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मुंगावली न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें, सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाये गये विवाद। मुगावली। शनिवार दिनाक 14 ।03।2026 को न्यायालय परिसर मुगावली राष्ट्रीय लोग अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के प्रारंभ में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया द्वारा राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया एवं उपस्थित मीडिया व उपस्थित पक्षकारगण को संबोधित करते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत के माध्यम से आज अधिक से अधिक लबित राजीनामा योग्य आपराधिक एवं सिविल प्रकरणों, विद्युत प्रकरणों, प्री-लिटिगेशन व चेक बाउंस आदि प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, जिसमें समस्त उपस्थित अभिभाषकगण व पक्षकारों की सहभागिता भी अपेक्षित है। लोक अदालत दाम्पत्य संबंधों में सुधार लाने का एक स्वर्णिम अवसर है, जिसके माध्यम से यदि दामपत्य जीवन के बिगड़े हुए संबंधों को आपसी सहमति से निपटा सकें, तो इस परिस्थिति न तो किसी एक पक्ष की जीत होगी एवं न ही किसी एक पक्ष की हार होगी एवं न्यायालय में लंबित प्रकरण के निराकरण से समय व धन की भी बचत होती है एवं वहीं उक्त समय व धन को भावी पीढ़ी के बच्चों की शिक्षा में खर्च किया जाये, तो न केवल एक परिवार, एक गांव, एक शहर, बल्कि देखा जाये तो देश, प्रदेश की उन्नति का द्वार खुलता है, जो संपूर्ण मानव जाति की उन्नति का आधार भी बनता है। न्यायाधीश श्रीमती पारुल चौकसे एवं न्यायाधीश सुश्री डॉ. अनु सिंघई एवं न्यायाधीश सुश्री द्रुतिका उपाध्याय द्वारा व्यक्त किया गया कि लोक अदालत राजीनामा करने का एक अच्छा माध्यम है, जिसमें राजीनामा करने के कई फायदे हैं। लोक अदालत में लोगों को सुलभ व त्वरित लाभ प्राप्त होता है एवं कोई शुल्क भी नहीं लगता है। लोक अदालत के फैसले पर कोई पुनर्विचार भी नहीं होता है। न्यायालय मुंगावली में 04 खण्डपीठ के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया गया। जिला न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया की खंडपीठ में कुल- 16 प्रकरणों का निराकरण हुआ एवं विद्युत अधिनियम प्रकारणो में राजीनाम हुआ। श्रीमती पारुल चौकसे न्यायधीश महोदय के न्यायालय में कुल- 47 प्रकरणों का निराकरण किया गया। न्यायाधीश डॉ अनु सिंघइ के न्यायालय में कुल- 26 न्यायाधीश, सुश्री द्रुतिका उपाध्याय न्यायाधीश के न्यायालय में 28 इस प्रकार मुंगावली न्यायालय में लंबित कुल 117 राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिनमें संपूर्ण प्रकरणों में कुल 20161814 रुपए की राशि की गई लोक अदालत में सुलह कराने में श्री रितेश मोदी, श्री रितेश मोदी, श्री अनिल कुलैया, श्री राधामोहन तिवारी, श्री हरिओम त्रिवेदी, श्री डी के श्रीवास्तव, श्री शानमिया, श्री अमर सिंह नरवरिया व अन्य अभिभाषकगण द्वारा विशेष सहयोग किया। न्यायालय मुगावली में कार्यरत कर्मचारीगण श्री इसरार अली, श्री अरुण कुमार भट्ट , श्री रहीश बख्श कुरैशी नायब नाजिर,श्री राजेश मिश्रा, श्रीमती हिमांशी जैन, श्री मति प्रियंका बंसल, श्री राघवेंद्र बाजपेई, श्री सोहेल खान, प्रदीप यादव व अन्य कर्मचारीगण द्वारा भी राजीनामा हेतु सराहनीय प्रयास किया गया।

5 hrs ago
user_ADJ,Alim Dyer Journalist
ADJ,Alim Dyer Journalist
Reporter Mungaoli•
5 hrs ago

