बीजेपी और एसएस की मानसिकता दिखती है के नेहरूजी भारत के पहले पीएम भाजपा यानि हेमन्त विश्वास शर्मा जो खुद को सी एम कहते जाते हैं असम के ये मनसिकता दर्शन है भारत के पहले पी एम जवाहर लाल लाल नेहरू जी के खिलाफ के रात के अँधेरे में नेहरू जी की मूर्ति को जे सी बी से गिराया जाता है और भारत सरकार चुप बैठी निकम्मी बानी हुई है एक घोटालेबाज़ सी एम के सामने जिसने देश की आज़ादी के अंदर योग दान दिया हो बीजेपी और आर एस एस के जब सहयोगी गुलामी कर रहे थे अंग्रेज़ के एक पीएम सौतंत्रता सेनी का एपमान किया देश विद्रोह वाला काम कहीं बाबा साहब कहीं महात्मा गांधी अब नेहरू जी की प्रतिमा यानी बीजेपी आर एस एस उनका नाम मिटाना चाहती है दुनिया मैं कहीं जाओ झुकना गांधी के आगे और बोध का नाम के बिना कहीं हमें नहीं मिलेगी अंग्रेजों के गुलाम को आज भी उनकी गुलामी कर रहे हो संविधान कानून से ऊपर होते हैं बीजेपी के सीएम वक्त बदलने के बाद सोचो किया होगा
बीजेपी और एसएस की मानसिकता दिखती है के नेहरूजी भारत के पहले पीएम भाजपा यानि हेमन्त विश्वास शर्मा जो खुद को सी एम कहते जाते हैं असम के ये मनसिकता दर्शन है भारत के पहले पी एम जवाहर लाल लाल नेहरू जी के खिलाफ के रात के अँधेरे में नेहरू जी की मूर्ति को जे सी बी से गिराया जाता है और भारत सरकार चुप बैठी निकम्मी बानी हुई है एक घोटालेबाज़ सी एम के सामने जिसने देश की आज़ादी के अंदर योग दान दिया हो बीजेपी और आर एस एस के जब सहयोगी गुलामी कर रहे थे अंग्रेज़ के एक पीएम सौतंत्रता सेनी का एपमान किया देश विद्रोह वाला काम कहीं बाबा साहब कहीं महात्मा गांधी अब नेहरू जी की प्रतिमा यानी बीजेपी आर एस एस उनका नाम मिटाना चाहती है दुनिया मैं कहीं जाओ झुकना गांधी के आगे और बोध का नाम के बिना कहीं हमें नहीं मिलेगी अंग्रेजों के गुलाम को आज भी उनकी गुलामी कर रहे हो संविधान कानून से ऊपर होते हैं बीजेपी के सीएम वक्त बदलने के बाद सोचो किया होगा
- खरोकड़ा के संग्राम सिंह ने बॉक्सिंग में लहराया परचम, जीता सिल्वर मेडल जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 81-91 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन, फाइनल में बनाई जगह पाली,ब्युरो चीफ मनीष राठौड़ खरोकड़ा गाँव के युवा बॉक्सर संग्राम सिंह राजपुरोहित पुत्र हुकम सिंह ने 27वीं जिला स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से गांव और विद्यालय में खुशी का माहौल है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेंदला, ब्लॉक बाली में 23 से 26 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में संग्राम सिंह ने 19 वर्ष छात्र वर्ग के 81-91 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना फालना के नोबल्स स्कूल के खिलाड़ी अविनाश कुमार से हुआ। कड़े मुकाबले के बाद संग्राम सिंह ने द्वितीय स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। संग्राम सिंह वर्तमान में कक्षा 11वीं के छात्र हैं और पार्श्वनाथ विद्यालय वरकाणा में अध्ययनरत हैं। वे खेलों में विशेष रुचि रखते हैं और बॉक्सिंग में अपना भविष्य बनाने का लक्ष्य रखते हैं। उनकी सफलता पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, खेल प्रशिक्षकों एवं ग्रामीणों ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। संग्राम सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और कोच को दिया।1
- पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश का खुलासा! पाली हाइव के निकट बरामद हुए हथियार सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को लेकर एक बड़े सुरक्षा इनपुट सामने आ रहा है। राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी AGTF की कार्रवाई और पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया है कि लॉरेंस गैंग से जुड़े शूटरों ने लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी की थी। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस पर हमले की कथित तौर पर योजना बनाई गई थी, लेकिन उस दौरान वहां पार्षदों और समर्थकों की मौजूदगी के चलते शूटरों को वारदात का मौका नहीं मिला। भीड़ अधिक होने के कारण कथित तौर पर प्लान बदलना पड़ा और शूटर वहां से जोधपुर निकल गए। जांच की कड़ी सिरोही से जोधपुर और फिर पाली तक जुड़ती नजर आ रही है। AGTF ने जोधपुर के एक होटल से लॉरेंस गैंग से जुड़े दो कथित इनामी शूटरों को गिरफ्तार किया। दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित बताया गया है। पूछताछ में सामने आए कथित सिरोही कनेक्शन के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। सबसे अहम बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से संयम लोढ़ा की फोटो मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद सिरोही पुलिस ने लोढ़ा की सुरक्षा बढ़ा दी है। दो PSO तैनात किए गए हैं, जबकि उनके आवास पर भी सुरक्षा गार्ड लगाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित शूटर सिरोही के अरठवाड़ के पास एक होटल में करीब 14 घंटे तक ठहरे थे। इसके बाद वे जोधपुर पहुंचे, जहां AGTF ने कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया।