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उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में शहीद पार्क से सुभाष चौक तक एक विशाल शांति मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे अनशन के पक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में "RIP DEMOCRACY" लिखी तख्तियां लेकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। शांति मार्च के मौके का पूरा माहौल, प्रदर्शनकारियों की मांगें और तस्वीरें 'कानून की नजर 24' पर औरैया ब्यूरो के पत्रकार कार्तिकेय सोनी द्वारा रिपोर्ट की गई हैं।
संपादक -कार्तिकेय सोनी भारत सं
उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में शहीद पार्क से सुभाष चौक तक एक विशाल शांति मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे अनशन के पक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में "RIP DEMOCRACY" लिखी तख्तियां लेकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। शांति मार्च के मौके का पूरा माहौल, प्रदर्शनकारियों की मांगें और तस्वीरें 'कानून की नजर 24' पर औरैया ब्यूरो के पत्रकार कार्तिकेय सोनी द्वारा रिपोर्ट की गई हैं।
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- छात्र हित संगठन के बैनर तले और संगठन के अध्यक्ष गौरव मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन निकाला गया। दिल्ली में छात्रों के साथ हुई मारपीट और पुलिस लाठीचार्ज की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गौरव मिश्रा ने इसे बेहद निंदनीय करार दिया। इस दौरान छात्र हित संगठन के अध्यक्ष गौरव मिश्रा ने दिल्ली में छात्रों पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।1
- औरैया जिले के दिबियापुर में विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता ने बड़ी जानकारी साझा करते हुए लोगों से अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में शहीद पार्क से सुभाष चौक तक एक विशाल शांति मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे अनशन के पक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में "RIP DEMOCRACY" लिखी तख्तियां लेकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। शांति मार्च के मौके का पूरा माहौल, प्रदर्शनकारियों की मांगें और तस्वीरें 'कानून की नजर 24' पर औरैया ब्यूरो के पत्रकार कार्तिकेय सोनी द्वारा रिपोर्ट की गई हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में औरैया में गुरुवार को छात्र हित संगठन के बैनर तले छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। संगठन के संरक्षक गौरव मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर शहीद पार्क से सुभाष चौराहे तक शांतिमार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। विरोध के दौरान छात्रों ने "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्र हितों का हनन हुआ तो खून बहेगा सड़कों पर" जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। संरक्षक गौरव मिश्रा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। इस प्रदर्शन के दौरान अनिकेत शुक्ला, अक्षत दुबे, अंशुल सिंह, हर्ष यादव, शिवम यादव, उज्ज्वल शुक्ला, प्रशांत तिवारी, आदित्य वर्मा, सूरज राजपूत और राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। वहीं क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।1
- औरैया जिले के बिधूना स्थित रैपिड ग्लोबल स्कूल के सभागार में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधानसभा स्तरीय बूथ अध्यक्ष सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर हुआ। इस सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों को सम्मानित किया गया और उन्हें अपने-अपने बूथों को मजबूत बनाने के साथ लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी बहुमत की सरकार बनाने का संकल्प दिलाया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि इटावा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत ने कार्यकर्ताओं को "मेरा बूथ सबसे मजबूत" की अवधारणा के साथ कार्य करने का आह्वान किया और बूथ मजबूत करने के तरीके बताए। जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने भी सम्बोधित कर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार किया। वहीं बिधूना से प्रत्याशी रहीं रिया शाक्य ने कहा कि कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों की मेहनत से ही उन्हें पिछले चुनाव में 90 हजार वोट मिले थे। सम्मेलन को जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे, वासुदेव प्रजापति, यशवीर सिंह, ऋषि पांडेय और अमर चन्द्र राठौर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मण्डल अध्यक्ष बिधूना संजीव शाक्य, महामंत्री धीरेंद्र कुमार शुक्ला, सुधांशु राजावत, सुमित सोनी, कुलदीप पुंडीर, निर्मला चौहान, खुशबू मैथिल, अन्नू सेंगर, राघवेंद्र शुक्ला, प्रेम सिंह शाक्य, पुष्पेन्द्र राजावत, तेज प्रकाश दिवाकर, बृन्दावन राठौर, लवलेश त्रिवेदी, हर्ष वर्धन शाक्य, साने आलम प्रधान, शीलू कुशवाहा और अनिल चौहान सहित बड़ी संख्या में बूथ अध्यक्ष मौजूद रहे। सम्मेलन का संचालन आदर्श ठाकुर द्वारा किया गया।1
- औरैया में अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह विपरीत है। सर्वेश बाबू गौतम ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता के अहंकार में कार्य कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। सपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में हुए प्रदेशव्यापी प्रदर्शनों और जनदबाव के कारण ही सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे लाखों युवाओं का भविष्य संकट में है और वे मानसिक तनाव के कारण आत्मघाती कदम उठाने तक को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के हक में आवाज उठाने वाले नेताओं की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक इतिहास में "काला दिवस" के रूप में याद रखी जाएगी। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने सरकार से जनहित में आत्ममंथन करने और युवाओं को न्याय देने की मांग करते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर शासन के इशारे पर पुलिस द्वारा की गई बर्बर लाठीचार्ज की गूंज औरैया तक पहुंच गई है। पुलिस की इस बर्बरता के विरोध में औरैया शहर में 'छात्र हित संगठन' के बैनर तले गौरव मिश्रा के नेतृत्व में शांति मार्च निकाला गया। यह शांति मार्च शहर के शहीद पार्क से शुरू होकर सुभाष चौराहे तक गया, जिसमें शामिल लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई और शिक्षा मंत्री को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की गई।1
- पंजाब में पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा औरतों की जबरदस्त पिटाई को लेकर भारी आक्रोश जताया गया है। आरोप है कि पंजाब पुलिस ने महिलाओं की बेरहमी से चमड़ी उधेड़ कर रख दी है और आजाद भारत में औरतों के साथ ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा गया। इस घटना की तुलना करते हुए कहा गया है कि इतनी भयानक पिटाई तो अंग्रेजों के शासनकाल में भी नहीं की गई होगी। इन पीड़ित औरतों के ज़ख्मों और घावों को भरने में समय लगेगा और उनकी यह चीखें जंतर-मंतर तक तथा चंद्रशेखर उर्फ रावण तक पहुंचेंगी। इस मामले को लेकर केजरीवाल पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें आजाद भारत का सबसे दोगला और मक्कार करार दिया गया है। एक तरफ केजरीवाल जंतर-मंतर पर जनता को संविधान सिखा रहे हैं और मोदी को तानाशाह हिटलर व ब्रिटिश सरकार से भी ज्यादा खतरनाक बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पंजाब पुलिस औरतों पर अत्याचार कर रही है। तंज कसते हुए कहा गया है कि दुनिया की 800 अरब की आबादी भी केजरीवाल की मक्कारी के आगे फेल है।1