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पूर्णिया के केनगर प्रखंड स्थित बैरगाछी गाँव में 20 जून को एक भव्य शॉर्ट बाउंड्री नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रेमियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
Auwal BaBu खबर हर पल
पूर्णिया के केनगर प्रखंड स्थित बैरगाछी गाँव में 20 जून को एक भव्य शॉर्ट बाउंड्री नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रेमियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
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- रौशन आनंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कदमकुआं थाने में उनकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में उनकी FIR दर्ज नहीं की जा रही है, और यह कदमकुआं थाने की पुलिस को बताना चाहिए। आनंद ने स्पष्ट किया कि यदि आज उनकी FIR दर्ज नहीं होती है, तो वे थाने के सामने ही बैठे रहेंगे। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि भले ही पटना पुलिस उन्हें गोली मार दे, वे वहां से नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करते रहेंगे।1
- केनगर प्रखंड के बड़ी चकला में तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला संपन्न हो गया। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन जिला सरपंच संघ अध्यक्ष ने किया था। यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक चली, जिसके बाद फाइनल मैच खेला गया।1
- बिहार के कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड अंतर्गत सोगली पंचायत के वार्ड संख्या 11 में नव निर्मित सड़क का उद्घाटन विधान पार्षद अशोक अग्रवाल ने किया। इस सड़क के निर्माण में लगभग 15 लाख रुपये की लागत आई है। इस सड़क के बनने से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।1
- बिहार में शिक्षकों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वेतन रोके जाने के साथ ही शिक्षकों के प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।1
- अररिया स्टूडेंट फ्रंट की अररिया इकाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और शिक्षकों के शोषण का मुद्दा उठाया। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत किए और दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।1
- कटिहार में सीमांचल क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन द्वारा NDA सरकार पर सीमांचल के साथ "सौतेला व्यवहार" करने का आरोप लगाने के बाद, जेडीयू ने इस पर तीखा पलटवार किया है। हाल ही में कटिहार में हुई एक प्रेस वार्ता में, AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुनाव के दौरान सीमांचल के विकास का वादा करने, लेकिन सरकार के छह महीने पूरे होने के बावजूद कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में अपेक्षित विकास कार्य न दिखने का आरोप लगाया था। AIMIM के इन आरोपों पर जेडीयू के जिला प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिल हसन को शायद सीमांचल में हुए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार की स्थिति खराब थी और सीमांचल के कई इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। जेडीयू प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में सीमांचल में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं में व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण, कब्रिस्तानों की घेराबंदी, सड़क नेटवर्क के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीमांचल को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। हैदर ने यह भी कहा कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से वर्षों पुराने भूमि विवाद और सामाजिक तनाव कम हुए हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल के लोगों तथा अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, जेडीयू ने AIMIM पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह विकास के मुद्दों से अधिक वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। जेडीयू ने कहा कि AIMIM जहां भी चुनाव होते हैं, वहां जाकर "वोट काटने" का काम करती है, और पश्चिम बंगाल, बिहार में भी उसकी भूमिका "वोट कटवा" की रही है। अब यही रणनीति उत्तर प्रदेश में भी अपनाई जा रही है। फिलहाल, सीमांचल के विकास को लेकर AIMIM और जेडीयू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी है, और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई किस दिशा में जाती है।1
- बिहार के वैशाली जिले में, DM कार्यालय के भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले एक पत्रकार के घर अचानक मद्यनिषेध पुलिस पहुंच गई। पुलिस पत्रकार को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन पत्रकार ने शराब नहीं पी थी। इस स्थिति के बाद, पुलिसकर्मी खाली हाथ लौट गए। यह दावा स्वयं पत्रकार का है। पूरी घटना ने इस बात पर जोर दिया है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।1
- विपिन सर ने फैजल खान के साथ खूब 'लड़ाई' की। इस दौरान विपिन सर ने फैजल खान को ऐसी बातें कहीं, जिन्हें सुनकर उनके होश उड़ जाएंगे। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि विपिन सर द्वारा फैजल खान से कही गई बातें इतनी तीखी हैं कि अगर फैजल खान उन्हें सुनेंगे तो निश्चित रूप से हैरान रह जाएंगे।1