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फर्रुखाबाद में ताजिया रखे जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इस विरोध के तहत, एक संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ताजिया नहीं हटाए गए, तो वे सड़क जाम करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ भी आयोजित करेंगे। संगठन ने इस मामले पर आगे की गतिविधियों पर नज़र रखने का संकेत दिया है।
Rahul katheriya
फर्रुखाबाद में ताजिया रखे जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इस विरोध के तहत, एक संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ताजिया नहीं हटाए गए, तो वे सड़क जाम करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ भी आयोजित करेंगे। संगठन ने इस मामले पर आगे की गतिविधियों पर नज़र रखने का संकेत दिया है।
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- फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ बाइक से गिरकर एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के संबंध में फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट जारी की गई है।1
- जनपद फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में 20 जून 2026 को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाधर 'संपूर्ण दिवस' में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- फर्रुखाबाद जनपद के थाना कमालगंज क्षेत्र में सड़क पर सुखाने के लिए बिछाई गई मक्का एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। एक भीषण हादसे में ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई एक अधेड़ महिला ने जिला अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना ने सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर बड़ी मात्रा में मक्का फैलाई गई थी, जिसके कारण मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते ट्रैक्टर व मोटरसाइकिल की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से हालत नाजुक होने पर डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर मक्का और अन्य फसलें सुखाने का सिलसिला लंबे समय से जारी है, जिसके कारण वाहन फिसलते हैं और आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और प्रशासन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि जब इसी वजह से पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, तो आखिर सड़कों को खलिहान बनाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। लोग पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है, क्योंकि एक तरफ सरकार सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर लोगों की जान बचाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक सड़कों पर फसल सुखाने जैसी खतरनाक लापरवाही लोगों की जिंदगी छीन रही है। अब देखना यह होगा कि इस महिला की मौत के बाद प्रशासन जागता है या फिर सड़क पर बिछी मक्का किसी और परिवार का चिराग बुझाने का इंतजार करती रहेगी।1
- ई-पंजीकरण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हुए अधिवक्ताओं, स्टांप विक्रेताओं और दस्तावेज लेखकों ने एकजुट होकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा है। उन्होंने इस व्यवस्था को 'काला कानून' बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। यह विरोध प्रदर्शन तहसील परिसर में हुआ, जहाँ अधिवक्ताओं ने नई रजिस्ट्री व्यवस्था में बदलाव के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ई-पंजीकरण प्रणाली उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर रही है और इससे हजारों लोगों के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि विधिक ज्ञान के अभाव के कारण नई व्यवस्था में त्रुटियां बढ़ेंगी, जिससे लोगों को परेशानी होगी। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ई-पंजीकरण आदेश को निरस्त नहीं किया गया, तो वे एक व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- शाहजहांपुर के विकास खंड मदनापुर की ग्राम पंचायत गुमटा के पंचायत भवन में कई अनियमितताएं और अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। इन समस्याओं के कारण ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, पंचायत भवन के कंप्यूटर कक्ष में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं है, जिससे आवश्यक कार्य बाधित हो रहे हैं। पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह बदहाल है; पानी की टंकी जमीन पर रखी हुई है और परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भी जूझना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए उन्हें मदनापुर या अन्य जगहों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद होता है। पंचायत सहायक सुनील कुमार ने मीडिया को बताया कि पंचायत भवन में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को सही ढंग से सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं के समाधान की मांग की है, ताकि पंचायत भवन को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पंचायत भवन की व्यवस्थाओं में सुधार करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।2
- डीआईजी यमुना प्रसाद ने जनता की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण पर जोर दिया।1
- फर्रुखाबाद के कायमगंज तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन द्वारा शनिवार को एक पंचायत का आयोजन किया गया।1
- आज शनिवार को जिला अधिकारी अंकुर लाधर फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में पूरे दिन उपस्थित रहे। इस दौरान ‘एफ.जी.आर. 20.6.2026’ का भी उल्लेख किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के थाना मेरापुर अंतर्गत ग्राम ढर्रा शादी नगर में पूर्व प्रधान के भाई की हत्या हुए करीब आठ दिन बीत चुके हैं। इस गंभीर मामले में मेरापुर पुलिस पर अब तक कोई कार्रवाई न करने और उल्टे अभियुक्तों को शरण देने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, अभियुक्त गण संजीव उर्फ सिंटू, शिव प्रकाश, पिंटू, कालू उर्फ राजीव और रामबरन — जो सभी विश्वेश्वर दयाल के पुत्र हैं — ने एक राय होकर इस हत्या को अंजाम दिया है। आरोप है कि पुलिस ने अपराधियों से सांठगांठ कर इस घटना को अंजाम देने में मदद की है और अब उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। पीड़ित महिला ममता देवी न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रही हैं, लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार का न्याय नहीं मिल रहा है। इस तरह की कानून व्यवस्था से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ गया है। गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि योगी सरकार में ब्राह्मणों की हत्याएँ एक आम बात बन गई हैं, जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1