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मनसा पटेल के बिहिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें कई सामाजिक व्यक्ति भी शामिल हुए।
नितीश भारद्वाज
मनसा पटेल के बिहिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें कई सामाजिक व्यक्ति भी शामिल हुए।
More news from बिहार and nearby areas
- जीतन राम मांझी ने भरत तिवारी जैसे युवाओं के कथित फर्जी एनकाउंटर को सही ठहराया है। इस बयान के लिए उन पर कड़ी आलोचना की जा रही है, जिसमें सीधे तौर पर कहा गया है कि मांझी को अपने इस कदम के लिए शर्म आनी चाहिए।1
- मनसा पटेल के बिहिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें कई सामाजिक व्यक्ति भी शामिल हुए।1
- पीरो अनुमंडल के नारायणपुर गाँव से एक प्रेरक खबर सामने आई है, जहाँ के मनीकांत ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में डीएसपी का पद हासिल किया है। रविवार शाम करीब 5:00 बजे यह सूचना मिली कि मनीकांत ने पूरे बिहार में 30वीं रैंक प्राप्त कर अपने गाँव और इलाके का नाम रोशन किया है। मनीकांत का परिवार एक साधारण व्यवसायी पृष्ठभूमि से आता है; उनके पिता श्याम किशोर प्रसाद छोटा व्यवसाय करते हैं और माता शीला देवी गृहिणी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, मनीकांत ने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में यह बड़ी सफलता अर्जित की। उन्होंने बताया कि उनके चचेरे भाई कैप्टन हरिहर नाथ गुप्ता, जो मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं, ने उन्हें हर कदम पर प्रेरित किया और मुश्किल समय में हौसला दिया। परिवार के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर ही उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। मनीकांत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कातर हाई स्कूल, बिक्रमगंज कॉलेज और आरा के महर्षि कॉलेज से पूरी की, जिसके बाद उन्होंने पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। जैसे ही उनके डीएसपी बनने की खबर नारायणपुर गाँव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न मनाया। मनीकांत की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए अथक प्रयास करते हैं।1
- आरा शहर में मुहर्रम की 6वीं तारीख पर महाजन टोली स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस, जिसे "बीबी का डोला" कहा जाता है, निकाला गया। यह लगभग 200 वर्ष पुरानी एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें शिया समाज के लोग हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को नौहा और मातम करके याद करते हैं। यह जुलूस महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक, शीश महल चौक और बिचली रोड जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान "टूटे हुए दिलों का सहारा हुसैन है" और "सदा रहेगा हुसैन का ग़म" जैसे नौहों से वातावरण अत्यंत गमगीन हो उठा। इस मातमी जुलूस में सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे भाईचारे और आपसी सौहार्द का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ। प्रशासन की ओर से भी जुलूस के सुचारु संचालन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।1
- भोजपुरी गायक सह अभिनेता खेसारी लाल यादव आरा भोजपुर जिले के शाहपुर थानां के बिलौटी गांव में मृत भरत तिवारी के परिजनों से मिलने अचानक उनके घर पहुंचे। उन्होंने भरत की माँ, पिता और अन्य परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान खेसारी लाल यादव ने पीड़ित परिवार को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। खेसारी लाल यादव ने परिवार के लोगों से बातचीत करते हुए बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवार से कहा कि यह लड़ाई उनकी है और उन्हें घर पर बैठने की बजाय पटना चलकर इस लड़ाई को मिलकर आगे बढ़ाना होगा, क्योंकि इसे अंजाम तक ले जाने के लिए सबका सहयोग जरूरी है। खेसारी ने इस बात पर जोर दिया कि अगर एनकाउंटर हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। खेसारी लाल यादव के पहुंचते ही भारी संख्या में उनके फैंस और स्थानीय ग्रामीण वहां जमा हो गए, और देखते ही देखते हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। पीड़ित परिवार के लोगों से काफी देर तक बातचीत करने के बाद खेसारी लाल यादव वहां से पटना के लिए रवाना हो गए। भरत तिवारी की मौत के बाद से लगातार लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों से मिल रहे हैं, और परिजन समेत ग्रामीण पुलिस एनकाउंटर पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।2
- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को सीधी धमकी दी है कि अगर पाकिस्तान की पानी की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो वे युद्ध शुरू करने में संकोच नहीं करेंगे। आसिफ ने एक पाकिस्तानी मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि पानी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है, और "जिस पल हमें लगेगा कि हमारी पानी की सुरक्षा खतरे में है, तो हम भारत के खिलाफ निश्चित तौर पर जंग शुरू कर देंगे।" यह धमकी भारत द्वारा 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने के बाद आई है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के जवाब में यह कदम उठाया था। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह से समाप्त नहीं करता, तब तक यह संधि बहाल नहीं की जाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जून 2028 तक पाकिस्तान को जाने वाले सिंधु नदी के पानी को पूरी तरह से रोकने का दावा किया था, जिसके बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का यह बयान सामने आया है। इस संधि को 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से किया गया था। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान गंभीर आंतरिक जल संकट का सामना कर रहा है। विशेष रूप से सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में कई नहरों में पानी की 82% तक भारी कमी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर कृषि, उद्योग और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।1
- Post by Sharda Singh1
- भरत भूषण तिवारी के परिजनों का साथ देने वाले लोगों पर भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, जिससे समाज में यह भावना बन रही है कि उसे दोनों ओर से मारा जा रहा है। लोगों द्वारा पूछा जा रहा है कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों का समर्थन करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है।1