कर खारिज किया जा रहा है जितना गुनाह ज्ञानेश कुमार और इनके पहले रह चुके हैं सीईसी उनका भी था हमारे साथ ए जे सुप्रीम कोर्ट के CJI की भी है जिसने गुलामी का पत्ता बीजेपी का पहन लिया और जनता का विश्वास तोड़ा आज संविधान की धजियां उड़ाई गई जोशी संधू की सच्चाई के बाद बीजेपी ज्ञानेश को बचाएगी और जोशी और संधू के खिलाफ ई डी सी बी आई का हमला होगा ज्ञानेश से पूछना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट को आदेश देना चाहिए दर्ज करो हां संभव नहीं होगा बिका हुआ CJI होगई के समय से अब तक के CJI सरकार की काठ पुतली है जनता का विश्वास खो चुके हैं टीएमसी के बारे में मुख्य बिड़ला को कोई आदेश नहीं, ममता की पार्टी उधव ठाकरे के बारे में नहीं, अब कोई जरूरी नहीं, देश में कोई सख्त फैसला नहीं1
- पाली में पहली बार 53 परिवारों ने किया सामूहिक अनंत उद्यापन, धर्ममय हुआ गीता मंदिर परिसर भगवान अनंत की भव्य झांकी रही आकर्षण का केंद्र, कलश यात्रा के साथ हुआ आयोजन; आज पंचमुखी बालाजी मंदिर में होगा सुंदरकांड पाली,ब्युरो मनीष राठौड़। श्रीमाली ब्राह्मण समाज विकास समिति के युवा संगठन की ओर से पाली में पहली बार आयोजित सामूहिक अनंत उद्यापन शुक्रवार को श्री गीता मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। आयोजन में पाली, जोधपुर, माउंट आबू सहित विभिन्न स्थानों से आए 53 परिवारों के पति-पत्नी ने सामूहिक रूप से भगवान अनंत का उद्यापन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे पंचदेव पूजन से हुआ। पं. संजय अवस्थी, पं. विशाल जोशी, आचार्य शास्त्री कृष्णकांत मिश्रा सहित पंडितों की टीम ने वैदिक विधि-विधान से पूजन-अनुष्ठान कराया। इसके बाद अनंत सूत्रों का षोडशोपचार पूजन किया गया तथा आचार्य कृष्णकांत मिश्रा ने अनंत भगवान की कथा सुनाते हुए इसके धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। भव्य झांकी और कलश यात्रा बनी आकर्षण गीता मंदिर परिसर में केले के वृक्षों एवं पत्तों से भगवान अनंत की विशेष झांकी सजाई गई। भगवान विष्णु के मनमोहक स्वरूप और दुग्ध तलैया की सजावट ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। अनुष्ठान के बाद गीता मंदिर से गांधी मूर्ति, समाज भवन होते हुए शिववाड़ी तक कलश यात्रा निकाली गई। समाज भवन में उद्यापनकर्ताओं का स्वागत एवं दक्षिणा प्रदान की गई। इसके बाद महालक्ष्मी स्तुति, अर्पण, सामूहिक प्रसादी एवं न्याति भोज हुआ। सामूहिक आयोजन से कम हुआ खर्च समाज अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने बताया कि एक परिवार के उद्यापन में करीब दो लाख रुपए तक खर्च आता है, जबकि सामूहिक आयोजन में करीब 15 हजार रुपए में धार्मिक संस्कार सम्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि आयोजन से धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक सहभागिता और युवाओं की सनातन संस्कृति से जुड़ाव को बढ़ावा मिला। 