पूछताछ के आधार पर पाली में हाईवे से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में छिपाकर रखे गए हथियार भी बरामद किए गए। इनमें तुर्की मेड जिगाना पिस्टल, ऑस्ट्रिया मेड ग्लॉक पिस्टल, चार मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस शामिल बताए जा रहे हैं। अब जांच एजेंसियां सिरोही से जोधपुर और पाली तक पूरी कड़ी खंगालने में जुटी हैं। कथित शूटरों को लॉजिस्टिक या अन्य मदद पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए AGTF के ADG दिनेश एमएन की निगरानी में जांच आगे बढ़ रही है, जबकि जोधपुर पुलिस कमिश्नर अंशुमान भौमिया भी पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लोढ़ा की कथित रेकी किसने करवाई, शूटरों को स्थानीय स्तर पर किसने मदद पहुंचाई और फार्म हाउस को निशाना बनाने की कथित योजना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।3
- शुभ प्रभात वंदन दोस्तों जय हिन्द 🇮🇳 आपकी सेवा करना ही हमारा कर्तव्य है1
- बस रोकने पर क्यों मचा बवाल? चुनावी घमासान में गाड़ी पर हमला? बस रोकने पर क्यों मचा बवाल? चुनावी घमासान में गाड़ी पर हमला? जोधपुर में चुनावी घमासान! बस रोकने को लेकर विवाद, भाजयुमो नेता की गाड़ी में तोड़फोड़1
- मेहता प्रसन्नचंद के सिर पर सजा महापौर का ताज भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि मंडी में की आतिशबाजी जोधपुर। जोधपुर की शहरी सरकार पर आज से भाजपा का राज काबिज हो गया। शुक्रवार को हुए महापौर चुनाव में संघ पृष्ठभूमि के भाजपा उम्मीदवार प्रसन्नचंद मेहता ने कांग्रेस के हाईब्रिड प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी को 6 मतों के अंतर से शिकस्त देकर जीत हासिल की। जीत के बाद मेहता ने कहा कि उन्हें 53 वोट मिले। महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 53 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 47 वोट पड़े। मेयर पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 51 वोट का था। भाजपा के पास 45 और कांग्रेस के पास 44 पार्षद थे। वहीं, 10 निर्दलीय और एक आरएलपी के प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 7 निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा को समर्थन देते हुए पार्टी की सदस्यता ली थी। उनमे माली समाज के पार्षदों पर स्वजातीय उम्मीदवार राजेन्द्र सोलंकी को उनके समर्थन मे क्रॉस वोटिंग का भरोसा था, लेकिन वे भाजपा का दामन पकड़कर दगा देने के मूड मे नही दिखे । ऐसे में भाजपा के पास 52 का बहुमत आ गया था एक अतिरिक्त वोट क्रॉस वोटिंग के जरिये आया बताते हैं।। वहीं, चुनाव से पहले कांग्रेस का दावा था कि उनके पास भी निर्दलीय प्रत्याशियों का पूरा समर्थन प्राप्त है, लेकिन उनका यह दावा निराधार निकला।2
- गुड़ा कल्याण सिंह। गांव में तीन दिन पूर्व एक सूने मकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। गुड़ा कल्याण सिंह। गांव में तीन दिन पूर्व एक सूने मकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे, जिसका फायदा उठाकर चोर मकान में घुसे और चोरी कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। हालांकि वारदात के तीन दिन बीत जाने के बाद भी चोरी का खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस के हाथ अभी तक चोरों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस तरह की घटनाओं पर पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज करने तथा चोरी का माल बरामद कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले का जल्द खुलासा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए और गांव में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। मारवाड़ गोडवाड़ न्यूज़1
- नमामि भारतम्’ में गूंजा वंदे मातरम्, पाली में 16 स्थानों पर 4,765 लोगों ने किया सामूहिक गायन पाली,ब्युरो चीफ मनीष राठौड़। विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी आयोजन में विद्यार्थी, अभिभावक, आचार्य व प्रबंध समिति के सदस्य हुए सहभागी; देशभर में एक ही समय पर 25 हजार स्थानों पर हुवे आयोजन में एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने समूर्ण राष्ट्र गीत वन्दे मातरम् का किया गायन। