रोहतास जिले में नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान जिलाधिकारी उदिता सिंह से प्रभार लिया, जिन्हें सरकार ने नालंदा जिले की नई जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार संभालने के बाद, नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना और जिले में चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना होगा। कार्यभार संभालते ही उन्हें एक्शन मोड में देखा गया, जहाँ उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का अवलोकन भी किया। जिलाधिकारी मिश्रा ने सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि मुहर्रम के दौरान जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है।
रोहतास जिले में नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान जिलाधिकारी उदिता सिंह से प्रभार लिया, जिन्हें सरकार ने नालंदा जिले की नई जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार संभालने के बाद, नए जिलाधिकारी दीपक
कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना और जिले में चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना होगा। कार्यभार संभालते ही उन्हें एक्शन मोड में
देखा गया, जहाँ उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का अवलोकन भी किया। जिलाधिकारी मिश्रा ने सरकारी योजनाओं का
शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि मुहर्रम के दौरान जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है।
- जीतन राम मांझी ने भरत तिवारी जैसे युवाओं के कथित फर्जी एनकाउंटर को सही ठहराया है। इस बयान के लिए उन पर कड़ी आलोचना की जा रही है, जिसमें सीधे तौर पर कहा गया है कि मांझी को अपने इस कदम के लिए शर्म आनी चाहिए।1
- बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और ADG लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी मामले पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। इस संदर्भ में, दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दिए गए इस पूरे बयान को सुनें और उस पर अपनी राय कमेंट सेक्शन में साझा करें।1
- Post by Deshi dashtak1
- जन सुराज ने घोषणा की है कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलवाने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।1
- ग्राम पंचायत माली के समस्त युवा साथियों, नौजवान भाइयों, माताओं-बहनों, चाचा-चाची और सम्मानित बुद्धिजीवी वर्ग से एक विनम्र निवेदन किया गया है।1
- मुहर्रम की सातवीं तारीख को आरा शहर में कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "मेहदी का जुलूस" कहा जाता है, निकाला गया। यह जुलूस महादेवा महाजन टोली नंबर 1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ। यह परंपरा लगभग 200 साल पुरानी है, जो विशेष रूप से कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के साथ-साथ हज़रत क़ासिम (अ.स.) की याद में निकलती है। हज़रत क़ासिम की शहादत इतनी बेदर्दी से हुई थी कि उनकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे, जिन्हें इमाम हुसैन ने एक चादर में समेटकर खेमे में लाया था, और सबने उनकी शहादत पर विलाप किया था। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक, सिंडिकेट इमामबाड़ा, बिचली रोड से होते हुए वापस धर्मन चौक और महादेवा रोड स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा में समाप्त हुआ। जुलूस में कर्बला के शहीदों की याद में नौहा पढ़ा जाता है और मातम किया जाता है। शिया समाज के लोग विशेष रूप से आज हरे वस्त्र पहनकर इस शोकपूर्ण घटना की याद में मातम और नौहा करते हुए शोक मनाते हैं। इस दुखद घटना की याद में सभी समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग करते हैं।3
- मनसा पटेल के बिहिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें कई सामाजिक व्यक्ति भी शामिल हुए।1
- भरत भूषण तिवारी के परिजनों का साथ देने वाले लोगों पर भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, जिससे समाज में यह भावना बन रही है कि उसे दोनों ओर से मारा जा रहा है। लोगों द्वारा पूछा जा रहा है कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों का समर्थन करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज अंतर्गत पौथू पुलिस ने पाठक बिगहा गांव से फरार चल रहे वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पौथू थानाध्यक्ष संजय कुमार सुमन ने मंगलवार सुबह 9:30 बजे बताया कि वीरेंद्र यादव के खिलाफ औरंगाबाद न्यायालय द्वारा एक वारंट निर्गत किया गया था, जिसके आलोक में उसे गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह वारंट भैंस चोरी के एक मामले से संबंधित था। सीवां गांव निवासी सुचित कुमार ने 20 फरवरी 2017 को वीरेंद्र यादव के खिलाफ भैंस चोरी करने को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।1