108 स्वामी प्रेमानंद महाराज, परमाध्यक्ष गीता मंदिर ने आशीर्वचन देते हुए अनंत कथा को भगवान श्रीकृष्ण के वचन बताते हुए आयोजन को संस्कृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में पाली सहित बडौदा, सोजत, जयपुर, जोधपुर, कंटालिया, रोहट, जालोर, अजमेर और माउंट आबू से आए समाजबंधुओं ने सहभागिता की। *आज पंचमुखी बालाजी के समक्ष होगा सुंदरकांड पाठ* महालक्ष्मी महोत्सव की श्रृंखला में शनिवार को पंचमुखी बालाजी मंदिर के समक्ष सुंदरकांड का आयोजन होगा। हरीश दवे-अमिता परिवार की ओर से शाम 5 बजे पूजा-अर्चना के बाद आचार्य रघु मंडली के साथ सुंदरकांड का पाठ करेंगे। आयोजन में सिद्धार्थ दवे, संदीप दवे, अभिषेक व्यास, पुनीत त्रिवेदी, राकेश दवे, रविशंकर दवे, योगेंद्र औझा, मनोहर दवे सहित समाज की युवा टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समाज अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने सभी उद्यापनकर्ताओं, आचार्यों, कार्यकर्ताओं एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।4
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- जवाई क्षेत्र में लेपर्ड केव से सीमा को 80 मीटर चाहते हैं क्षेत्रवासी पाली। जवाई संघर्ष समिति के तत्वावधान में लेपर्ड हैबीटेट कंस्ट्रक्शन कंट्रोल जोन यानी लेपर्ड की प्राकृतिक गुफा से 1 किलोमीटर की सीमा निर्धारित किए जाने और वन विभाग की एसओपी रिपोर्ट के विरोध में जवाई क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों ने गुरुवार को जवाई संघर्ष समिति के बैनर तले कलेक्टर पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। इन ग्रामीणों का आरोप है कि 1 किलोमीटर की बाध्यता से ग्रामीणों का रहन-सहन, खेती-बाड़ी और मौलिक अधिकार पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन जवाई संघर्ष समिति के तत्वावधान में ग्राम जवाई बांध स्टेशन, बलवना, बीसलपुर, पैरवा, जीवदा, सेना, दुदनी, छोटी दुदनी, वरावल, मोरी, मोरी बेड़ा, रघुनाथपूरा, कोठार, वेलार, लुंदाड़ा एवं समस्त जवाई क्षेत्र के लोगों ने दिया। हाईकोर्ट में पेश वन विभाग की एसओपी पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी ग्राम पंचायत ने कोरम या ग्राम सभा में न तो इसका प्रस्ताव लिया और न ही सहमति दी। प्रक्रिया में स्थानीय निवासियों को शामिल कर पुनर्विचार करने की मांग रखी गई। जवाई संघर्ष समिति ने कहा कि बाहरी होटल व्यवसायियों द्वारा अपनी वास्तविक जमीन के अलावा जिस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, उसे अतिशीघ्र मवेशियों के चरने के लिए मुक्त करवाया जाए।1
- बीजेपी और एसएस की मानसिकता दिखती है के नेहरूजी भारत के पहले पीएम भाजपा यानि हेमन्त विश्वास शर्मा जो खुद को सी एम कहते जाते हैं असम के ये मनसिकता दर्शन है भारत के पहले पी एम जवाहर लाल लाल नेहरू जी के खिलाफ के रात के अँधेरे में नेहरू जी की मूर्ति को जे सी बी से गिराया जाता है और भारत सरकार चुप बैठी निकम्मी बानी हुई है एक घोटालेबाज़ सी एम के सामने जिसने देश की आज़ादी के अंदर योग दान दिया हो बीजेपी और आर एस एस के जब सहयोगी गुलामी कर रहे थे अंग्रेज़ के एक पीएम सौतंत्रता सेनी का एपमान किया देश विद्रोह वाला काम कहीं बाबा साहब कहीं महात्मा गांधी अब नेहरू जी की प्रतिमा यानी बीजेपी आर एस एस उनका नाम मिटाना चाहती है दुनिया मैं कहीं जाओ झुकना गांधी के आगे और बोध का नाम के बिना कहीं हमें नहीं मिलेगी अंग्रेजों के गुलाम को आज भी उनकी गुलामी कर रहे हो संविधान कानून से ऊपर होते हैं बीजेपी के सीएम वक्त बदलने के बाद सोचो किया होगा1