मुंगावली न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें, सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाये गये विवाद। मुगावली। शनिवार दिनाक 14 ।03।2026 को न्यायालय परिसर मुगावली राष्ट्रीय लोग अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के प्रारंभ में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया द्वारा राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया एवं उपस्थित मीडिया व उपस्थित पक्षकारगण को संबोधित करते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत के माध्यम से आज अधिक से अधिक लबित राजीनामा योग्य आपराधिक एवं सिविल प्रकरणों, विद्युत प्रकरणों, प्री-लिटिगेशन व चेक बाउंस आदि प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, जिसमें समस्त उपस्थित अभिभाषकगण व पक्षकारों की सहभागिता भी अपेक्षित है। लोक

अदालत दाम्पत्य संबंधों में सुधार लाने का एक स्वर्णिम अवसर है, जिसके माध्यम से यदि दामपत्य जीवन के बिगड़े हुए संबंधों को आपसी सहमति से निपटा सकें, तो इस परिस्थिति न तो किसी एक पक्ष की जीत होगी एवं न ही किसी एक पक्ष की हार होगी एवं न्यायालय में लंबित प्रकरण के निराकरण से समय व धन की भी बचत होती है एवं वहीं उक्त समय व धन को भावी पीढ़ी के बच्चों की शिक्षा में खर्च किया जाये, तो न केवल एक परिवार, एक गांव, एक शहर, बल्कि देखा जाये तो देश, प्रदेश की उन्नति का द्वार खुलता है, जो संपूर्ण मानव जाति की उन्नति का आधार भी बनता है। न्यायाधीश श्रीमती पारुल चौकसे एवं न्यायाधीश सुश्री डॉ. अनु सिंघई

एवं न्यायाधीश सुश्री द्रुतिका उपाध्याय द्वारा व्यक्त किया गया कि लोक अदालत राजीनामा करने का एक अच्छा माध्यम है, जिसमें राजीनामा करने के कई फायदे हैं। लोक अदालत में लोगों को सुलभ व त्वरित लाभ प्राप्त होता है एवं कोई शुल्क भी नहीं लगता है। लोक अदालत के फैसले पर कोई पुनर्विचार भी नहीं होता है। न्यायालय मुंगावली में 04 खण्डपीठ के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया गया। जिला न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया की खंडपीठ में कुल- 16 प्रकरणों का निराकरण हुआ एवं विद्युत अधिनियम प्रकारणो में राजीनाम हुआ। श्रीमती पारुल चौकसे न्यायधीश महोदय के न्यायालय में कुल- 47 प्रकरणों का निराकरण किया गया। न्यायाधीश डॉ अनु सिंघइ के न्यायालय में कुल- 26 न्यायाधीश,

सुश्री द्रुतिका उपाध्याय न्यायाधीश के न्यायालय में 28 इस प्रकार मुंगावली न्यायालय में लंबित कुल 117 राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिनमें संपूर्ण प्रकरणों में कुल 20161814 रुपए की राशि की गई लोक अदालत में सुलह कराने में श्री रितेश मोदी, श्री रितेश मोदी, श्री अनिल कुलैया, श्री राधामोहन तिवारी, श्री हरिओम त्रिवेदी, श्री डी के श्रीवास्तव, श्री शानमिया, श्री अमर सिंह नरवरिया व अन्य अभिभाषकगण द्वारा विशेष सहयोग किया। न्यायालय मुगावली में कार्यरत कर्मचारीगण श्री इसरार अली, श्री अरुण कुमार भट्ट , श्री रहीश बख्श कुरैशी नायब नाजिर,श्री राजेश मिश्रा, श्रीमती हिमांशी जैन, श्री मति प्रियंका बंसल, श्री राघवेंद्र बाजपेई, श्री सोहेल खान, प्रदीप यादव व अन्य कर्मचारीगण द्वारा भी राजीनामा हेतु सराहनीय प्रयास किया गया।

