उत्तर प्रदेश के बांदा में थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली थी, जिसमें ठगी की रकम मंगवाई जा रही थी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11/12 जुलाई 2026 की रात मवई बाईपास से संदिग्ध खाताधारक प्रेम प्रकाश को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह कमीशन पर खाता उपलब्ध कराता है और उसके गिरोह के अन्य सदस्य बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे उसका इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर एक्सप्रेस-वे के नीचे खड़ी एक बोलेरो गाड़ी से 8 अन्य आरोपियों को दबोच लिया। जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल और अन्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल हैक कर ठगी करता था। आरोपी लोगों को झांसा देकर उनके आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम कार्ड लिए जाते थे। ठगी की रकम को इन्हीं खातों में मंगाकर ट्रांसफर किया जाता था और नकद निकाला जाता था। शिकायत दर्ज होने और बैंक खाता होल्ड होने की जानकारी मिलते ही आरोपी वारदात में इस्तेमाल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो बांदा के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से ठगी के 52,475 रुपये नकद, एक बोलेरो गाड़ी, एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक पैन कार्ड बरामद किया है। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साइबर ठगी के इस गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
उत्तर प्रदेश के बांदा में थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली थी, जिसमें ठगी की रकम मंगवाई जा रही थी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11/12 जुलाई 2026 की रात मवई बाईपास से संदिग्ध खाताधारक प्रेम प्रकाश को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह कमीशन पर खाता उपलब्ध कराता है और उसके गिरोह के अन्य सदस्य बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे उसका इंतजार
कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर एक्सप्रेस-वे के नीचे खड़ी एक बोलेरो गाड़ी से 8 अन्य आरोपियों को दबोच लिया। जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल और अन्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल हैक कर ठगी करता था। आरोपी लोगों को झांसा देकर उनके आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम कार्ड लिए जाते थे। ठगी की रकम को इन्हीं खातों में मंगाकर ट्रांसफर किया जाता था और नकद निकाला जाता था। शिकायत दर्ज होने और बैंक खाता होल्ड होने की जानकारी मिलते ही आरोपी वारदात में इस्तेमाल फोन
और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो बांदा के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से ठगी के 52,475 रुपये नकद, एक बोलेरो गाड़ी, एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक पैन कार्ड बरामद किया है। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साइबर ठगी के इस गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
- बांदा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त टीम ने मवई बाइपास और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे से इन आरोपियों को दबोचा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों के मोबाइल पर एपीके (APK) फाइल, फर्जी लिंक और नकली एप्लिकेशन भेजकर उनके फोन हैक करता था। मोबाइल हैक होने के बाद वे लोगों की बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय सूचनाएं चुरा लेते थे। इसके अलावा, गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार और पैन कार्ड हासिल करते थे और उनके नाम पर फर्जी फर्म व बैंक खाते खुलवाते थे। इन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी सिम कार्ड भी लिए जाते थे। ठगी की रकम सबसे पहले इन फर्जी खातों में मंगाई जाती थी और फिर उसे निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी बैंक खाता फ्रीज होने की भनक लगते ही इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹52,475 नकद, एक बोलेरो गाड़ी, 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, छह एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक पैन कार्ड बरामद किया है। इस मामले में बांदा के थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस बड़ी सफलता पर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें ₹20,000 का नकद पुरस्कार दिया है। बरामद डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि देश के अन्य राज्यों में की गई ठगी का भी पता लगाया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली थी, जिसमें ठगी की रकम मंगवाई जा रही थी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11/12 जुलाई 2026 की रात मवई बाईपास से संदिग्ध खाताधारक प्रेम प्रकाश को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह कमीशन पर खाता उपलब्ध कराता है और उसके गिरोह के अन्य सदस्य बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के नीचे उसका इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर एक्सप्रेस-वे के नीचे खड़ी एक बोलेरो गाड़ी से 8 अन्य आरोपियों को दबोच लिया। जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल और अन्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल हैक कर ठगी करता था। आरोपी लोगों को झांसा देकर उनके आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम कार्ड लिए जाते थे। ठगी की रकम को इन्हीं खातों में मंगाकर ट्रांसफर किया जाता था और नकद निकाला जाता था। शिकायत दर्ज होने और बैंक खाता होल्ड होने की जानकारी मिलते ही आरोपी वारदात में इस्तेमाल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो बांदा के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से ठगी के 52,475 रुपये नकद, एक बोलेरो गाड़ी, एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और एक पैन कार्ड बरामद किया है। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साइबर ठगी के इस गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।3
