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देश की नीतियों को लेकर एक सीधा सवाल उठाया गया है कि क्या वे आम लोगों की सुविधा के लिए हैं या कुछ ताक़तवर लोगों के हितों की रक्षा के लिए बनाई जाती हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत इथेनॉल से जुड़े नियमों को कानूनी रूप देने की घोषणा की है, लेकिन इस पर जनता की राय कब ली गई या संसद में कितनी गंभीर चर्चा हुई, इस पर सवाल खड़े किए गए हैं। यह भी पूछा गया है कि आम लोगों को इसका फायदा होगा, यह साबित करने वाला कौन-सा स्वतंत्र अध्ययन जनता के सामने रखा गया है। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो जनता को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है? एक बड़ा सवाल हितों के टकराव का भी है। जब किसी नीति से जुड़े क्षेत्र में मंत्री के परिवार से संबंधित कंपनियों के व्यावसायिक हित होने की बात सामने आती है, तो पारदर्शिता की आवश्यकता बढ़ जाती है। लोकतंत्र में केवल ईमानदार होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ईमानदार दिखाई देना भी ज़रूरी है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि फैसले देशहित में लिए जा रहे हैं या किसी खास वर्ग के लाभ के लिए। वाहन स्क्रैपिंग नीति हो या इथेनॉल का मामला, हर बार बोझ आम आदमी पर ही क्यों डाला जाता है? यह भी सवाल है कि जनता कब तक अपनी जेब से ऐसे प्रयोगों की कीमत चुकाती रहेगी? यह लड़ाई इथेनॉल के पक्ष या विपक्ष की नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता की है। सरकार से मांग की गई है कि वह सभी अध्ययन, आंकड़े और संभावित प्रभाव जनता के सामने रखे, क्योंकि लोकतंत्र में जनता का काम केवल टैक्स देना नहीं, बल्कि सरकार से सवाल पूछना और फैसलों का हिसाब मांगना भी है। इथेनॉल पर शोध करने वाले कई लोगों का मानना है कि जब 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण से ही कई गाड़ियों पर असर पड़ रहा है, उनकी उम्र कम हो रही है और इंजन समय से पहले खराब हो रहे हैं, तो 100 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग से क्या स्थिति होगी? मध्यम वर्ग के लोग अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदते हैं ताकि वर्षों तक उसका लाभ उठा सकें, लेकिन यदि इथेनॉल उनके वाहनों के लिए नुकसानदायक साबित होता है, तो इसका बोझ भी उन्हें ही उठाना पड़ेगा। सवाल यह भी है कि यदि कोई आम व्यक्ति पेट्रोल या डीज़ल में मिलावट करके बेचे तो वह अपराधी माना जाता है, लेकिन जब सरकार में बैठे लोग स्वयं पेट्रोल और डीज़ल में इथेनॉल मिलाने की नीति अपनाते हैं, तो उसे देशहित का कदम बताया जाता है। इस पूरे मामले में पूछा जा रहा है कि क्या इथेनॉल नीति जनता के लिए है या कुछ खास लोगों के फायदे के लिए।