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  • मुगावली। शनिवार दिनाक 14 ।03।2026 को न्यायालय परिसर मुगावली राष्ट्रीय लोग अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के प्रारंभ में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया द्वारा राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया एवं उपस्थित मीडिया व उपस्थित पक्षकारगण को संबोधित करते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत के माध्यम से आज अधिक से अधिक लबित राजीनामा योग्य आपराधिक एवं सिविल प्रकरणों, विद्युत प्रकरणों, प्री-लिटिगेशन व चेक बाउंस आदि प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, जिसमें समस्त उपस्थित अभिभाषकगण व पक्षकारों की सहभागिता भी अपेक्षित है। लोक अदालत दाम्पत्य संबंधों में सुधार लाने का एक स्वर्णिम अवसर है, जिसके माध्यम से यदि दामपत्य जीवन के बिगड़े हुए संबंधों को आपसी सहमति से निपटा सकें, तो इस परिस्थिति न तो किसी एक पक्ष की जीत होगी एवं न ही किसी एक पक्ष की हार होगी एवं न्यायालय में लंबित प्रकरण के निराकरण से समय व धन की भी बचत होती है एवं वहीं उक्त समय व धन को भावी पीढ़ी के बच्चों की शिक्षा में खर्च किया जाये, तो न केवल एक परिवार, एक गांव, एक शहर, बल्कि देखा जाये तो देश, प्रदेश की उन्नति का द्वार खुलता है, जो संपूर्ण मानव जाति की उन्नति का आधार भी बनता है। न्यायाधीश श्रीमती पारुल चौकसे एवं न्यायाधीश सुश्री डॉ. अनु सिंघई एवं न्यायाधीश सुश्री द्रुतिका उपाध्याय द्वारा व्यक्त किया गया कि लोक अदालत राजीनामा करने का एक अच्छा माध्यम है, जिसमें राजीनामा करने के कई फायदे हैं। लोक अदालत में लोगों को सुलभ व त्वरित लाभ प्राप्त होता है एवं कोई शुल्क भी नहीं लगता है। लोक अदालत के फैसले पर कोई पुनर्विचार भी नहीं होता है। न्यायालय मुंगावली में 04 खण्डपीठ के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया गया। जिला न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया की खंडपीठ में कुल- 16 प्रकरणों का निराकरण हुआ एवं विद्युत अधिनियम प्रकारणो में राजीनाम हुआ। श्रीमती पारुल चौकसे न्यायधीश महोदय के न्यायालय में कुल- 47 प्रकरणों का निराकरण किया गया। न्यायाधीश डॉ अनु सिंघइ के न्यायालय में कुल- 26 न्यायाधीश, सुश्री द्रुतिका उपाध्याय न्यायाधीश के न्यायालय में 28 इस प्रकार मुंगावली न्यायालय में लंबित कुल 117 राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिनमें संपूर्ण प्रकरणों में कुल 20161814 रुपए की राशि की गई लोक अदालत में सुलह कराने में श्री रितेश मोदी, श्री रितेश मोदी, श्री अनिल कुलैया, श्री राधामोहन तिवारी, श्री हरिओम त्रिवेदी, श्री डी के श्रीवास्तव, श्री शानमिया, श्री अमर सिंह नरवरिया व अन्य अभिभाषकगण द्वारा विशेष सहयोग किया। न्यायालय मुगावली में कार्यरत कर्मचारीगण श्री इसरार अली, श्री अरुण कुमार भट्ट , श्री रहीश बख्श कुरैशी नायब नाजिर,श्री राजेश मिश्रा, श्रीमती हिमांशी जैन, श्री मति प्रियंका बंसल, श्री राघवेंद्र बाजपेई, श्री सोहेल खान, प्रदीप यादव व अन्य कर्मचारीगण द्वारा भी राजीनामा हेतु सराहनीय प्रयास किया गया।
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    मुगावली। शनिवार दिनाक 14 ।03।2026 को न्यायालय परिसर मुगावली राष्ट्रीय लोग अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के प्रारंभ में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया द्वारा राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया एवं उपस्थित मीडिया व उपस्थित पक्षकारगण को संबोधित करते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत के माध्यम से आज अधिक से अधिक लबित राजीनामा योग्य आपराधिक एवं सिविल प्रकरणों, विद्युत प्रकरणों, प्री-लिटिगेशन व चेक बाउंस आदि प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, जिसमें समस्त उपस्थित अभिभाषकगण व पक्षकारों की सहभागिता भी अपेक्षित है। लोक अदालत दाम्पत्य संबंधों में सुधार लाने का एक स्वर्णिम अवसर है, जिसके माध्यम से यदि दामपत्य जीवन के बिगड़े हुए संबंधों को आपसी सहमति