सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था, लगातार हो रही कटौती और बिजली बिलों से परेशान प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने शुक्रवार को बिजली ऑफिस का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्र से पूरे राजस्थान को रोशन किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद वे खुद अंधकारमय जीवन जीने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया कि परसा ईस्ट केते बासेन परसा कोल ब्लॉक से विद्युत आपूर्ति के लिए इस क्षेत्र के लोगों ने अपनी हजारों हेक्टेयर जमीन देश के विकास के लिए न्योछावर कर दी, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ बिजली कटौती और अनाप-शनाप बिजली बिलों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उग्र ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की इस लचर व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की है। उन्होंने क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने और उपभोक्ताओं की बिना अनुमति व सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरी तरह बंद करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीओ) उदयपुर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस घेराव और प्रदर्शन में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ दर्जनों जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से जनपद अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, जनपद उपाध्यक्ष सिद्धार्थ बाबा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रैमुनिया करियाम और गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन के जिला संयोजक नवल सिंह वरकड़े मौजूद रहे। इसके अलावा विजय कुमार कोर्राम, मनोहर सिंह उईके, प्रदीप सिंह मरकाम, श्रीपाल सिंह पोर्ते, श्रवण सिंह वरकड़े, मनबोध सिंह मरकाम, मोहेलाल उईके, गोविंदा बरगाह, महेश कुसरो, मसत राम कमरो, अमृता सिंह, रामेश्वरी पोर्ते, तुलसी उईके, नंदा राम, देवलोचन और प्रधान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था, लगातार हो रही कटौती और बिजली बिलों से परेशान प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने शुक्रवार को बिजली ऑफिस का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्र से पूरे राजस्थान
को रोशन किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद वे खुद अंधकारमय जीवन जीने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया कि परसा ईस्ट केते बासेन परसा कोल ब्लॉक से विद्युत आपूर्ति के लिए इस क्षेत्र के लोगों ने अपनी हजारों हेक्टेयर जमीन देश के विकास के लिए
न्योछावर कर दी, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ बिजली कटौती और अनाप-शनाप बिजली बिलों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उग्र ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की इस लचर व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की है। उन्होंने क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध
बिजली आपूर्ति बहाल करने और उपभोक्ताओं की बिना अनुमति व सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरी तरह बंद करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीओ) उदयपुर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस घेराव और प्रदर्शन में सैकड़ों ग्रामीणों के
साथ दर्जनों जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से जनपद अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, जनपद उपाध्यक्ष सिद्धार्थ बाबा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रैमुनिया करियाम और गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन के जिला संयोजक नवल सिंह वरकड़े मौजूद रहे। इसके अलावा विजय कुमार कोर्राम, मनोहर सिंह उईके,
प्रदीप सिंह मरकाम, श्रीपाल सिंह पोर्ते, श्रवण सिंह वरकड़े, मनबोध सिंह मरकाम, मोहेलाल उईके, गोविंदा बरगाह, महेश कुसरो, मसत राम कमरो, अमृता सिंह, रामेश्वरी पोर्ते, तुलसी उईके, नंदा राम, देवलोचन और प्रधान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में आज मौसम का तापमान काफी अधिक है और तेज धूप निकली हुई है। ऐसी भीषण धूप को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यदि दो-चार दिन और ऐसी ही स्थिति रही, तो खेतों में लगाई जा रही धान की फसल पूरी तरह मुरझा जाएगी और जमीन सूख जाएगी। हालांकि, अत्यधिक तापमान और इस भीषण धूप के बीच यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ समय में बारिश हो सकती है।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर के माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और समाज के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल थे। उन्होंने अपने संबोधन में बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध और पारिस्थितिक अपराध के बीच का अंतर, अपराधों की गंभीरता तथा उनके लिए तय दंडात्मक प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री वारियाल ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने अपने छात्र जीवन और न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग करने और ज्ञानवर्धन के लिए इंटरनेट व मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण सहित पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने बैठक में मौजूद सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात कही ताकि देश के विकास को गति दी जा सके और विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से देश के विकास और संगठन पर फोकस किया गया। बैठक के बाद अब यह सवाल सामने रखा गया है कि देश के विकास की दिशा में इस बैठक का क्या प्रभाव पड़ेगा, जिस पर लोगों से कमेंट में अपनी राय देने को कहा गया है।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम बताया। श्री वारियाल ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनसे संबंधित दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 तथा किशोर न्याय से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। अपने छात्र जीवन से न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने और उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की सलाह दी और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता व NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स भी मौजूद रहे।4
- Ajardeep sonawani Kumar DJ soga you tomorrow morning 8hfibvfivhi3
- कोरिया जिले के बहुचर्चित आदिवासी छात्रा आत्महत्या कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी विनोद बैद को राजस्थान से लौटते समय अनूपपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के लिए आरोपी को बैकुंठपुर स्थित आईसी मार्ट लेकर पहुंची, जहां मामले से जुड़े अहम साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की गई। इस पूरे मामले का खुलासा कोरिया पुलिस अधीक्षक ने एसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान किया। एसपी ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक एक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और छापेमारी की जा रही है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी विनोद बैद से गहन पूछताछ जारी है और उसके बयानों के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस बहुचर्चित मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। जिले में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- कोरिया के पटना नगर पंचायत में लगभग 70 से 80 वर्ष पुराने एक शासकीय विद्यालय को तोड़े जाने के बाद अब उसी भूमि पर निर्माण कार्य बेहद तेज़ी से जारी है। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रशासन द्वारा इस निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए जाने के बावजूद भी मौके पर काम लगातार चल रहा है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है। लोगों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने निर्माण रोकने के निर्देश दिए हैं, तो फिर इस आदेश का पालन कौन कराएगा? आखिर किसके संरक्षण में सरकारी भूमि पर खुलेआम यह निर्माण कार्य जारी है? स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे यह संदेश जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों के सामने प्रशासनिक आदेश भी बौने साबित हो रहे हैं। जिस भूमि पर वर्षों तक शासकीय विद्यालय संचालित होता रहा, आज वहां चल रहे निर्माण कार्य को लेकर मांग उठ रही है कि यदि यह वैध है तो संबंधित विभाग को इसके सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए। वहीं, यदि यह निर्माण अवैध है तो इस पर तत्काल रोक लगाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अब जनता की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन अपने ही आदेश का पालन करा पाएगा या सरकारी जमीन पर कब्जे का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए शिक्षा ही सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। न्यायाधीश श्री वारियाल ने सरल भाषा में विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनके दंडात्मक प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने समाज में अपराधों की रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना आवश्यक बताया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। छात्रों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने अपने छात्र जीवन से लेकर न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को भी साझा किया। कार्यक्रम के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने और इंटरनेट व मोबाइल का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी गई। श्री वारियाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3