जनपद जालौन के उरई में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए साइबर थाना उरई ने तहसील परिसर में एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों, आम नागरिकों और तहसील में आने वाले लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से अवगत कराते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय बताना था, ताकि वे डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच सकें। अभियान का नेतृत्व कर रहे साइबर थाना उरई के एसआई आयुष गुप्ता ने चेतावनी दी कि आज के डिजिटल दौर में जरा सी लापरवाही भी लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है, और साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने ग्रामीणों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं, जिससे वे खाते से रकम निकाल लेते हैं। लोगों को फर्जी लिंक, संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन, सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर, नौकरी के नाम पर ठगी और क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान प्राप्त करने के झांसे से भी सतर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अपराधी अक्सर इनाम, लॉटरी, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या पार्सल डिलीवरी के नाम पर लिंक भेजते हैं, और उन पर क्लिक करते ही मोबाइल या बैंक खाते की जानकारी चुरा लेते हैं। साइबर टीम ने उपस्थित ग्रामीणों को यह भी समझाया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और साइबर क्राइम पोर्टल पर भी सूचना देनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। अभियान के दौरान दर्जनों ग्रामीणों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में समाधान किया। लोगों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, दो स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह भी दी गई। साइबर थाना उरई की इस पहल को ग्रामीणों ने खूब सराहा और ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग की, ताकि आमजन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें। पुलिस अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।
जनपद जालौन के उरई में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए साइबर थाना उरई ने तहसील परिसर में एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों, आम नागरिकों और तहसील में आने वाले लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से अवगत कराते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय बताना था, ताकि वे डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच सकें। अभियान का नेतृत्व कर रहे साइबर थाना उरई के एसआई आयुष गुप्ता ने चेतावनी दी कि आज के डिजिटल दौर में जरा सी लापरवाही भी लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है, और साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने ग्रामीणों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं, जिससे वे खाते से रकम निकाल लेते हैं। लोगों को फर्जी लिंक, संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन, सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर, नौकरी के नाम पर ठगी और क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान
प्राप्त करने के झांसे से भी सतर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अपराधी अक्सर इनाम, लॉटरी, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या पार्सल डिलीवरी के नाम पर लिंक भेजते हैं, और उन पर क्लिक करते ही मोबाइल या बैंक खाते की जानकारी चुरा लेते हैं। साइबर टीम ने उपस्थित ग्रामीणों को यह भी समझाया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और साइबर क्राइम पोर्टल पर भी सूचना देनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। अभियान के दौरान दर्जनों ग्रामीणों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में समाधान किया। लोगों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, दो स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह भी दी गई। साइबर थाना उरई की इस पहल को ग्रामीणों ने खूब सराहा और ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग की, ताकि आमजन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें। पुलिस अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।
- अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले शुक्रवार को जालौन नगर में मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद ब्लॉक जालौन पहुंचकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। मजदूरों की मुख्य मांगों में मनरेगा के तहत सालभर काम और प्रतिदिन 729 रुपये की दैनिक मजदूरी निर्धारित करना शामिल है। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला सचिव कॉमरेड राजीव कुशवाहा, भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य एवं एक्टू राष्ट्रीय पार्षद कॉमरेड राम सिंह चौधरी, कॉमरेड रमेश टेलर, खेत ग्रामीण मजदूर सभा के नेता कॉमरेड काशीराम वर्मा, कॉमरेड शिवबालक बाथम और कॉमरेड आसाराम कुशवाहा ने किया। कॉमरेड राम सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे वे पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने और श्रम कानूनों में बदलाव करके मजदूरों के यूनियन बनाने, हड़ताल करने तथा अपने अधिकारों के लिए लड़ने की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का भी आरोप लगाया। कॉमरेड राजीव कुशवाहा ने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों पर दबाव बनाने की बात कही। कॉमरेड काशीराम वर्मा ने गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग की समस्याओं की अनदेखी पर चिंता व्यक्त करते हुए मनरेगा में पूरे वर्ष रोजगार की गारंटी और न्यूनतम 729 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। इस प्रदर्शन में कॉमरेड रामकिशोर गुप्ता, अभिनेंद्र सिंह, शिवदयाल, पल्लेदार मजदूर यूनियन जालौन के अध्यक्ष रामबाबू, रामबाबू दोहरे, संपूर्णानंद, सुरेंद्र दोहरे, एडवोकेट प्रेम नारायण सहित दर्जनों कार्यकर्ता और मजदूर मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमला जारी रहा, तो खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा एक प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी। अंत में, खंड विकास अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन को शासन-प्रशासन तक भेजे जाने की बात कही गई, जिसमें यह दृढ़ संदेश भी शामिल था कि मजदूरों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।1
