बांदा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों को इसकी अनिवार्यता से मुक्त कराने और आरटीई एक्ट में संशोधन की माँग को लेकर सांसद श्रीमती कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल को संबोधित एक ज्ञापन उनके प्रतिनिधि और कार्यालय प्रमुख को सौंपा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आवाहन और प्रांतीय निर्देशों के क्रम में जिला अध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। अचानक आवश्यक कार्य से बाहर होने के कारण सांसद महोदया ने फोन पर वार्ता कर आश्वासन दिया कि वह शिक्षकों की इस आवाज को माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष रखेंगी। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष डॉ. शिव प्रकाश सिंह ने तर्क दिया कि शिक्षक नियुक्ति के बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को भूतलक्षी प्रभाव से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है। इससे वर्षों से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देश और प्रदेश के उन लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता व्याप्त है, जिनकी नियुक्ति टीईटी लागू होने से पूर्व तत्कालीन नियमों और निर्धारित योग्यताओं के आधार पर विधिवत हुई थी। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से पुरजोर अनुरोध किया कि वे 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य वैधानिक लाभों की रक्षा के लिए संसद के आगामी मानसून सत्र में आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाने हेतु भारत सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील और न्यायपूर्ण निर्णय लेगी।
बांदा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों को इसकी अनिवार्यता से मुक्त कराने और आरटीई एक्ट में संशोधन की माँग को लेकर सांसद श्रीमती कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल को संबोधित एक ज्ञापन उनके प्रतिनिधि और कार्यालय प्रमुख को सौंपा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आवाहन और प्रांतीय निर्देशों के क्रम में जिला अध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। अचानक आवश्यक कार्य से बाहर होने के कारण सांसद महोदया ने फोन पर वार्ता कर आश्वासन दिया कि वह शिक्षकों की इस आवाज को
माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष रखेंगी। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष डॉ. शिव प्रकाश सिंह ने तर्क दिया कि शिक्षक नियुक्ति के बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को भूतलक्षी प्रभाव से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है। इससे वर्षों से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देश और प्रदेश के उन लाखों शिक्षकों
में गहरी चिंता व्याप्त है, जिनकी नियुक्ति टीईटी लागू होने से पूर्व तत्कालीन नियमों और निर्धारित योग्यताओं के आधार पर विधिवत हुई थी। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से पुरजोर अनुरोध किया कि वे 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य वैधानिक लाभों की रक्षा के लिए संसद के आगामी मानसून सत्र में आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाने हेतु भारत सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील और न्यायपूर्ण निर्णय लेगी।
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नरेनी के पटेल नगर में पिछले तीन महीनों से नालियों की साफ-सफाई नहीं की गई है। इस क्षेत्र में तीन महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी नालियों की सफाई का काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।2
- कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मिट्टी की जांच कराने के बाद ही खेतों में उर्वरकों का उपयोग करें। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की जांच कराने से उसकी गुणवत्ता के हिसाब से खेती की योजना बनाना आसान हो जाता है, जिससे फसलों के उत्पादन में सुधार और पैदावार बढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। किसानों की सुविधा के लिए कई राज्यों में मिट्टी परीक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार भी किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू कस्बे में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण किया गया है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत कस्बे में व्यापक स्तर पर पौधे लगाए गए हैं।1
- सतना जिले के नजीराबाद क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरतने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्धारित मानकों का खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नियमों के मुताबिक सड़क की मजबूती के लिए सीआरएम (CRM - Cemented Road Mix/Crusher Run Macadam) का इस्तेमाल किया जाना अनिवार्य था। इसके विपरीत, ठेकेदार द्वारा महज पैसों की बचत करने के लिए मानकों की अनदेखी की जा रही है और मौके पर 6 एमएम गिट्टी के साथ डस्ट (मिट्टी का बुरादा) का मिश्रण बनाकर बिछाया जा रहा है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि इस घटिया मटेरियल से बनाई जा रही सड़क पहली बारिश की बौछार भी नहीं झेल पाएगी और जल्द ही उखड़ जाएगी। लोगों का आरोप है कि इस काम में जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ देखकर भी आंखें मूंदे बैठे हैं।1
- बांदा के थाना बिसण्डा पुलिस ने व्यापार के नाम पर रुपयों का गबन और धोखाधड़ी करने वाले दो वांछित व वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बिसण्डा पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस मामले में बिसण्डा क्षेत्र के ग्राम ओरन निवासी शिवम शिवहरे ने 21 मार्च 2025 को धान खरीद के नाम पर विश्वास में लेकर पैसों की धोखाधड़ी करने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद बिसण्डा थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी द्वारा की जा रही थी। विवेचना के दौरान सबूत जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था, लेकिन आरोपियों के अदालत में हाजिर न होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद 11 जुलाई 2026 को पुलिस टीम ने दोनों अभियुक्तों को जनपद बरेली से गिरफ्तार कर लिया और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में फजलुर्रहमान उर्फ गुड्डू और खलीक अहमद शामिल हैं, जो जमील अहमद के पुत्र हैं और बरेली जनपद के थाना देवरनियां अंतर्गत कस्बा रीछा के रहने वाले हैं। इन अभियुक्तों के खिलाफ बिसण्डा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 83/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 352, 351(2) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)/5 के तहत मामला दर्ज है।1
- चित्रकूट के कर्वी स्थित किशोर रिसोर्ट में समाजवादी पार्टी द्वारा जिला स्तरीय PDA (पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक) कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार दोपहर 12:00 बजे आयोजित हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन में फतेहपुर से आए सांसद और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बांदा चित्रकूट सांसद कृष्णा पटेल ने आगामी एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी की बड़ी जीत दर्ज करने का दावा किया। वहीं, फतेहपुर सांसद नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी अब नंबर 1 की पार्टी बन चुकी है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नरेश उत्तम पटेल ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के सदर विधायक अनिल प्रधान, जिला अध्यक्ष शिवशंकर यादव, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अनुज यादव, मानिकपुर नगर अध्यक्ष कृतकेश्वर मिश्रा उर्फ सीटू सहित तमाम पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव में प्रेम-विवाह से नाराज होकर एक महिला की कुल्हाड़ी से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी दामाद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के वक्त गांव निवासी बानो (45 वर्ष), पत्नी राजू रात के समय अपने घर से किसी काम के लिए पैदल बाहर जा रही थीं। रास्ते में गांव के ही लवकुश वर्मा ने अपने चाचा के साथ मिलकर उन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे गंभीर रूप से घायल बानो की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी और सीओ सदर सौरभ सिंह दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने मौके से साक्ष्य संकलित किए। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मृतका बानो की बेटी आलिया का आरोपी लवकुश के साथ लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था और करीब 6 महीने पहले दोनों ने शादी कर ली थी। बानो इस शादी और रिश्ते से बेहद नाखुश थीं, जिसके चलते उन्होंने कई बार लवकुश के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के कारण इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। घटना के बाद मृतका की बेटी आलिया की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी लवकुश पुत्र लक्ष्मी, छोटेलाल पुत्र जगदेव और सत्तू पुत्र सहदेव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।1
- Post by Taufik Bhai1