उनियारा, खरबूजे की मिठास ऐसी की शक्कर भी फेल, ढाई बीघा में 7 से 8 लाख रुपए 3 महीने में कमाते हैं रमेश माली। उनियारा, उपखंड क्षेत्र का में महमूद नगर गांव जहां के किसान ने ढाई बीघा जमीन में खरबूजे की फसल पैदा कर 3 महीने में 7 से 8 लाख रुपए कमा लेते हैं। वह प्रतिदिन उनियारा सब्जी मंडी में 40 थेलिया में खरबूजे लेकर आते हैं जिनसे लगभग 10 से ₹12000 हजार प्रतिदिन घर लेकर जाते हैं। खरबूजे की मिठास ऐसी है कि जिसने खाया एक बार उसका जी ललचाया हर बार। रमेश बताते हैं कि वह मिर्ची काचरा वह अन्य फसल भी करते हैं। उनको यह लक कहीं देख कर लगी इसके बाद में उन्होंने अपने खेत पर भी खरबूजे मिर्ची सहित अन्य फसल सब्जियां पैदा करनी शुरू करी। 35% 40% की लागत में वह इनको तैयार कर लेते हैं और उनियारा सब्जी मंडी में प्रतिदिन खरबूजे बेचने आते हैं और लोग उनका इंतजार करते रहते हैं। जिसने भी खरबूजा खाया वह हर बार उसी का खरबूजे खाने को मजबूत होता है।
उनियारा, खरबूजे की मिठास ऐसी की शक्कर भी फेल, ढाई बीघा में 7 से 8 लाख रुपए 3 महीने में कमाते हैं रमेश माली। उनियारा, उपखंड क्षेत्र का में महमूद नगर गांव जहां के किसान ने ढाई बीघा जमीन में खरबूजे की फसल पैदा कर 3 महीने
में 7 से 8 लाख रुपए कमा लेते हैं। वह प्रतिदिन उनियारा सब्जी मंडी में 40 थेलिया में खरबूजे लेकर आते हैं जिनसे लगभग 10 से ₹12000 हजार प्रतिदिन घर लेकर जाते हैं। खरबूजे की मिठास ऐसी है कि जिसने खाया एक बार उसका जी
ललचाया हर बार। रमेश बताते हैं कि वह मिर्ची काचरा वह अन्य फसल भी करते हैं। उनको यह लक कहीं देख कर लगी इसके बाद में उन्होंने अपने खेत पर भी खरबूजे मिर्ची सहित अन्य फसल सब्जियां पैदा करनी शुरू करी। 35% 40%
की लागत में वह इनको तैयार कर लेते हैं और उनियारा सब्जी मंडी में प्रतिदिन खरबूजे बेचने आते हैं और लोग उनका इंतजार करते रहते हैं। जिसने भी खरबूजा खाया वह हर बार उसी का खरबूजे खाने को मजबूत होता है।
- उनियारा, उपखंड क्षेत्र का में महमूद नगर गांव जहां के किसान ने ढाई बीघा जमीन में खरबूजे की फसल पैदा कर 3 महीने में 7 से 8 लाख रुपए कमा लेते हैं। वह प्रतिदिन उनियारा सब्जी मंडी में 40 थेलिया में खरबूजे लेकर आते हैं जिनसे लगभग 10 से ₹12000 हजार प्रतिदिन घर लेकर जाते हैं। खरबूजे की मिठास ऐसी है कि जिसने खाया एक बार उसका जी ललचाया हर बार। रमेश बताते हैं कि वह मिर्ची काचरा वह अन्य फसल भी करते हैं। उनको यह लक कहीं देख कर लगी इसके बाद में उन्होंने अपने खेत पर भी खरबूजे मिर्ची सहित अन्य फसल सब्जियां पैदा करनी शुरू करी। 35% 40% की लागत में वह इनको तैयार कर लेते हैं और उनियारा सब्जी मंडी में प्रतिदिन खरबूजे बेचने आते हैं और लोग उनका इंतजार करते रहते हैं। जिसने भी खरबूजा खाया वह हर बार उसी का खरबूजे खाने को मजबूत होता है।4
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- *सवाई माधोपुर, 20 अप्रैल।* जिला निष्पादन समिति एवं मिड-डे मील की समीक्षा बैठक सोमवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिले की शैक्षिक गतिविधियों, विद्यालयी व्यवस्थाओं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने वर्तमान नवीन सत्र में प्रवेशोत्सव के तहत नामांकन वृद्धि पर विशेष ध्यान देने, ड्रॉपआउट एवं अनामांकित बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने निर्देश दिए। उन्होंने सभी संस्था प्रधानों को राजकीय विद्यालयों में परीक्षा परिणाम सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच करवाने के निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर ने पोषण ट्रैकर एवं पीसीटीएस पोर्टल पर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीकरण में प्रगति लाने, ई-केवाईसी एवं आधार फेस मिलान सुनिश्चित करने तथा कुपोषित बच्चों की स्थिति में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री न्यूट्री किट योजना के तहत गर्भवति महिलाओं को अंतिम पांच माह के लिए अतिरिक्त पोषण हेतु किट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर, कक्षा-कक्ष गतिविधियों एवं सहगामी गतिविधियों की नियमित जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाई जाए तथा घर पर अध्ययन के प्रति भी उन्हें प्रेरित किया जाए। