कटिहार में सीमांचल क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन द्वारा NDA सरकार पर सीमांचल के साथ "सौतेला व्यवहार" करने का आरोप लगाने के बाद, जेडीयू ने इस पर तीखा पलटवार किया है। हाल ही में कटिहार में हुई एक प्रेस वार्ता में, AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुनाव के दौरान सीमांचल के विकास का वादा करने, लेकिन सरकार के छह महीने पूरे होने के बावजूद कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में अपेक्षित विकास कार्य न दिखने का आरोप लगाया था। AIMIM के इन आरोपों पर जेडीयू के जिला प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिल हसन को शायद सीमांचल में हुए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार की स्थिति खराब थी और सीमांचल के कई इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। जेडीयू प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में सीमांचल में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं में व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण, कब्रिस्तानों की घेराबंदी, सड़क नेटवर्क के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीमांचल को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। हैदर ने यह भी कहा कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से वर्षों पुराने भूमि विवाद और सामाजिक तनाव कम हुए हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल के लोगों तथा अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, जेडीयू ने AIMIM पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह विकास के मुद्दों से अधिक वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। जेडीयू ने कहा कि AIMIM जहां भी चुनाव होते हैं, वहां जाकर "वोट काटने" का काम करती है, और पश्चिम बंगाल, बिहार में भी उसकी भूमिका "वोट कटवा" की रही है। अब यही रणनीति उत्तर प्रदेश में भी अपनाई जा रही है। फिलहाल, सीमांचल के विकास को लेकर AIMIM और जेडीयू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी है, और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई किस दिशा में जाती है।
कटिहार में सीमांचल क्षेत्र के विकास को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन द्वारा NDA सरकार पर सीमांचल के साथ "सौतेला व्यवहार" करने का आरोप लगाने के बाद, जेडीयू ने इस पर तीखा पलटवार किया है। हाल ही में कटिहार में हुई एक प्रेस वार्ता में, AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुनाव के दौरान सीमांचल के विकास का वादा करने, लेकिन सरकार के छह महीने पूरे होने के बावजूद कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में अपेक्षित विकास कार्य न दिखने का आरोप लगाया था। AIMIM के इन आरोपों पर जेडीयू के जिला प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिल हसन को शायद सीमांचल में हुए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार की स्थिति खराब थी और सीमांचल के कई इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। जेडीयू प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में सीमांचल में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं में व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण, कब्रिस्तानों की घेराबंदी, सड़क नेटवर्क के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीमांचल को जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। हैदर ने यह भी कहा कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से वर्षों पुराने भूमि विवाद और सामाजिक तनाव कम हुए हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल के लोगों तथा अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, जेडीयू ने AIMIM पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह विकास के मुद्दों से अधिक वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। जेडीयू ने कहा कि AIMIM जहां भी चुनाव होते हैं, वहां जाकर "वोट काटने" का काम करती है, और पश्चिम बंगाल, बिहार में भी उसकी भूमिका "वोट कटवा" की रही है। अब यही रणनीति उत्तर प्रदेश में भी अपनाई जा रही है। फिलहाल, सीमांचल के विकास को लेकर AIMIM और जेडीयू के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी है, और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई किस दिशा में जाती है।
- कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के आलमपुर दियारा इलाके में मंगलवार शाम करीब 7 बजे एक जंगली गीदड़ के हमले से आलमपुर पंचायत के वार्ड संख्या 13 स्थित खिखिर टोला निवासी 45 वर्षीय कमल चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कमल चौधरी रोज की तरह मवेशियों के लिए घास काटने दियारा क्षेत्र गए थे, तभी अचानक एक जंगली गीदड़ ने उन पर हमला कर दिया। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए गीदड़ को घेर लिया और उसे पीट-पीटकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। घायल कमल चौधरी को ग्रामीणों की मदद से तत्काल आजमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायल कमल चौधरी की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद दियारा क्षेत्र के निवासियों में जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है, और ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।1
- बिहार के वैशाली जिले में, DM कार्यालय के भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले एक पत्रकार के घर अचानक मद्यनिषेध पुलिस पहुंच गई। पुलिस पत्रकार को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन पत्रकार ने शराब नहीं पी थी। इस स्थिति के बाद, पुलिसकर्मी खाली हाथ लौट गए। यह दावा स्वयं पत्रकार का है। पूरी घटना ने इस बात पर जोर दिया है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।1
- पूर्णिया के केनगर प्रखंड स्थित बैरगाछी गाँव में 20 जून को एक भव्य शॉर्ट बाउंड्री नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रेमियों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव में एक हैरान कर देने वाला दृश्य देखने को मिला है, जहाँ चींटियाँ जंगली पेड़-पौधों के बीज, विशेष रूप से 'डुबदी' के बीज चुराकर जमा कर रही हैं। इस अनोखी घटना को देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए हैं।1
- मगही शेर अभिषेक रंजन ने छात्रों के दर्द को बदलाव की शुरुआत बनाने का आह्वान किया है, उनका कहना है कि एक शहर का हौसला पूरे देश की आवाज बनेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि हर एक युवा का दर्द एक बड़े बदलाव की शुरुआत करेगा। अभिषेक रंजन ने जनता के साथ मिलकर सच को आवाज देने की बात कही है, और लोगों से उनके पेज को फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- भागलपुर जिले के दरियापुर शाहाकुंड में पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे के पैतृक गांव में कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह भव्य शोभायात्रा यज्ञ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।1
- कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बहरखाल के बिशनपुर गांव में चल रहे 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को वैज्ञानिक खेती के महत्वपूर्ण तरीके बताए गए। इस दौरान कृषि पदाधिकारी ने रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की और किसानों से इसके हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।1
- आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सुकमा जिला कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से बिजली दरों में लगातार बेतहाशा वृद्धि के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन 'सच को आवाज जनता के साथ' और 'मगही शेर अभिषेक रंजन' के समर्थन में आयोजित किया गया था।1