कोआथ नगर पंचायत के मुख्य पार्षद धर्मेंद्र चौधरी के भतीजे राजन पटेल ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में 358वीं रैंक हासिल कर नगर पालिका के कार्यपालक पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है। शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित होते ही धर्मेंद्र चौधरी और राजन पटेल को उनके शुभचिंतकों तथा नाते-रिश्तेदारों से बधाईयाँ मिलनी शुरू हो गईं। मुख्य पार्षद धर्मेंद्र चौधरी ने अपने भतीजे की इस सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि राजन उनके भाई मिथलेश चौधरी के बड़े बेटे हैं, जो मणिपुर में व्यवसाय करते हैं। राजन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के छात्र रहे हैं, जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोआथ और सासाराम से पूरी की, स्कूल की पढ़ाई सैनिक स्कूल त्रिपुर, तमिलनाडु से की, और कॉलेज की पढ़ाई ए.एन. कॉलेज, पटना से संपन्न की। इसके बाद वे प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए और चौथे प्रयास में उन्होंने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा उत्तीर्ण की, जिससे न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन हुआ है। मोबाइल पर बातचीत के दौरान राजन पटेल ने अपने सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया और अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने छोटे पापा (चाचा) और कोआथ नगर पंचायत के चेयरमैन धर्मेंद्र चौधरी को दिया, जिन्होंने उन्हें प्रेरणा और आदर्श दिए। उन्होंने प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं से अनुरोध किया कि हार से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि मेहनत करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है। राजन ने आगे बताया कि उनका अगला लक्ष्य यूपीएससी की परीक्षा पास करके अपने परिजनों का सपना पूरा करना है, जिसके लिए वे आगे भी तैयारी में लगे रहेंगे। बधाई देने वालों में चुन्नू पटेल, कपिल पासवान, धनजी पटेल, पूर्व चेयरमैन सोनी खान, शिवाधार चौधरी, रितेश केशरी, सुरेंद्र चंद्रवंशी, प्रवीण तिवारी, विक्की सिंह, रघुनाथ सिंह सहित कई लोग शामिल हैं।
कोआथ नगर पंचायत के मुख्य पार्षद धर्मेंद्र चौधरी के भतीजे राजन पटेल ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में 358वीं रैंक हासिल कर नगर पालिका के कार्यपालक पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है। शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित होते ही धर्मेंद्र चौधरी और राजन पटेल को उनके शुभचिंतकों तथा नाते-रिश्तेदारों से बधाईयाँ मिलनी शुरू हो गईं। मुख्य पार्षद धर्मेंद्र चौधरी ने अपने भतीजे की इस सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि राजन उनके भाई मिथलेश चौधरी के बड़े बेटे हैं, जो मणिपुर में व्यवसाय करते हैं। राजन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के छात्र रहे हैं, जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोआथ और सासाराम से पूरी की, स्कूल की पढ़ाई सैनिक स्कूल त्रिपुर, तमिलनाडु से की, और कॉलेज की पढ़ाई ए.एन. कॉलेज, पटना से संपन्न की। इसके बाद वे प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए और चौथे प्रयास में उन्होंने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा उत्तीर्ण की, जिससे न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन हुआ है। मोबाइल पर बातचीत के दौरान राजन पटेल ने अपने सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया और अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने छोटे पापा (चाचा) और कोआथ नगर पंचायत के चेयरमैन धर्मेंद्र चौधरी को दिया, जिन्होंने उन्हें प्रेरणा और आदर्श दिए। उन्होंने प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं से अनुरोध किया कि हार से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि मेहनत करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है। राजन ने आगे बताया कि उनका अगला लक्ष्य यूपीएससी की परीक्षा पास करके अपने परिजनों का सपना पूरा करना है, जिसके लिए वे आगे भी तैयारी में लगे रहेंगे। बधाई देने वालों में चुन्नू पटेल, कपिल पासवान, धनजी पटेल, पूर्व चेयरमैन सोनी खान, शिवाधार चौधरी, रितेश केशरी, सुरेंद्र चंद्रवंशी, प्रवीण तिवारी, विक्की सिंह, रघुनाथ सिंह सहित कई लोग शामिल हैं।
- रोहतास जिले में नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान जिलाधिकारी उदिता सिंह से प्रभार लिया, जिन्हें सरकार ने नालंदा जिले की नई जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार संभालने के बाद, नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना और जिले में चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना होगा। कार्यभार संभालते ही उन्हें एक्शन मोड में देखा गया, जहाँ उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का अवलोकन भी किया। जिलाधिकारी मिश्रा ने सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि मुहर्रम के दौरान जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है।4
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर भरत तिवारी को आत्मसमर्पण कर देने के बाद भी पुलिस ने उन पर गोली क्यों चलाई।1
- बिहार सरकार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भरत तिवारी मामले के संबंध में बिलौटी पहुंचे हैं।1
- आरा की धरती से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' सम्राट चौधरी को भरत भूषण तिवारी द्वारा एक खुली और सीधी चुनौती दी गई है। फर्जी एनकाउंटर और बिहार पुलिस के संदर्भ में, चुनौती देने वालों ने स्पष्ट कहा है कि वे सम्राट चौधरी को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने देंगे।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड अंतर्गत जैतपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार शर्मा की बेटी स्वाति कुमारी ने बीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद हासिल किया है। इस उपलब्धि पर उनके परिजनों सहित पूरे गांव के ग्रामीणों ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, जिससे हसपुरा की बेटी के रूप में उनकी यह सफलता क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।1
- पटना जंक्शन के इन्क्वायरी काउंटर पर यात्रियों को ट्रेन की जानकारी के लिए लगातार आवाज लगानी पड़ी, लेकिन वहां मौजूद जिम्मेदार कर्मचारी नींद में पाए गए। इस घटना से 'राजधानी की राजधानी में व्यवस्था बेहोश' होने का आरोप लगा है। यात्रियों को समय पर जानकारी न मिलने पर रेल सेवा के बेहतर दावों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, और यह पूछा जा रहा है कि क्या यही यात्रियों के प्रति जवाबदेही है। इस दौरान 'यात्री परेशान, कर्मचारी आराम!' की स्थिति दिखी, और पटना स्टेशन का यह वीडियो वायरल हो गया है।1
- बिहार में एक पुलिसकर्मी द्वारा भरत तिवारी की कथित हत्या को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि इस कृत्य के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मी को तत्काल फांसी की सजा दी जानी चाहिए। न्याय की इस तीव्र मांग के साथ 'जय बिहार' का नारा भी बुलंद किया गया है, जो स्थानीय भावनाओं और विरोध को दर्शाता है।1
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इस पूरे प्रकरण को लेकर भरत तिवारी की बहन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और इस विषय पर अपनी बात रखी है।1