पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत😨😨 पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम महरोई में एक चार वर्षीय नर तेंदुए की कुएं में गिरकर हुई मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के राजा कहे जाने वाले इस दुर्लभ वन्यजीव का इस तरह असहाय होकर दम तोड़ना न केवल पीड़ादायक है बल्कि जिम्मेदार व्यवस्थाओं की अनदेखी का भी प्रमाण है। शनिवार को सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बाहर निकाला। औपचारिकता के तहत डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर से जांच कराई गई लेकिन सच्चाई यह है कि खुले और असुरक्षित कुएं लगातार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया जिससे स्पष्ट है कि यह हादसा पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक इस तरह वन्यजीव यूं ही असुरक्षित ढांचों की भेंट चढ़ते रहेंगे? ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों खुले कुएं बिना मुंडेर और सुरक्षा के मौजूद हैं जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं। यह घटना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि जंगल की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।
पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत😨😨 पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम महरोई में एक चार वर्षीय नर तेंदुए की कुएं में गिरकर हुई मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के राजा कहे जाने वाले इस दुर्लभ वन्यजीव का इस तरह असहाय होकर दम तोड़ना न केवल पीड़ादायक है बल्कि जिम्मेदार व्यवस्थाओं की अनदेखी का भी प्रमाण है। शनिवार को सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बाहर निकाला। औपचारिकता के तहत डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर से जांच कराई गई लेकिन सच्चाई यह है कि खुले और असुरक्षित कुएं लगातार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो
पाई है। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया जिससे स्पष्ट है कि यह हादसा पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक इस तरह वन्यजीव यूं ही असुरक्षित ढांचों की भेंट चढ़ते रहेंगे? ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों खुले कुएं बिना मुंडेर और सुरक्षा के मौजूद हैं जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं। यह घटना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि जंगल की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।
- Tapas Guptaपाली, उमरिया, मध्य प्रदेश🙏2 hrs ago
- Tapas Guptaपाली, उमरिया, मध्य प्रदेश😂2 hrs ago
- Tapas Guptaपाली, उमरिया, मध्य प्रदेश😂2 hrs ago
- पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम महरोई में एक चार वर्षीय नर तेंदुए की कुएं में गिरकर हुई मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के राजा कहे जाने वाले इस दुर्लभ वन्यजीव का इस तरह असहाय होकर दम तोड़ना न केवल पीड़ादायक है बल्कि जिम्मेदार व्यवस्थाओं की अनदेखी का भी प्रमाण है। शनिवार को सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बाहर निकाला। औपचारिकता के तहत डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर से जांच कराई गई लेकिन सच्चाई यह है कि खुले और असुरक्षित कुएं लगातार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया जिससे स्पष्ट है कि यह हादसा पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक इस तरह वन्यजीव यूं ही असुरक्षित ढांचों की भेंट चढ़ते रहेंगे? ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों खुले कुएं बिना मुंडेर और सुरक्षा के मौजूद हैं जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं। यह घटना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि जंगल की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।2
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट सतना मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- Post by India news Reporter1
- शहडोल सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई है,बैठक में जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए इस दौरान जिले के अधिकारी कर्मचारी विराट सभागार में मौजूद रहे हैं।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- अमरकंटक में 28-29 मार्च को होगा श्रमजीवी पत्रकारों का राष्ट्रीय अधिवेशन शहडोल। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के संगठन प्रभारी राहुल सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 28 एवं 29 मार्च को अमरकंटक में आयोजित किया जाएगा। संगठन प्रभारी बताया कि कार्यक्रम को लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है, इस अधिवेशन में देशभर के पत्रकार शामिल होंगे ।1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631