से निपटा सकें, तो इस परिस्थिति न तो किसी एक पक्ष की जीत होगी एवं न ही किसी एक पक्ष की हार होगी एवं न्यायालय में लंबित प्रकरण के निराकरण से समय व धन की भी बचत होती है एवं वहीं उक्त समय व धन को भावी पीढ़ी  के बच्चों की शिक्षा में खर्च किया जाये, तो न केवल एक परिवार, एक गांव, एक शहर, बल्कि देखा जाये तो देश, प्रदेश की उन्नति का द्वार खुलता है, जो संपूर्ण मानव जाति की उन्नति का आधार भी बनता है। न्यायाधीश श्रीमती पारुल चौकसे एवं न्यायाधीश सुश्री डॉ. अनु सिंघई एवं न्यायाधीश सुश्री द्रुतिका उपाध्याय द्वारा व्यक्त किया गया कि लोक अदालत राजीनामा करने का एक अच्छा माध्यम है, जिसमें राजीनामा करने के कई फायदे हैं। लोक अदालत में लोगों को सुलभ व त्वरित लाभ प्राप्त होता है एवं कोई शुल्क भी नहीं लगता है। लोक अदालत के फैसले पर कोई पुनर्विचार भी नहीं होता है। न्यायालय मुंगावली में 04 खण्डपीठ के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया गया। जिला न्यायाधीश श्री अजय नील करोठिया की खंडपीठ में कुल- 16 प्रकरणों का निराकरण हुआ एवं विद्युत अधिनियम प्रकारणो में राजीनाम हुआ। श्रीमती पारुल चौकसे न्यायधीश महोदय के न्यायालय में कुल- 47  प्रकरणों का निराकरण किया गया। न्यायाधीश डॉ अनु सिंघइ के न्यायालय में कुल- 26 न्यायाधीश,  सुश्री द्रुतिका उपाध्याय न्यायाधीश के न्यायालय में 28 इस प्रकार मुंगावली न्यायालय में लंबित कुल 117 राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिनमें संपूर्ण  प्रकरणों  में कुल 20161814 रुपए की राशि की गई लोक अदालत में सुलह कराने में श्री रितेश मोदी, श्री रितेश मोदी, श्री अनिल कुलैया, श्री राधामोहन तिवारी, श्री हरिओम त्रिवेदी, श्री डी के श्रीवास्तव, श्री शानमिया, श्री अमर सिंह नरवरिया व अन्य अभिभाषकगण द्वारा विशेष सहयोग किया। न्यायालय मुगावली में कार्यरत कर्मचारीगण श्री इसरार अली, श्री अरुण कुमार भट्ट , श्री रहीश बख्श कुरैशी नायब नाजिर,श्री राजेश मिश्रा, श्रीमती  हिमांशी जैन, श्री मति प्रियंका बंसल, श्री राघवेंद्र बाजपेई, श्री सोहेल खान, प्रदीप यादव व अन्य कर्मचारीगण द्वारा भी राजीनामा हेतु सराहनीय प्रयास किया गया।
    user_ADJ,Alim Dyer Journalist
    ADJ,Alim Dyer Journalist
    Reporter Mungaoli•
    5 hrs ago
  • जैन समाज ने अर्थी रख कर किया चक्का जाम। हत्या का मामला दर्ज करने की कर रहे थे मांग बीना :-बीना के खुरई ओवरब्रिज पर बीती रात एक तेज रफ्तार कार ने टहल रहे दो लोगों को टक्कर मार दी थी। इस घटना में गुलाब चंद जैन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। इस घटना से जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। पीएम के बाद समाज और परिवार के लोग गुलाब चंद जैन की अर्थी लेकर सर्वोदय चौराहा पहुंचे। जहां अर्थी रखकर चौराहा पर चक्काजाम लगा दिया। जिससे शहर का यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। समाज के दिनेश पुजारी ने कहा कि ओवरब्रिज पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ की व्यवस्था नहीं है और भारी वाहनों के प्रवेश पर भी कोई नियंत्रण नहीं है। इसी कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से ओवरब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगाने की मांग की। साथ ही मांग की है कि जिस कार चालक ने टक्कर मारी है, उस पर हत्या का मामला दर्ज हो। इधर सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने समझाइश देकर जाम को खुलवाया।  कार को जब्त कर लिया गया है  बीना थाना प्रभारी अनूप यादव का कहना है कि दुर्घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। यदि पुलिस की जांच में जानबूझकर टक्कर मारने की शिकायत सामने आती है तो आरोपी पर और कड़ी धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