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पाली में भी उत्साह और गरिमामय वातावरण में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। विद्या भारती पाली की सरस्वती शिक्षा समिति द्वारा संचालित सभी विद्या मंदिरों में प्रातः 11 बजे विद्यार्थी, अभिभावक, आचार्य, प्रबंध समिति के सदस्य एवं समाज के नागरिकों ने एक साथ वंदे मातरम् गाकर मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा एवं प्रचार विभाग के गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरस्वती शिक्षा समिति के सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती बालिका विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, श्री हंस निर्वाण सरस्वती विद्यालय, एम. शांतिलाल मेहता सरस्वती विद्या निकेतन, सरस्वती शिशु वाटिका सर्वोदय नगर एवं आदर्श विद्या मंदिर सहित कुल 16 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। इन आयोजनों में पाली में कुल 4,765 विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्रबंध समिति सदस्यों एवं आचार्यों ने सहभागिता करते हुए एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा,डॉ. महेंद्र सिंह, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय सोजत; राजेंद्र लखेरा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी; ऊषा अखावत, अध्यक्ष सरस्वती शिक्षा समिति; विनीता तनवानी; दुर्गावाहिनी की प्रिया चौहान; कमल गोयल; मदन सिंह राजपुरोहित तथा सरस्वती शिक्षा समिति के सचिव चंदन सिंह राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता की भावना जागृत करने तथा राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके शब्दों में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ राष्ट्र के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प भी निहित है। आयोजकों ने बताया कि विद्या भारती द्वारा आयोजित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि 25 सितम्बर को प्रातः 11 बजे देशभर में एक ही समय पर लगभग 25 हजार स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों एवं समाज के लोगों द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े लोगों का एक निश्चित समय पर एक ही राष्ट्रगीत का गायन देश की विविधता में निहित एकता का विराट स्वरूप बना। वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, त्याग और बलिदान की परंपरा तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि उसके इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित जीवंत भाव है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, एकता और मातृभूमि के सम्मान का संदेश दिया गया। सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसरों में राष्ट्रभक्ति का वातावरण रहा और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।3
- जोधपुर महापौर का चुनाव हुआ संपन्न बाड़ेबंदी के बाद बसबंदी! बाड़ेबंदी के बाद बसबंदी! जोधपुर महापौर का चुनाव हुआ संपन्न1
- वार्ड बदलने और आरक्षण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, जितेन्द्र सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग की पाली/बाली - बाली तहसील के खिमेल गांव में वार्डों के पुनर्गठन को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा और असंतोष का माहौल है। ग्रामीणों ने पुनर्गठन की प्रक्रिया में कुछ परिवारों के वार्ड बदले जाने और आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुनर्गठन के बाद गांव के वार्डों का समीकरण पहले की तुलना में काफी बदल गया है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ परिवार, जो पहले एक वार्ड में शामिल थे, पुनर्गठन के बाद दूसरे वार्ड में दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीण प्रक्रिया और उसके आधार को स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कई मामलों को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, वार्डों में आरक्षण को लेकर भी ग्रामीण अपनी आपत्तियां जता रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्गठन के बाद कुछ वार्डों में आरक्षण की स्थिति उनकी अपेक्षा से अलग सामने आई है। इससे आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर गांव में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीण नेता जितेन्द्र सिंह ने भी पुनर्गठन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वार्डों में बदलाव किस आधार पर किए गए, इसकी जानकारी ग्रामीणों के सामने स्पष्ट होनी चाहिए। आज खेड़ा देवी मंदिर परिसर में बैठक मामले को लेकर ग्रामीणों ने आज रात खेड़ा देवी माताजी मंदिर परिसर में बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। बैठक में वार्ड पुनर्गठन, परिवारों के वार्ड परिवर्तन और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। ग्रामीण अपनी आपत्तियों को संबंधित प्रशासन के समक्ष रखने और आवश्यक कार्रवाई की मांग को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे। हालांकि, पुनर्गठन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड और अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1