- जालौन पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत एक शातिर वाहन चोर को चोरी की स्कूटी सहित गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में कोतवाली पुलिस टीम ने गुरुवार तड़के बंगरा रोड स्थित छेपुला के पास आउटर क्षेत्र से आरोपी इलियास पुत्र आजाद को चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ा। यह कार्रवाई सुबह करीब 4:30 बजे की गई, जिसमें कस्बा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक शिवम सिंह सेंगर, कांस्टेबल विवेक राजपूत और रिक्रूट कांस्टेबल अमन की टीम शामिल थी। पुलिस ने मु0अ0सं0 131/2026 धारा 317(2) बीएनएस से संबंधित स्कूटी संख्या UP24AE7309 बरामद की। गिरफ्तार आरोपी इलियास, मोहल्ला खटीकान, कस्बा एवं थाना जालौन का निवासी है। पुलिस के अनुसार, इस अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न थानों में कुल 18 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास, चोरी, गौवध निवारण अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित अन्य संगीन धाराओं के मामले शामिल हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास केवल जालौन जनपद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि औरैया जनपद में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- जालौन जिले के जालौन विकास खंड कार्यालय में आज कामरेडों ने प्रदेश व्यापी आव्हान पर एक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने खंड विकास अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- जनपद जालौन के उरई कोतवाली से जुड़ा एक कथित सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो में ड्यूटी के दौरान एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी के बीच कथित रूप से अनुशासनहीन व्यवहार दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है। मामले के सामने आने के बाद प्रारंभिक विभागीय कार्यवाही करते हुए सिपाही अरविंद को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और कई सवाल खड़े हो गए हैं। उरई कोतवाली का कंट्रोल रूम, जो कानून-व्यवस्था और आपात सूचनाओं के संचालन का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, ऐसे संवेदनशील स्थान से जुड़े वीडियो के सामने आने से निगरानी व्यवस्था, अनुशासन और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा है कि क्या पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जाएगी, या केवल एक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई पर्याप्त है। साथ ही, कंट्रोल रूम की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता और वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में पहले से जानकारी होने या निगरानी तंत्र में चूक होने पर भी बहस तेज हो गई है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें कई लोग पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग निष्पक्ष जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ले आई है। फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, और जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि पुलिस विभाग कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्यवाही करता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।3
- जालौन जिले के कोंच तहसील अंतर्गत ग्राम तूमरा में एक मजदूर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना पड़ोसी के घर हुई एक अन्य घटना के बाद अंजाम दी गई। पीड़ित मजदूर ने आरोप लगाया है कि इस मारपीट की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, जिसके बाद उसने क्षेत्राधिकारी (सीओ) से न्याय की गुहार लगाई है।1
- बिहार के पटना स्थित खान सर की कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना सामने आई है। आग पर नियंत्रण पाने के लिए फायर सिस्टम की सहायता से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।1
- जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कोंच कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव और रात्रि गश्त व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। एसपी सिंह ने आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण और वांछित अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कोतवाली परिसर में निर्माणाधीन आवास और बैरक का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, एसपी ने एक अपराध समीक्षा बैठक भी की, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को आवश्यक कड़े दिशा-निर्देश दिए।1
- जालौन नगर में मुहर्रम पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों, प्रमुख मार्गों और ताजिया जुलूस के निर्धारित रास्तों का निरीक्षण किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, साथ ही नगरवासियों से संवाद स्थापित करते हुए आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुहर्रम का पर्व परंपरागत रूप से शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाए और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए; किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया। इस गश्त में क्षेत्राधिकारी और प्रभारी निरीक्षक सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, जिन्होंने नगर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता से काम करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मुहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।3