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डीएमएफटी फंड से बना जल मीनार अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। डीएमएफटी फंड से बना जल मीनार अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। भीषण गर्मी के बीच पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। मामला देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड अंतर्गत सिमालगढ़ पंचायत के करी जमुना टोला का बताया जा रहा है, जहां बीते 70 से 90 दिनों से जल मीनार बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल मीनार में लगे जनरेटर की खराबी के कारण पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। आलम यह है कि इस भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पानी की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा और कब तक बंद पड़े इस जल मीनार को चालू किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

3 hrs ago
user_कृष्णा गोस्वामी पत्रकार
कृष्णा गोस्वामी पत्रकार
पालोजोरी, देवघर, झारखंड•
3 hrs ago

डीएमएफटी फंड से बना जल मीनार अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। डीएमएफटी फंड से बना जल मीनार अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। भीषण गर्मी के बीच पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। मामला देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड अंतर्गत सिमालगढ़ पंचायत के करी जमुना टोला का बताया जा रहा है, जहां बीते 70 से 90 दिनों से जल मीनार बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल मीनार में लगे जनरेटर की खराबी के कारण पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। आलम यह है कि इस भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पानी की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा और कब तक बंद पड़े इस जल मीनार को चालू किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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  • डीएमएफटी फंड से बना जल मीनार अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। भीषण गर्मी के बीच पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। मामला देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड अंतर्गत सिमालगढ़ पंचायत के करी जमुना टोला का बताया जा रहा है, जहां बीते 70 से 90 दिनों से जल मीनार बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल मीनार में लगे जनरेटर की खराबी के कारण पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। आलम यह है कि इस भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पानी की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा और कब तक बंद पड़े इस जल मीनार को चालू किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    डीएमएफटी फंड से बना जल मीनार अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। भीषण गर्मी के बीच पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। मामला देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड अंतर्गत सिमालगढ़ पंचायत के करी जमुना टोला का बताया जा रहा है, जहां बीते 70 से 90 दिनों से जल मीनार बंद पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल मीनार में लगे जनरेटर की खराबी के कारण पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। आलम यह है कि इस भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पानी की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा और कब तक बंद पड़े इस जल मीनार को चालू किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_कृष्णा गोस्वामी पत्रकार
    कृष्णा गोस्वामी पत्रकार
    पालोजोरी, देवघर, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by Ganesh ray
    1
    Post by Ganesh ray
    user_Ganesh ray
    Ganesh ray
    दुमका, दुमका, झारखंड•
    6 hrs ago
  • Post by Pankaj Pandit
    2
    Post by Pankaj Pandit
    user_Pankaj Pandit
    Pankaj Pandit
    दुमका, दुमका, झारखंड•
    21 hrs ago
  • इस बार EVM नहीं SIR होगा कारण mtlb दीदी बांग्लादेशी वोट से ही चुनाव जीतती थी 😄
    1
    इस बार EVM नहीं SIR होगा कारण 
mtlb दीदी बांग्लादेशी वोट से ही चुनाव जीतती थी 😄
    user_Chintu Kumar
    Chintu Kumar
    Local News Reporter सोना राय थरही, देवघर, झारखंड•
    1 hr ago
  • *पेयजल पखवाड़ा की खुली पोल, मेंझिया में अब भी खराब पड़े चापाकल* #पेयजल #अभियान #फेल #highlightseveryone #hilightseveryonefollowerseelsfypシ゚viralvideo #reporter #yogeshkumar #जामताड़ा जामताड़ा | संवाददाता। योगेश कुमार। जामताड़ा जिले में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” अब सवालों के घेरे में है। 