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    जैन समाज ने अर्थी रख कर किया चक्का जाम।
हत्या का मामला दर्ज करने की कर रहे थे मांग
बीना :-बीना के खुरई ओवरब्रिज पर बीती रात एक तेज रफ्तार कार ने टहल रहे दो लोगों को टक्कर मार दी थी। इस घटना में गुलाब चंद जैन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। इस घटना से जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। पीएम के बाद समाज और परिवार के लोग गुलाब चंद जैन की अर्थी लेकर सर्वोदय चौराहा पहुंचे। जहां अर्थी रखकर चौराहा पर चक्काजाम लगा दिया। जिससे शहर का यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
समाज के दिनेश पुजारी ने कहा कि ओवरब्रिज पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ की व्यवस्था नहीं है और भारी वाहनों के प्रवेश पर भी कोई नियंत्रण नहीं है। इसी कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से ओवरब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगाने की मांग की। साथ ही मांग की है कि जिस कार चालक ने टक्कर मारी है, उस पर हत्या का मामला दर्ज हो। इधर सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने समझाइश देकर जाम को खुलवाया। 
कार को जब्त कर लिया गया है 
बीना थाना प्रभारी अनूप यादव का कहना है कि दुर्घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। यदि पुलिस की जांच में जानबूझकर टक्कर मारने की शिकायत सामने आती है तो आरोपी पर और कड़ी धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • खबर जिला सागर। लोकेशन,खुरई। घटना,,,,, खुरई के खिमलासा रेलवे फाटक की है। आज,,एक गाय, ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। और भी गाएं/गौ वंश/घूम रहे है। जिम्मेदार नदारत है।
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    खबर जिला सागर।
लोकेशन,खुरई।
घटना,,,,, खुरई के खिमलासा रेलवे फाटक की है।
आज,,एक गाय, ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। और भी गाएं/गौ वंश/घूम रहे है। जिम्मेदार नदारत है।
    user_हरिकृष्ण सोनी
    हरिकृष्ण सोनी
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • लोकल न्यूज़ बीना में खुरई रोड ओवर ब्रिज पर वृद्ध की हादसे में मौत के बाद चक्काजाम मौके पर पुलिस पहुंची
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    लोकल न्यूज़
बीना में खुरई रोड ओवर ब्रिज पर वृद्ध की हादसे में मौत के बाद चक्काजाम मौके पर पुलिस पहुंची
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सागर जिले के बीना में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला, जहां खुरई रोड ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई।
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    सागर जिले के बीना में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला, जहां खुरई रोड ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सर्वोदय चौराहे पर सब रखकर किया चक्का जाम जैन समुदाय ने
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    सर्वोदय चौराहे पर सब रखकर किया चक्का जाम जैन समुदाय ने
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    वीडियो क्रिएटर बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by बुंदेलखंड LIVE TV
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    Post by बुंदेलखंड LIVE TV
