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चंदौली के चहनियां क्षेत्र स्थित मजीदहा गांव के काली माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम-सीता एवं माता दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का सोमवार को भव्य धार्मिक आयोजनों के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस दौरान पूर्व प्रधान व वरिष्ठ समाजसेवी सत्येंद्र सिंह उर्फ बब्बू सिंह के नेतृत्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने पदयात्रा, पूजन-अर्चन और विशाल भंडारे में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित किया। इस पूरे आयोजन में चहनियां क्षेत्र 'जय श्रीराम' के जयघोष से गूंज उठा।
NEWS 2 INDIA (NTI)
चंदौली के चहनियां क्षेत्र स्थित मजीदहा गांव के काली माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम-सीता एवं माता दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का सोमवार को भव्य धार्मिक आयोजनों के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस दौरान पूर्व प्रधान व वरिष्ठ समाजसेवी सत्येंद्र सिंह उर्फ बब्बू सिंह के नेतृत्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने पदयात्रा, पूजन-अर्चन और विशाल भंडारे में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित किया। इस पूरे आयोजन में चहनियां क्षेत्र 'जय श्रीराम' के जयघोष से गूंज उठा।
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- चंदौली के चहनियां क्षेत्र स्थित मजीदहा गांव के काली माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम-सीता एवं माता दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का सोमवार को भव्य धार्मिक आयोजनों के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस दौरान पूर्व प्रधान व वरिष्ठ समाजसेवी सत्येंद्र सिंह उर्फ बब्बू सिंह के नेतृत्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने पदयात्रा, पूजन-अर्चन और विशाल भंडारे में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित किया। इस पूरे आयोजन में चहनियां क्षेत्र 'जय श्रीराम' के जयघोष से गूंज उठा।1
- वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गंगापुर में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक भाई और बहन की डूबने से मौत हो गई। 18 वर्षीय शुभम निषाद और उनकी 10 वर्षीय छोटी बहन अनन्या शनिवार को अपनी बुआ विमल के घर घूमने गए थे, जहाँ यह दर्दनाक हादसा हुआ। कांवर गाँव (बलुआ थाना क्षेत्र) के रहने वाले नंदकिशोर निषाद, जो लखनऊ में निजी नौकरी करते हैं, के पुत्र शुभम और पुत्री अनन्या महड़ौरा के एक निजी विद्यालय में पढ़ते थे। गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। बुआ को घटना का पता चलने पर पूरे गाँव के लोग गंगा किनारे उमड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को गंगा से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शवों को कांवर गाँव लाया गया, जहाँ पहुँचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता नंदकिशोर, माँ सुनीता देवी, छोटी बहन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह घटना वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई।1
- गंगा नदी में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ डूबने से भाई-बहन की मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया है।1
- चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।2
- डीडीयू नगर में पहली बार एक सफल निर्गुण भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से आए हुए निर्गुण कलाकारों ने दिव्य माहौल बना दिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब प्रशंसा की। भजन संध्या में बैठकर लोगों को अपनी आत्मा का मंथन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन चेतना मंच के द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।1
- चंदौली में गुरैनी पंप कैनाल पर किसानों का पिछले 27 दिनों से चल रहा धरना जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी से मिले आश्वासन के उपरांत इस धरने को खत्म करने की घोषणा की।1
- चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के चहनियां कस्बे में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ कार की टक्कर से 34 वर्षीय रीना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। रीना देवी अपनी बहन के 22 वर्षीय बेटे गोलू कुमार के साथ बलुआ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा से पैसे निकालने के लिए बाइक से जा रही थीं। इस भीषण टक्कर में गोलू कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हृदय विदारक घटना के कारण रीना देवी के दो बच्चे अनाथ हो गए हैं।1
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र स्थित मजीदहा गांव के काली माता मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम-सीता एवं माता दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का सोमवार को भव्य धार्मिक आयोजनों के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस दौरान पूर्व प्रधान व वरिष्ठ समाजसेवी सत्येंद्र सिंह उर्फ बब्बू सिंह के नेतृत्व में हजारों श्रद्धालुओं ने पदयात्रा, पूजन-अर्चन और विशाल भंडारे में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित किया। महोत्सव के समापन अवसर पर सुबह 10 बजे गणेश जी और हनुमान जी की प्रतिमाओं के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। काली माता मंदिर परिसर से शुरू होकर यह यात्रा चंदौली-सैदपुर हाईवे, उदय प्रताप फार्मेसी कॉलेज, शिवपूजन मौर्य की दुकान और परतीपर मार्ग से होते हुए पुनः मंदिर लौटी। लगभग 4 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने 'जय श्रीराम' और 'जय माता दी' के गगनभेदी जयघोष के साथ भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं, युवाओं और कन्याओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए, और पूरा मजीदहा गांव धार्मिक उद्घोषों तथा भक्ति गीतों से आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। दोपहर 12:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान श्री सीताराम एवं माता दुर्गा की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। दोपहर 3 बजे साधु-संतों को प्रथम प्रसाद ग्रहण कराने के उपरांत विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूर्व प्रधान सत्येंद्र सिंह उर्फ बब्बू सिंह ने इस अवसर पर कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त ग्रामवासियों, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सत्येंद्र सिंह और ग्रामवासियों के सहयोग से यह महोत्सव ऐतिहासिक एवं यादगार बन गया, और मजीदहा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।1
- भगवती धाम इंटर कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।1