मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा स्थित प्रसिद्ध सनकुआ घाट पर एक दर्दनाक हादसे में 20 वर्षीय युवक प्रशांत यादव की सिंध नदी में डूबने से मौत हो गई। वार्ड क्रमांक 9 निवासी प्रशांत सिंध नदी में स्नान करने गया था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। सूचना मिलने पर गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला और सिविल अस्पताल सेवढ़ा पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद सनकुआ घाट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन मेले के दौरान तो व्यापक सुरक्षा इंतजाम करता है, लेकिन मेला खत्म होते ही तीर्थ स्थल को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। क्षेत्रवासियों में इस हादसे के बाद भारी आक्रोश है, क्योंकि उनका कहना है कि वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही के बावजूद घाट पर कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। घाट पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड हैं, न नियमित गोताखोरों की तैनाती और न ही कोई त्वरित बचाव दल मौजूद है। इस दर्दनाक हादसे से प्रशांत का परिवार गहरे सदमे में है, क्योंकि उसके पिता का निधन पहले ही हो चुका था और प्रशांत अपने परिवार का इकलौता सहारा था। युवक की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा स्थित प्रसिद्ध सनकुआ घाट पर एक दर्दनाक हादसे में 20 वर्षीय युवक प्रशांत यादव की सिंध नदी में डूबने से मौत हो गई। वार्ड क्रमांक 9 निवासी प्रशांत सिंध नदी में स्नान करने गया था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। सूचना मिलने पर गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला और सिविल अस्पताल सेवढ़ा पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद सनकुआ घाट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन मेले के दौरान तो व्यापक सुरक्षा इंतजाम करता है, लेकिन मेला खत्म होते ही तीर्थ स्थल को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। क्षेत्रवासियों में इस हादसे के बाद भारी आक्रोश है, क्योंकि उनका कहना है कि वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही के बावजूद घाट पर कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। घाट पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड हैं, न नियमित गोताखोरों की तैनाती और न ही कोई त्वरित बचाव दल मौजूद है। इस दर्दनाक हादसे से प्रशांत का परिवार गहरे सदमे में है, क्योंकि उसके पिता का निधन पहले ही हो चुका था और प्रशांत अपने परिवार का इकलौता सहारा था। युवक की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
- मध्य प्रदेश के दबोह थाने में पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।1
- आलमपुर विद्युत विभाग से भड़ेरी गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर पिछले करीब चार माह से 11 केवी बिजली के तार बेहद नीचे झूल रहे हैं। इन तारों के अत्यधिक नीचे होने के कारण हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना की प्रबल आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। किसानों ने बताया कि भड़ेरी, बिडरा, ररुआ, रूरई और अन्य गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर बिजली के खंभों की कमी है। उनके अनुसार, जिस निश्चित दूरी पर बिजली के खंभे गाड़े जाने थे, उससे अधिक दूरी पर खंभे लगाए गए हैं, जो तारों के नीचे झूलने की मुख्य वजह है। किसानों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों से इन झूलते हुए बिजली के तारों को जल्द से जल्द ऊंचा करवाए जाने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, 12 से अधिक कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। इन सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। यह जानकारी जीशान राईन की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।1
- भांडेर नगर में ब्रह्माकुमारी स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को यह बताया गया कि सबसे पहले हम सभी को अपने भीतर से नकारात्मक ऊर्जा को हटाना होगा। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि इस स्मृति दिवस के माध्यम से ही नकारात्मक ऊर्जा को सफलतापूर्वक कैसे दूर किया जा सकता है, इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।1
- कालपी के आटा थाना क्षेत्र स्थित पिपरांया गाँव में लगभग 21 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) के नेतृत्व में पुलिस ने इस घटना के दो बदमाशों को चोरी के अधिकांश माल और नगदी सहित मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय कोतवाली कालपी के सभागार में घटना का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी राजेश कमल ने बताया कि दिनांक 23-06-2026 को पिपरांया गाँव निवासी मनोज सिंह ने थाना आटा में धारा 305 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया था कि उनके घर से लाखों रुपये कीमत के 135 ग्राम सोने की चोरी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष आटा अजय कुमार सिंह, स्वाट टीम और पुलिस की विशेष टीमों का गठन कर जाँच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम भभुवा मोड़ से पिपरांया गाँव निवासी मिट्ठू उर्फ शिवकुमार और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनके कब्जे से करीब 21 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और चोरी किए गए 9 ग्राम सोने को कालपी के एक सर्राफा व्यापारी को बेचने के बाद मिले ₹97,000 भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रवासियों ने राहत की साँस ली है। गिरफ्तार आरोपियों को इलाकाई न्यायालय में पेश किया गया है। क्षेत्राधिकारी राजेश कमल ने यह भी बताया कि चोरी किए गए सोने के 9 ग्राम टुकड़े को खरीदने वाला कालपी बाजार का सर्राफा कारोबारी भी पुलिस के राडार में है। सर्राफा व्यापारी को बुलाकर पूछताछ की जाएगी और उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए डबरा निवासी पारस गुर्जर ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की अपील करते हुए राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर ज़ोर दिया है।1
- श्री बाबा श्याम बिहारी जन सेवा समिति और सभी श्याम प्रेमी टीम ने आज एकादशी व्रत के शुभ अवसर पर माँ गायत्री मंदिर के सामने एक पुण्य का कार्य किया। इस दौरान मोहित यादव, मनोज यादव, रविंद्र यादव, राजेंद्र शिवहरे, कन्नू और महेश यादव सहित टीम के सदस्यों ने एक सौ से अधिक लोगों को नींबू रस पिलाकर पुण्य प्राप्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पाँच लाख रुपये की नकली पेप्सी पकड़ी गई है। यह बड़ा खुलासा एक ट्रक और एक गोदाम से हुआ। इस मामले की जानकारी जीशान राईन ने दी है।1
- शासन द्वारा संचालित 'तहसील न्यायालय आपके द्वार' अभियान के अंतर्गत भाण्डेर तहसील के ग्राम खिरिया फैजुल्ला में एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। तहसीलदार श्री सुनील भदौरिया की अगुवाई में यह शिविर ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं को मौके पर ही सुलझाने और आवश्यक राजस्व सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लगाया गया था। शिविर के दौरान, ग्रामीणों से संबंधित 2 नामांतरण प्रकरणों और 1 बटवारा प्रकरण का तत्काल निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त, सीमांकन संबंधी कई आवेदन भी प्राप्त हुए, वहीं 1 अतिक्रमण संबंधी प्रकरण का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया गया। इस शिविर में राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारीगण तथा अन्य राजस्व कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान में योगदान दिया। गांव स्तर पर ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह और संतोष का माहौल देखा गया, जिन्होंने इस अभियान की सराहना की।1