    user_बुंदेलखंड LIVE TV
    बुंदेलखंड LIVE TV
    DS Automobiles dealer Pali, Lalitpur•
    18 hrs ago
  • 37 लाख 53 761 रुपए का राजस्व सेटलमेंट अमाउंट तय किया गया बीना :- लोक अदालत में सर्वाधिक मामले का निपटारा बीना न्यायालय में तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय जैन जिला सत्र न्यायाधीश, के निर्देशन में भव्य लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सत्र न्यायाधीश महोदय देवेंद्र कुमार कुंडू न्यायाधीश,शरद जोशी न्यायाधीश मैडम जोशी, न्यायाधीश मृदुल जैन न्यायाधीश सलोनी सलोनी जैन अधिवक्ता संघ बीना के अध्यक्ष रविंद्र जैन सह सचिव सूरज सिंह, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के के ताम्रकार, वीरेंद्र प्रजापति, मनीष दीक्षित, सुलहकर्ता कमलेश बिजोरिया, उमेश तिवारी, नेहा मिश्रा, शक्ति खन्ना सुलहकर्ता द्वारा पीठों में समन्वय एवं सुलह के प्रयास कर 852 मामलों का निराकरण किया गया है वर्ष 2026 की सर्वाधिक सफल लोक अदालत में छह खंडपीठों का गठन किया गया था जिसमें लगभग 3483 प्रकरणों को रखा गया था जिसमें 852 मामलों को निराकृत किया गया तथा 37 लाख 53 761 रुपए का राजस्व सेटलमेंट अमाउंट तय किया गया तथा न्यायालय में 795 मामले रखे गए थे जिसमें 190 प्रकरणों में राजीनामा होकर निराकृत किए गए जिसमें तीन करोड़ 15 लाख 451 का राजस्व सुलह के द्वारा विभिन्न आपराधिक प्रकरणों मोटर एक्सीडेंट क्लेम तथा विवाह संबंधी मामलों का निराकरण समझाइए इसके द्वारा किया गया है लोक अदालत में दीपेंद्र श्रीवास्तव, भूपेंद्र राय, विरोध अस्थाना, मनोज साहू, सुरेंद्र सोनी, निलेश जैन, हरिशंकर पटेल, हरीश गोलंदाज, अरविंद जैन, के के बिजोरिया, आदि अधिवक्ताओं की भूमिका सराहनीय रही
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    37 लाख 53 761 रुपए का राजस्व सेटलमेंट अमाउंट तय किया गया
बीना :- लोक अदालत में  सर्वाधिक मामले का निपटारा बीना न्यायालय में तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय जैन जिला सत्र न्यायाधीश, के निर्देशन में भव्य लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिसमें जिला सत्र न्यायाधीश महोदय देवेंद्र कुमार कुंडू न्यायाधीश,शरद जोशी न्यायाधीश मैडम जोशी, न्यायाधीश मृदुल जैन न्यायाधीश  सलोनी सलोनी जैन अधिवक्ता संघ बीना के अध्यक्ष रविंद्र जैन सह सचिव सूरज सिंह, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के के ताम्रकार, वीरेंद्र प्रजापति, मनीष दीक्षित, सुलहकर्ता कमलेश बिजोरिया, उमेश तिवारी, नेहा मिश्रा, शक्ति खन्ना सुलहकर्ता द्वारा पीठों में समन्वय एवं सुलह के प्रयास कर 852 मामलों का निराकरण किया गया है
वर्ष 2026 की सर्वाधिक सफल लोक अदालत में छह खंडपीठों का गठन किया गया था जिसमें लगभग 3483 प्रकरणों को रखा गया था जिसमें 852 मामलों को निराकृत किया गया तथा 37 लाख 53 761 रुपए का राजस्व सेटलमेंट अमाउंट तय किया गया तथा न्यायालय में 795 मामले रखे गए थे जिसमें 190 प्रकरणों में राजीनामा होकर निराकृत किए गए जिसमें तीन करोड़ 15 लाख 451 का राजस्व सुलह के द्वारा विभिन्न आपराधिक प्रकरणों मोटर एक्सीडेंट क्लेम तथा विवाह संबंधी मामलों का निराकरण समझाइए इसके द्वारा किया गया है लोक अदालत में दीपेंद्र श्रीवास्तव, भूपेंद्र राय, विरोध अस्थाना, मनोज साहू, सुरेंद्र सोनी, निलेश जैन, हरिशंकर पटेल, हरीश गोलंदाज, अरविंद जैन, के  के बिजोरिया, आदि अधिवक्ताओं की भूमिका सराहनीय रही
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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