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जन सुराज ने घोषणा की है कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलवाने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।
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जन सुराज ने घोषणा की है कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलवाने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।
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- जन सुराज ने घोषणा की है कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलवाने तक उनकी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।1
- Post by Deshi dashtak1
- बिहार सरकार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भरत तिवारी मामले के संबंध में बिलौटी पहुंचे हैं।1
- आरा की धरती से 'सातवीं फेल मुख्यमंत्री' सम्राट चौधरी को भरत भूषण तिवारी द्वारा एक खुली और सीधी चुनौती दी गई है। फर्जी एनकाउंटर और बिहार पुलिस के संदर्भ में, चुनौती देने वालों ने स्पष्ट कहा है कि वे सम्राट चौधरी को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने देंगे।1
- बलिया जिले के भीमपुरा थाना क्षेत्र में स्थित गौरा गांव की दलित बस्ती में, नहर मार्ग पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को रविवार रात अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सोमवार सुबह जब ग्रामीणों ने प्रतिमा का हाथ और संविधान खंडित अवस्था में देखा, तो उनमें भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में अंबेडकर युवा सेवा समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, जिसमें दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर एक नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राजेश यादव और थाना प्रभारी रंजीत विश्वकर्मा मौके पर पहुँचे और ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस ने ग्रामीणों की सहमति से प्रतिमा की तुरंत मरम्मत भी करवा दी। मामले में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। रसड़ा के सीओ रजनीश कुमार के अनुसार, घटना की गहन जांच जारी है और गांव में इस समय पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। भीमपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम गोरा में हुई इस घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराई और संबंधित तहसील से मामले की रिपोर्ट भी प्राप्त की है। इस संबंध में अभियोग पंजीकृत किया गया है। क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश कुमार का एक वीडियो भी जारी हुआ है, जिसमें उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है, जिसमें 15 छात्रों/युवाओं की जान चली गई और अनेक परिवारों के सपने टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद भवन में फंसे लोगों को बाहर निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा था। इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले छात्रों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुचा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज भाह, भाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमल्या शामिल थे। वहीं, जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेन्द्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार घायल बताए गए हैं। प्रारंभिक जांच में भवन की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी मानकों के पालन और निर्माण संबंधी अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भवन मालिक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है और छह लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। हादसे के बाद यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इस त्रासदी के लिए केवल भवन मालिक ही जिम्मेदार हैं या वे अधिकारी भी, जिनकी कथित अनदेखी के कारण सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि बचाव कार्य के दौरान आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की कमी महसूस की गई, जिसने इस त्रासदी को और भी गहरा कर दिया। अब पूरे देश की नजर SIT की जांच पर टिकी है। पीड़ितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी मानी जाएगी जब इस अग्निकांड के लिए असली जिम्मेदारी तय हो और सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।1