2 hrs ago
user_Zafar Rabbani
Zafar Rabbani
पोठिया, किशनगंज, बिहार•
2 hrs ago

देश की नीतियों को लेकर एक सीधा सवाल उठाया गया है कि क्या वे आम लोगों की सुविधा के लिए हैं या कुछ ताक़तवर लोगों के हितों की रक्षा के लिए बनाई जाती हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत इथेनॉल से जुड़े नियमों को कानूनी रूप देने की घोषणा की है, लेकिन इस पर जनता की राय कब ली गई या संसद में कितनी गंभीर चर्चा हुई, इस पर सवाल खड़े किए गए हैं। यह भी पूछा गया है कि आम लोगों को इसका फायदा होगा, यह साबित करने वाला कौन-सा स्वतंत्र अध्ययन जनता के सामने रखा गया है। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो जनता को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है? एक बड़ा सवाल हितों के टकराव का भी है। जब किसी नीति से जुड़े क्षेत्र में मंत्री के परिवार से संबंधित कंपनियों के व्यावसायिक हित होने की बात सामने आती है, तो पारदर्शिता की आवश्यकता बढ़ जाती है। लोकतंत्र में केवल ईमानदार होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ईमानदार दिखाई देना भी ज़रूरी है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि फैसले देशहित में लिए जा रहे हैं या किसी खास वर्ग के लाभ के लिए। वाहन स्क्रैपिंग नीति हो या इथेनॉल का मामला, हर बार बोझ आम आदमी पर ही क्यों डाला जाता है? यह भी सवाल है कि जनता कब तक अपनी जेब से ऐसे प्रयोगों की कीमत चुकाती रहेगी? यह लड़ाई इथेनॉल के पक्ष या विपक्ष की नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता की है। सरकार से मांग की गई है कि वह सभी अध्ययन, आंकड़े और संभावित प्रभाव जनता के सामने रखे, क्योंकि लोकतंत्र में जनता का काम केवल टैक्स देना नहीं, बल्कि सरकार से सवाल पूछना और फैसलों का हिसाब मांगना भी है। इथेनॉल पर शोध करने वाले कई लोगों का मानना है कि जब 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण से ही कई गाड़ियों पर असर पड़ रहा है, उनकी उम्र कम हो रही है और इंजन समय से पहले खराब हो रहे हैं, तो 100 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग से क्या स्थिति होगी? मध्यम वर्ग के लोग अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदते हैं ताकि वर्षों तक उसका लाभ उठा सकें, लेकिन यदि इथेनॉल उनके वाहनों के लिए नुकसानदायक साबित होता है, तो इसका बोझ भी उन्हें ही उठाना पड़ेगा। सवाल यह भी है कि यदि कोई आम व्यक्ति पेट्रोल या डीज़ल में मिलावट करके बेचे तो वह अपराधी माना जाता है, लेकिन जब सरकार में बैठे लोग स्वयं पेट्रोल और डीज़ल में इथेनॉल मिलाने की नीति अपनाते हैं, तो उसे देशहित का कदम बताया जाता है। इस पूरे मामले में पूछा जा रहा है कि क्या इथेनॉल नीति जनता के लिए है या कुछ खास लोगों के फायदे के लिए।

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  • santosh Kalki Shiv Baba suandaranath dham sarakar 🏴‍☠️🧿🏹🪈🔱🪓🇮🇳🪡🌺🌿🐁☕🐒🐕‍🦺🚨🚓🕋🚔✝️🪯🕉️🐉🐢🐊🎡🪔🎠 me antim avatar hu (kalki avatar.?)
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    santosh Kalki Shiv Baba suandaranath dham sarakar 🏴‍☠️🧿🏹🪈🔱🪓🇮🇳🪡🌺🌿🐁☕🐒🐕‍🦺🚨🚓🕋🚔✝️🪯🕉️🐉🐢🐊🎡🪔🎠
me antim avatar hu (kalki avatar.?)
    user_Santosh kalki shiv baba 🏴‍☠️
    Santosh kalki shiv baba 🏴‍☠️
    Tour Guide कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    5 hrs ago
  • उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग के प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने बुधवार को कोडरमा समाहरणालय सभागार में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजस्व, भू-अर्जन, भू-हस्तांतरण, खनन और विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रहण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता सहित सभी अंचल अधिकारी और विभागों के पदाधिकारी इस दौरान मौजूद थे। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, रसीद निर्गत, रजिस्ट्री, जाति, आय और आवासीय प्रमाण-पत्रों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भू-अर्जन और भू-हस्तांतरण के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने विकास परियोजनाओं से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया। राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के वार्षिक लक्ष्यों और उपलब्धियों का आकलन भी किया गया। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निर्धारित राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने, उत्पाद विभाग को अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने, तथा खनन विभाग को अवैध बालू उठाव और अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दाखिल-खारिज के लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को ऐसे मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि अनावश्यक लंबितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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    उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग के प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने बुधवार को कोडरमा समाहरणालय सभागार में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजस्व, भू-अर्जन, भू-हस्तांतरण, खनन और विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रहण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता सहित सभी अंचल अधिकारी और विभागों के पदाधिकारी इस दौरान मौजूद थे।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, रसीद निर्गत, रजिस्ट्री, जाति, आय और आवासीय प्रमाण-पत्रों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भू-अर्जन और भू-हस्तांतरण के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने विकास परियोजनाओं से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया। राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के वार्षिक लक्ष्यों और उपलब्धियों का आकलन भी किया गया।