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र बालिकाओं को लाभ प्रदान करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं के तहत स्वीकृत नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की संख्या बढ़ाने, आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अप्रारम्भ कार्यो का शीघ्र प्रारम्भ करवाने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा साप्ताहिक रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए। साथ ही समसा के अंतर्गत भविष्य की उड़ान नवाचार अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों की सतत निगरानी पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा रैंकिंग में सुधार के लिए सभी पैरामीटर पर संतुलित प्रगति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में जिले का प्रदर्शन कमजोर है, उनमें विशेष प्रयास किए जाएं। सभी सीबीईओ को अपने-अपने ब्लॉक स्तर पर विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा प्रधानाचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर परिणामोन्मुख कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएमश्री विद्यालय, व्यावसायिक शिक्षा, विद्यालय भवन मरम्मत, एसडीआरएफ कार्य, साक्षरता अभियान एवं मिड-डे मील योजनाओं की भी समीक्षा की। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उप निदेशक प्रियंका शर्मा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की। जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि पालनहार योजना के तहत वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने विद्यालयों में विद्युत एवं पेयजल कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पट्टा विहीन विद्यालयों की सूची तैयार कर संबंधित उपखंड अधिकारियों को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरकेश लाल मीना, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक देवी लाल मीना, एडीपीसी दिनेश गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी, जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना सहित समस्त सीबीईओ, सीडीपीओ, पीओ उपस्थित रहे।1
- टोंक जनाना अस्पताल बन रहा है बीमारियों का घर लाख कोशिशें के बाद नहीं सुधर रहे हालात अस्पताल में एक बेड पर चार-चार बच्चे ,फायर सिस्टम खत्म,ऑक्सीजन सप्लाई पूरी तरह से तरह से बंद। नर्सिंग स्टाफ की कमी ,गंदगी का साम्राज्य, और क्या-क्या लिखे आखिर इस जनाना अस्पताल की तारीफों में आप खुद देखिए पूरा वीडियो और कमेंट करके बताएं क्या टोंक के निवासी यह लापरवाही सहते रहेंगे?1
- Post by Chamunda dj tokrawas amitabh1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- Sonu Sonu video bheji gai4
- महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय फूलेता के प्रधानाध्यापक कक्ष का अज्ञात जनों ने ताला तोड़कर उसमें अलमारी को तोड़कर कई सामान चुराने की कोशिश की। चोरों ने कंप्यूटर लैब में रखें सब सामानों को तोड़फोड़ कर कट्टे में भरकर छत पर ले गए जहां शायद जाग होने से पटक कर भाग गए। प्रधानाचार्य कक्ष की कुर्सी भी छत पर मिली। घटना की जानकारी प्रधानाचार्य एवं स्टाफ जब स्कूल पहुंचा तब उन्हें मिली इस पर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घटना का मौका महीना किया है4