9 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चले इस अभियान की जमीनी हकीकत सदर प्रखंड के मेझिया गांव में देखने को मिल रही है, जहां कई चापाकल आज भी खराब पड़े हैं और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार मेंझिया के मुख्य मोड़ पर तीन चापाकल, मेझिया विद्यालय में दो चापाकल तथा लिपिडीह आंगनबाड़ी केंद्र का एक चापाकल लंबे समय से खराब है। इससे करीब 50 घरों की आबादी प्रभावित है। लोगों को आधा से एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में दुर्गा मंदिर स्थित चापाकल या जनप्रतिनिधियों के घर से पानी लेने को विवश हैं। उप मुखिया प्रतिनिधि नंदलाल पाल ने बताया कि बाजार के चापाकलों में पाइप, हेड और सिलेंडर वर्षों से खराब हैं। पखवाड़ा के दौरान ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई और जनप्रतिनिधियों से हस्ताक्षर भी कराए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तर से निजी खर्च पर मरम्मत कराने की सलाह दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं काशीनाथ राय और आनंद पंडित ने कहा कि अभियान के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और एक भी चापाकल पूरी तरह ठीक नहीं किया गया, जिससे यह योजना धरातल पर विफल साबित हो रही है। प्रशासन का पक्ष कनीय अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि फिलहाल साधारण मरम्मत कार्य के लिए टेंडर हुआ है, जिसके तहत छोटी-मोटी खराबियों को दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाइप बदलने जैसे बड़े कार्य आरआरपी (रूरल रिपेयर प्रोग्राम) के तहत टेंडर होने के बाद ही किए जाएंगे। वर्तमान में मुखिया के सहयोग से आरआरपी के तहत पाइप उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं पेयजल विभाग के एसडीओ अशोक पासवान ने बताया कि मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। प्रत्येक प्रखंड में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा मरम्मत कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि संबंधित जनप्रतिनिधियों और मुखिया को आपसी समन्वय स्थापित कर मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी खराब चापाकलों के पुर्जे बदलकर उन्हें चालू किया जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके। मौके पर संजीत मंडल, धनंजय भंडारी, काशी राय, सुभाष हारी, रविंद्र मुर्मू सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
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    *पेयजल पखवाड़ा की खुली पोल, मेंझिया में अब भी खराब पड़े चापाकल*
#पेयजल #अभियान #फेल
#highlightseveryone #hilightseveryonefollowerseelsfypシ゚viralvideo #reporter #yogeshkumar #जामताड़ा 
जामताड़ा | संवाददाता। योगेश कुमार।
जामताड़ा जिले में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” अब सवालों के घेरे में है। 9 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चले इस अभियान की जमीनी हकीकत सदर प्रखंड के मेझिया गांव में देखने को मिल रही है, जहां कई चापाकल आज भी खराब पड़े हैं और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार मेंझिया के मुख्य मोड़ पर तीन चापाकल, मेझिया विद्यालय में दो चापाकल तथा लिपिडीह आंगनबाड़ी केंद्र का एक चापाकल लंबे समय से खराब है। इससे करीब 50 घरों की आबादी प्रभावित है। लोगों को आधा से एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में दुर्गा मंदिर स्थित चापाकल या जनप्रतिनिधियों के घर से पानी लेने को विवश हैं।
उप मुखिया प्रतिनिधि नंदलाल पाल ने बताया कि बाजार के चापाकलों में पाइप, हेड और सिलेंडर वर्षों से खराब हैं। पखवाड़ा के दौरान ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई और जनप्रतिनिधियों से हस्ताक्षर भी कराए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तर से निजी खर्च पर मरम्मत कराने की सलाह दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
वहीं काशीनाथ राय और आनंद पंडित ने कहा कि अभियान के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और एक भी चापाकल पूरी तरह ठीक नहीं किया गया, जिससे यह योजना धरातल पर विफल साबित हो रही है।
प्रशासन का पक्ष
कनीय अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि फिलहाल साधारण मरम्मत कार्य के लिए टेंडर हुआ है, जिसके तहत छोटी-मोटी खराबियों को दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाइप बदलने जैसे बड़े कार्य आरआरपी (रूरल रिपेयर प्रोग्राम) के तहत टेंडर होने के बाद ही किए जाएंगे। वर्तमान में मुखिया के सहयोग से आरआरपी के तहत पाइप उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं पेयजल विभाग के एसडीओ अशोक पासवान ने बताया कि मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। प्रत्येक प्रखंड में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा मरम्मत कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि संबंधित जनप्रतिनिधियों और मुखिया को आपसी समन्वय स्थापित कर मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी खराब चापाकलों के पुर्जे बदलकर उन्हें चालू किया जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।
मौके पर संजीत मंडल, धनंजय भंडारी, काशी राय, सुभाष हारी, रविंद्र मुर्मू सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
    user_Yogesh Kumar
    Yogesh Kumar
    Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Balram Choudhary
    2
    Post by Balram Choudhary
    user_Balram Choudhary
    Balram Choudhary
    सराययाहट, दुमका, झारखंड•
    6 hrs ago
  • Post by Jharkhand ka new khabar
    1
    Post by Jharkhand ka new khabar
    user_Jharkhand ka new khabar
    Jharkhand ka new khabar
    Voice of people सोना राय थरही, देवघर, झारखंड•
    8 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल के वर्दमान जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी के लहर कुर्सी तोड़े
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    पश्चिम बंगाल के वर्दमान जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी के लहर कुर्सी तोड़े
    user_Chintu Kumar
    Chintu Kumar
    Local News Reporter सोना राय थरही, देवघर, झारखंड•
    2 hrs ago
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