Shuru
Apke Nagar Ki App…
Taufik Bhai
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नरेनी के पटेल नगर में पिछले तीन महीनों से नालियों की साफ-सफाई नहीं की गई है। इस क्षेत्र में तीन महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी नालियों की सफाई का काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।2
- कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मिट्टी की जांच कराने के बाद ही खेतों में उर्वरकों का उपयोग करें। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की जांच कराने से उसकी गुणवत्ता के हिसाब से खेती की योजना बनाना आसान हो जाता है, जिससे फसलों के उत्पादन में सुधार और पैदावार बढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। किसानों की सुविधा के लिए कई राज्यों में मिट्टी परीक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार भी किया जा रहा है।1
- बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव में प्रेम-विवाह से नाराज होकर एक महिला की कुल्हाड़ी से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी दामाद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के वक्त गांव निवासी बानो (45 वर्ष), पत्नी राजू रात के समय अपने घर से किसी काम के लिए पैदल बाहर जा रही थीं। रास्ते में गांव के ही लवकुश वर्मा ने अपने चाचा के साथ मिलकर उन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे गंभीर रूप से घायल बानो की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी और सीओ सदर सौरभ सिंह दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने मौके से साक्ष्य संकलित किए। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मृतका बानो की बेटी आलिया का आरोपी लवकुश के साथ लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था और करीब 6 महीने पहले दोनों ने शादी कर ली थी। बानो इस शादी और रिश्ते से बेहद नाखुश थीं, जिसके चलते उन्होंने कई बार लवकुश के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के कारण इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। घटना के बाद मृतका की बेटी आलिया की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी लवकुश पुत्र लक्ष्मी, छोटेलाल पुत्र जगदेव और सत्तू पुत्र सहदेव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।1
- बांदा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त टीम ने मवई बाइपास और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे से इन आरोपियों को दबोचा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों के मोबाइल पर एपीके (APK) फाइल, फर्जी लिंक और नकली एप्लिकेशन भेजकर उनके फोन हैक करता था। मोबाइल हैक होने के बाद वे लोगों की बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय सूचनाएं चुरा लेते थे। इसके अलावा, गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार और पैन कार्ड हासिल करते थे और उनके नाम पर फर्जी फर्म व बैंक खाते खुलवाते थे। इन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी सिम कार्ड भी लिए जाते थे। ठगी की रकम सबसे पहले इन फर्जी खातों में मंगाई जाती थी और फिर उसे निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी बैंक खाता फ्रीज होने की भनक लगते ही इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹52,475 नकद, एक बोलेरो गाड़ी, 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, छह एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक पैन कार्ड बरामद किया है। इस मामले में बांदा के थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस बड़ी सफलता पर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें ₹20,000 का नकद पुरस्कार दिया है। बरामद डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि देश के अन्य राज्यों में की गई ठगी का भी पता लगाया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली थी, जिसमें ठगी की रकम मंगवाई जा रही थी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11/12 जुलाई 2026 की रात मवई बाईपास से संदिग्ध खाताधारक प्रेम प्रकाश को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह कमीशन पर खाता उपलब्ध कराता है और उसके गिरोह के अन्य सदस्य बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे उसका इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर एक्सप्रेस-वे के नीचे खड़ी एक बोलेरो गाड़ी से 8 अन्य आरोपियों को दबोच लिया। जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल और अन्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल हैक कर ठगी करता था। आरोपी लोगों को झांसा देकर उनके आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम कार्ड लिए जाते थे। ठगी की रकम को इन्हीं खातों में मंगाकर ट्रांसफर किया जाता था और नकद निकाला जाता था। शिकायत दर्ज होने और बैंक खाता होल्ड होने की जानकारी मिलते ही आरोपी वारदात में इस्तेमाल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो बांदा के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से ठगी के 52,475 रुपये नकद, एक बोलेरो गाड़ी, एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक पैन कार्ड बरामद किया है। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साइबर ठगी के इस गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।3
- बांदा में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली थी, जिसका इस्तेमाल साइबर ठग लोगों से ठगी की रकम मंगवाने के लिए करते थे। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 11/12 जुलाई 26 की रात मवई बाइपास से खाताधारक प्रेम प्रकाश को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने कुबूल किया कि यह खाता उसी का है और वह कमीशन के बदले ठगी की रकम इस खाते में मंगवाता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके अन्य साथी बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के नीचे उसका इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल दबिश देकर वहां बोलेरो गाड़ी में बैठे 8 अन्य लोगों को भी धर दबोचा। यह गिरोह APK फाइल और फर्जी ऐप के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करता था। इसके बाद लोगों को झांसा देकर उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेज हासिल कर लिए जाते थे और फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते व सिम कार्ड खुलवाए जाते थे। ठगी की गई रकम इन्हीं खातों में मंगवाई जाती थी और फिर उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लिया जाता था। किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर ये लोग अपने फोन और सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे। पुलिस ने इनके पास से 52,475 रुपये नकद, 1 बोलेरो, 1 लैपटॉप, 6 एटीएम कार्ड, 1 चेकबुक और 1 पैनकार्ड बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रेम प्रकाश (निवासी नरैनी), सूरज (निवासी बिजली खेड़ा), समीर (निवासी किरन कालेज), अभिषेक (निवासी जरैली कोठी), जीतू (निवासी कंचनपुरवा), योगेश (निवासी पल्हरी), कृष्णा (निवासी डिग्गी चौराहा), सुशील (निवासी कनवारा) और मुकेश (निवासी मटौंध) के रूप में हुई है। इस सफलता पर एसपी पलाश बंसल ने गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली संयुक्त पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है और उन्हें 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।2
- Post by Taufik Bhai1