- हमीरपुर के बिवांर थाना क्षेत्र के हिमौली गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने किसान तौफ़ीक़ अहमद पुत्र हाफिजुद्दीन के घर का जंगला और दीवार तोड़कर लाखों रुपये की चोरी की, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, चोर घर में रखे जेवरात और नकदी समेत करीब 15 लाख रुपये से अधिक का कीमती सामान समेटकर ले गए। चोर घर के भीतर रखे बक्से उठाकर गांव के पंचायत भवन तक ले गए थे, जहां उन्होंने बक्सों के ताले तोड़कर कीमती सामान निकाल लिया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बिवांर थाना पुलिस और फील्ड यूनिट तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल से चोरी के कुछ रुपये और जेवरात बरामद हुए हैं। क्षेत्राधिकारी मौदहा ने जानकारी दी कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के दम पर अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी है और जल्द ही घटना का खुलासा कर शेष सामान बरामद करने का भरोसा दिलाया है।2
- व्लॉगर सौरभ जोशी ने दावा किया है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन के दौर में माइलेज का हाल बेहद खराब हो गया है। उनके अनुसार, जो गाड़ी पहले 17 किमी/लीटर चलती थी, वह पहले घटकर 9 और अब सिर्फ 5 किमी/लीटर के माइलेज पर आ गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नरेनी के पटेल नगर में पिछले तीन महीनों से नालियों की साफ-सफाई नहीं की गई है। इस क्षेत्र में तीन महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी नालियों की सफाई का काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।2
- कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मिट्टी की जांच कराने के बाद ही खेतों में उर्वरकों का उपयोग करें। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की जांच कराने से उसकी गुणवत्ता के हिसाब से खेती की योजना बनाना आसान हो जाता है, जिससे फसलों के उत्पादन में सुधार और पैदावार बढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। किसानों की सुविधा के लिए कई राज्यों में मिट्टी परीक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार भी किया जा रहा है।1
- बांदा में थाना साइबर क्राइम, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने एक सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के ₹52,475 नकद, एक बोलेरो गाड़ी, एक लैपटॉप, 6 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक, एक पैनकार्ड और 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल और अन्य एप्लिकेशन व सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। पकड़े गए अभियुक्त लोगों को बहला-फुसलाकर और झांसा देकर उनके आधार व पैन कार्ड जैसे दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कॉरपोरेट कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे और फर्जी सिम कार्ड भी प्राप्त किए जाते थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम मंगाने, ट्रांसफर करने और नकद निकालने के लिए किया जाता था। जैसे ही इन्हें साइबर क्राइम की शिकायत के बाद बैंक खाता होल्ड होने की जानकारी मिलती थी, ये घटना में इस्तेमाल फोन और सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे। पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध खाताधारक प्रेम प्रकाश को 11/12 जुलाई 2026 की रात मवई बाईपास से हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के नीचे दबिश देकर बोलेरो गाड़ी में बैठे 8 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक ने इस बड़ी सफलता पर संयुक्त पुलिस टीम को ₹20 हजार के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रेम प्रकाश, सूरज, समीर, अभिषेक, जीतू, योगेश, कृष्णा, सुशील कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं।3
- बांदा के शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल कॉलेज चौकी क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जुआरी नाल बंद जुआ खेलते और हार-जीत का दांव लगाते हुए साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। ये जुआरी खुलेआम स्थानीय पुलिस को चकमा देकर इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिरकार किसके संरक्षण में यह जुआड़ खाना इतने बेखौफ तरीके से चल रहा है। एसपी बांदा की सख्त कानून व्यवस्था होने के बावजूद भी जुआरी बिना किसी डर के जुए के खेल को अंजाम दे रहे हैं। फिलहाल, इस वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले में शामिल जुआरियों की शिनाख्त करने में जुटी हुई है।2