आयुक्त ने परिवहन विभाग को निर्धारित राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने, उत्पाद विभाग को अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने, तथा खनन विभाग को अवैध बालू उठाव और अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दाखिल-खारिज के लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को ऐसे मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि अनावश्यक लंबितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    user_झारखंड news
    झारखंड news
    Court reporter कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    7 hrs ago
  • रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई है। इस घटना के संबंध में एक लड़की ने 'पोल खोल दिया' है।
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    रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई है। इस घटना के संबंध में एक लड़की ने 'पोल खोल दिया' है।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    News Anchor Araria, Bihar•
    11 hrs ago
  • स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने ब्रातिस्लावा की अपनी यात्रा के दौरान भारत की तीव्र वृद्धि की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से देश की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की। प्रधानमंत्री फिको ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की विकास दरें उन्नत यूरोपीय देशों की तुलना में कहीं अधिक हैं।
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    स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने ब्रातिस्लावा की अपनी यात्रा के दौरान भारत की तीव्र वृद्धि की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से देश की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की। प्रधानमंत्री फिको ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की विकास दरें उन्नत यूरोपीय देशों की तुलना में कहीं अधिक हैं।
    user_Kunal
    Kunal
    Spa कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    14 hrs ago
  • वैशाली DM कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले एक पत्रकार के घर अचानक मद्यनिषेध पुलिस पहुंच गई। पुलिस पत्रकार को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन पत्रकार शराब का सेवन नहीं करता था। इस घटना के बाद, पुलिसकर्मी बिना किसी गिरफ्तारी के खाली हाथ लौट गए। यह दावा स्वयं पत्रकार ने किया है।
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    वैशाली DM कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले एक पत्रकार के घर अचानक मद्यनिषेध पुलिस पहुंच गई। पुलिस पत्रकार को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन पत्रकार शराब का सेवन नहीं करता था।

इस घटना के बाद, पुलिसकर्मी बिना किसी गिरफ्तारी के खाली हाथ लौट गए। यह दावा स्वयं पत्रकार ने किया है।
    user_PublicPowerNews24
    PublicPowerNews24
    Newsagent कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    15 min ago
  • केनगर प्रखंड की बड़ी चकला पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच संपन्न हो गया। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन जिला सरपंच संघ अध्यक्ष ने किया।
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    केनगर प्रखंड की बड़ी चकला पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच संपन्न हो गया। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन जिला सरपंच संघ अध्यक्ष ने किया।
    user_Auwal BaBu खबर हर पल
    Auwal BaBu खबर हर पल
    पत्रकार कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    1 hr ago
  • डोमचांच क्षेत्र के बगडो में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक जलापूर्ति परियोजना का कार्य तेज़ी से चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बुधवार को दोपहर 12 बजे बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹23 करोड़ है। इसका मुख्य लक्ष्य क्षेत्रवासियों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना है। हालांकि, अभी तक इस योजना से सफलतापूर्वक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में, आम जनता की निगाहें इस परियोजना पर टिकी हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि कब तक इसका लाभ उन्हें मिल पाता है।
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    डोमचांच क्षेत्र के बगडो में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक जलापूर्ति परियोजना का कार्य तेज़ी से चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बुधवार को दोपहर 12 बजे बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹23 करोड़ है। इसका मुख्य लक्ष्य क्षेत्रवासियों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना है।

हालांकि, अभी तक इस योजना से सफलतापूर्वक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में, आम जनता की निगाहें इस परियोजना पर टिकी हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि कब तक इसका लाभ उन्हें मिल पाता है।
    user_झारखंड news
    झारखंड news
    Court reporter कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    8 hrs ago
  • रोशन आनंद सर की जिंदगी उनके भाई की मौत के बाद पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इस दुखद घटना से उनका पूरा परिवार गहरे गम में डूब गया है।
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    रोशन आनंद सर की जिंदगी उनके भाई की मौत के बाद पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इस दुखद घटना से उनका पूरा परिवार गहरे गम में डूब गया है।
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    News Anchor Araria, Bihar•
    11 hrs ago
  • पूर्णिया के केनगर प्रखंड स्थित बैरगाछी गाँव में 20 जून को एक भव्य शॉर्ट बाउंड्री नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रेमियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
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    पूर्णिया के केनगर प्रखंड स्थित बैरगाछी गाँव में 20 जून को एक भव्य शॉर्ट बाउंड्री नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रेमियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
    user_Auwal BaBu खबर हर पल
    Auwal BaBu खबर हर पल
    पत्रकार कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    2 hrs ago
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