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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पाँच लाख रुपये की नकली पेप्सी पकड़ी गई है। यह बड़ा खुलासा एक ट्रक और एक गोदाम से हुआ। इस मामले की जानकारी जीशान राईन ने दी है।
जीशान राईन (पत्रकार )
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पाँच लाख रुपये की नकली पेप्सी पकड़ी गई है। यह बड़ा खुलासा एक ट्रक और एक गोदाम से हुआ। इस मामले की जानकारी जीशान राईन ने दी है।
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- जालौन नगर में मुहर्रम पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों, प्रमुख मार्गों और ताजिया जुलूस के निर्धारित रास्तों का निरीक्षण किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, साथ ही नगरवासियों से संवाद स्थापित करते हुए आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुहर्रम का पर्व परंपरागत रूप से शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाए और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए; किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया। इस गश्त में क्षेत्राधिकारी और प्रभारी निरीक्षक सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, जिन्होंने नगर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता से काम करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मुहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।3
- जनपद जालौन के उरई कोतवाली से जुड़ा एक कथित सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो में ड्यूटी के दौरान एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी के बीच कथित रूप से अनुशासनहीन व्यवहार दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है। मामले के सामने आने के बाद प्रारंभिक विभागीय कार्यवाही करते हुए सिपाही अरविंद को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और कई सवाल खड़े हो गए हैं। उरई कोतवाली का कंट्रोल रूम, जो कानून-व्यवस्था और आपात सूचनाओं के संचालन का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, ऐसे संवेदनशील स्थान से जुड़े वीडियो के सामने आने से निगरानी व्यवस्था, अनुशासन और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा है कि क्या पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जाएगी, या केवल एक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई पर्याप्त है। साथ ही, कंट्रोल रूम की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता और वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में पहले से जानकारी होने या निगरानी तंत्र में चूक होने पर भी बहस तेज हो गई है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें कई लोग पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग निष्पक्ष जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ले आई है। फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, और जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि पुलिस विभाग कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्यवाही करता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।3
- जालौन जिले की जालौन तहसील क्षेत्र में जुगराजपुरा गांव के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने आज ज्वांइट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन विभिन्न जन समस्याओं और मुद्दों को लेकर ग्रामीणों द्वारा ज्वांइट मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नकली कोल्डड्रिंक से भरा एक ट्रक पकड़ा गया है। यह पूरा फर्जी खेल दिल्ली की वरुण बेवरेज कंपनी के नाम पर चल रहा था, जिसका भंडाफोड़ कंपनी मैनेजर की शिकायत के बाद हुआ। पुलिस के अनुसार, UP82T5354 नंबर का यह ट्रक कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती स्थित कंजर बाबा के पास रामकिशन अग्रवाल की गोदाम पर नकली कोल्डड्रिंक उतार रहा था। इस पूरे गोरखधंधे में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नकली कोल्डड्रिंक को बाजार में बेचा जा रहा था। कोंच कोतवाली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण में वरुण बेवरेज कंपनी, गुरुग्राम के एएसएम राकेश मिश्रा, शिकायतकर्ता आशुतोष व्यास और ट्रक चालक सुरेंदर के बयान दर्ज किए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पाँच लाख रुपये की नकली पेप्सी पकड़ी गई है। यह बड़ा खुलासा एक ट्रक और एक गोदाम से हुआ। इस मामले की जानकारी जीशान राईन ने दी है।1
- जनपद जालौन के उरई में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए साइबर थाना उरई ने तहसील परिसर में एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों, आम नागरिकों और तहसील में आने वाले लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से अवगत कराते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय बताना था, ताकि वे डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच सकें। अभियान का नेतृत्व कर रहे साइबर थाना उरई के एसआई आयुष गुप्ता ने चेतावनी दी कि आज के डिजिटल दौर में जरा सी लापरवाही भी लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है, और साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने ग्रामीणों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं, जिससे वे खाते से रकम निकाल लेते हैं। लोगों को फर्जी लिंक, संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन, सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर, नौकरी के नाम पर ठगी और क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान प्राप्त करने के झांसे से भी सतर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अपराधी अक्सर इनाम, लॉटरी, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या पार्सल डिलीवरी के नाम पर लिंक भेजते हैं, और उन पर क्लिक करते ही मोबाइल या बैंक खाते की जानकारी चुरा लेते हैं। साइबर टीम ने उपस्थित ग्रामीणों को यह भी समझाया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और साइबर क्राइम पोर्टल पर भी सूचना देनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। अभियान के दौरान दर्जनों ग्रामीणों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में समाधान किया। लोगों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, दो स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह भी दी गई। साइबर थाना उरई की इस पहल को ग्रामीणों ने खूब सराहा और ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग की, ताकि आमजन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें। पुलिस अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।2
- जालौन विकासखंड क्षेत्र के ग्राम शहजादपुरा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सफाई व्यवस्था केवल नाम मात्र की है, और कूड़े के ढेर जगह-जगह लगे होने से दुर्गंध फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गांव में लाखों रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण किया गया था, लेकिन इसके बावजूद आज भी अधिकांश घरों तक नलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, 'जल जीवन मिशन' कागजों में भले ही 'मस्त' हो, लेकिन जमीनी स्तर पर यह 'पस्त' हो चुका है। सड़कों और गलियों में फैले जलभराव के कारण स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर रोज कठिनाइयों से गुजरते हैं और कई बार फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि पिछले पांच वर्षों में गांव में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराया गया है, और मूलभूत सुविधाएं जैसे सफाई, जल निकासी तथा पेयजल की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों की उपेक्षा का सीधा आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से इस मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। राजेंद्र कुमार फौजी, जीत सिंह, सियाराम, इंद्रजीत सिंह, मोहर सिंह, ब्रह्म प्रकाश, राजा कारन, प्रसनजीत और छोटे सहित कई अन्य ग्रामीणों ने गांव की इन गंभीर समस्याओं के शीघ्र समाधान की पुरजोर मांग उठाई है।1