जयपुर के सांभरलेक थाना क्षेत्र के कोरसीना गांव से करीब एक माह पहले लापता हुई युवती का अब तक कोई सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 5 दिनों से सांभरलेक थाने के बाहर लगातार धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा और यदि जल्द ही पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। लापता युवती के परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है, लेकिन घटना के एक माह बाद भी पुलिस युवती को खोजने और आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। इसी नाकामी के विरोध में ग्रामीण लगातार थाने के बाहर धरना देकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांभरलेक डीएसपी मुकेश जोशी और फुलेरा थाना प्रभारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़े हुए हैं और उनका साफ कहना है कि युवती की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बिना धरना समाप्त नहीं होगा, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जयपुर के सांभरलेक थाना क्षेत्र के कोरसीना गांव से करीब एक माह पहले लापता हुई युवती का अब तक कोई सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 5 दिनों से सांभरलेक थाने के बाहर लगातार धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा और यदि जल्द ही पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। लापता युवती के परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है, लेकिन घटना के एक माह बाद भी पुलिस युवती को खोजने और आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। इसी नाकामी के विरोध में ग्रामीण लगातार थाने के बाहर धरना देकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांभरलेक डीएसपी मुकेश जोशी और फुलेरा थाना प्रभारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़े हुए हैं और उनका साफ कहना है कि युवती की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बिना धरना समाप्त नहीं होगा, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
- जयपुर के सोडाला, अजमेर रोड स्थित श्री जगन्नाथ रथयात्रा समिति के तत्वावधान में 16 जुलाई (गुरुवार) को भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं श्री बलभद्र देव की द्वितीय विशाल रथयात्रा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। समिति लगातार दूसरे वर्ष इस दिव्य रथयात्रा का आयोजन कर रही है। यह रथयात्रा 16 जुलाई को प्रातः 9:00 बजे श्याम नगर सब्जी मंडी के सामने, अजमेर रोड, सोडाला स्थित काशी आध्यात्मिक केंद्र, श्री जगन्नाथ धाम से प्रारंभ होगी। यहाँ से प्रस्थान कर रथयात्रा सोडाला चौराहे तक जाएगी और वहाँ से यू-टर्न लेकर पुनः अजमेर रोड स्थित कॉन्सेप्ट लाइफ अलाइड हेल्थ हॉस्पिटल पहुँचेगी। इस स्थान पर महाप्रभु के लिए विशेष गुंडिचा मंदिर (गुंडिचा स्थान) बनाया गया है, जहाँ भगवान 9 दिनों तक विराजमान रहने के बाद पुनः श्री जगन्नाथ धाम लौटेंगे। इस पावन उत्सव को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है और चारों ओर #जयजगन्नाथ की गूंज है। इस रथयात्रा से पूर्व के अनुष्ठानों के तहत, महाप्रभु 29 जून को आयोजित स्नान पूर्णिमा महोत्सव के बाद से ही अनवसर (विश्राम) काल में विराजमान हैं। भगवान का यह विश्राम काल 14 जुलाई को पूर्ण होगा। इसी दिन नेत्रोत्सव एवं नवयौवन दर्शन का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेष वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से महाप्रभु के नेत्रों में नवीन चेतना का संचार किया जाएगा। लगभग 14 दिनों के विश्राम और नई वेशभूषा धारण करने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं श्री बलभद्र देव अपने भक्तों को वर्ष का पहला दिव्य दर्शन प्रदान करेंगे।1
- जयपुर के आबादी वाले इलाके में एक नीलगाय दिखाई दी है, जिसके सुरक्षित रेस्क्यू की जरूरत है। यह घटना साफ तौर पर इस बात की ओर इशारा करती है कि शहरों के आसपास वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे मामलों को देखते हुए वन विभाग को त्वरित रेस्क्यू करने के साथ-साथ रोकथाम के ठोस उपाय भी करने चाहिए, ताकि भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।1
- जयपुर में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां देर रात अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी एक हुंडई ऑरा (Hyundai Aura) टैक्सी को निशाना बनाया। बदमाश गाड़ी के चारों टायर खोलकर आसानी से फरार हो गए। इस वारदात के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि अगर घर के बाहर भी गाड़ियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक और टैक्सी चालक अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी गई गाड़ियों को कहां रखें। प्रशासन से अपील की गई है कि ऐसे मामलों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और शहर में गश्त बढ़ाई जाए ताकि चोरी की इन घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- राजस्थान के अजमेर में रामगंज थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप और छह मोबाइल भी बरामद किए हैं।1
- राजस्थान में ओबीसी आरक्षण को 21% से बढ़ाकर 27% करने की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। ओबीसी विभाग के चेयरमैन हरसहाय यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी साझा की। इसी सिलसिले में आगामी 16 जुलाई को राजस्थान कांग्रेस ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता शामिल होने जा रहे हैं। बैठक के दौरान ओबीसी वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों, सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी और आरक्षण के दायरे को बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।1
- हनुमानगढ़ में अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस हाईवे को बंद कर दिया गया है। सरकार द्वारा लागू किए गए नए कानून के विरोध में आज यह बहुत बड़ी हड़ताल की गई है, जिसके कारण लाखों वाहन खड़े हो गए हैं। इस समय नए नियम की वजह से डॉक्यूमेंट नहीं भरे जा रहे हैं और ऑनलाइन चालान आ रहे हैं, जिसके विरोध में ही यह बड़ी हड़ताल की गई है।1
- तमिलनाडु सरकार ने स्कूलों में किसी भी तरह के राजनीतिक कार्यक्रमों और नेताओं व कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। राज्य के एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट को इस फैसले से संबंधित सर्कुलर की जानकारी दी। सरकार के इस नए सर्कुलर के तहत अब स्कूलों में केवल शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन की ही अनुमति होगी। यह सख्त कदम उद्योग मंत्री एस. कीर्तना द्वारा एक स्कूल निरीक्षण के दौरान छात्रा को डांटने से उपजे विवाद के बाद उठाया गया है। दरअसल, 2 जुलाई को उद्योग मंत्री विरुधुनगर के एक स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक छात्रा से अंग्रेजी में सवाल पूछे थे। छात्रा द्वारा जवाब न दे पाने पर मंत्री ने उसे डांट दिया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसकी कड़ी आलोचना की। इस पूरे विवाद के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर स्कूलों में नेताओं और कार्यकर्ताओं की एंट्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया।1