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कर्नाटक के बेंगलुरु में NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ तीन छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। ये छात्राएं निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, जबकि गेट दोपहर 1:30 बजे ही बंद हो चुके थे। परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने के बाद, उन्होंने गेट के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए एंट्री के लिए गुहार लगाई। छात्राओं ने अपनी इस देरी की वजह कांग्रेस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम को बताया। हालांकि, NTA के सख्त नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
SonuKumar Gautam midia
कर्नाटक के बेंगलुरु में NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ तीन छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। ये छात्राएं निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, जबकि गेट दोपहर 1:30 बजे ही बंद हो चुके थे। परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने के बाद, उन्होंने गेट के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए एंट्री के लिए गुहार लगाई। छात्राओं ने अपनी इस देरी की वजह कांग्रेस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम को बताया। हालांकि, NTA के सख्त नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- शुक्रवार को कांठ नगर में दसवीं मुहर्रम के अवसर पर मोहल्ला पृथ्वीगंज से अंसारियान मुहर्रम कमेटी और मोहल्ला चौकबाजार से हलवाईयान मुहर्रम कमेटी द्वारा पारंपरिक रूप से जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में युवाओं ने अखाड़ों में ढोल की थाप पर हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान पूरे माहौल में 'या हुसैन या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। नगर के निर्धारित मार्गों से होते हुए ये दोनों जुलूस मछली बाजार पहुँचे, जहाँ अंसारियान और हलवाईयान कमेटियों के बीच घोड़ों और दुलदुल बुर्राक का शानदार मुकाबला आयोजित किया गया। युवाओं ने एक बार फिर अखाड़ों में अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह का खूब मनोरंजन किया। इन आयोजनों के दौरान एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव नेता जुल्फिकार अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आफताब आलम उर्फ गुड्डू, नब्बू खां फरीदी, हाजी इसरार, ताहिर बाबा, इरफान अल्वी, छोटे, शहजाद, अनस फरीदी, अयान सिद्दीकी, अकरम, रिजवान अल्वी, मोहम्मद अनस, असजद अंसारी, मोहम्मद उमर, नदीम और नईम अंसारी जैसे प्रमुख व्यक्ति भी मौजूद थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक सुदेश पाल सिंह, कस्बा चौकी प्रभारी राहुल राघव और उपनिरीक्षक संजीव कुमार सहित पुलिस बल मुस्तैद रहा।1
- इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हुए, AIMIM के नेताओं ने राहगीरों में शर्बत का वितरण किया। यह कार्यक्रम उनकी शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उसे याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- मुरादाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़ा कुली ख़ाँ में 9वीं मुहर्रम की शब अज़ादारी पूरी अकीदत, एहतराम और ग़मगीन माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में अज़ादारों ने मजलिस में शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद परंपरागत अंदाज़ में जुल्जनाह बरामद हुआ, जिसकी ज़ियारत के लिए रास्ते भर अकीदतमंद उमड़ पड़े और पूरे माहौल में "या हुसैन", "या अब्बास" और "या सकीना" की सदाएं गूंजती रहीं। अमरोहा से आए मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, इंसाफ़ और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने की हमेशा ज़िंदा रहने वाली शिक्षा है। उन्होंने ज़िक्र किया कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने 72 जाननिसार साथियों और अहलेबैत की बेमिसाल कुर्बानी देकर हक़ की राह पर डटे रहने का ऐसा पैग़ाम दिया है, जो क़यामत तक इंसानियत की रहनुमाई करता रहेगा। मौलाना ने हज़रत अली असग़र (अ.स.), हज़रत अब्बास आलमदार (अ.स.), बीबी सकीना (स.अ.) और शोहदाए कर्बला की दर्दनाक शहादत का उल्लेख किया, जिससे इमामबाड़े का माहौल ग़म से भर उठा, अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और हर तरफ़ मातम व गिरिया-ओ-ज़ारी का मंज़र दिखाई दिया। मजलिस के समापन के बाद नौहाख्वानी और सीनाज़नी का सिलसिला शुरू हुआ, जहाँ नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश किए और अंजुमनों व अज़ादारों ने पुरसा देते हुए मातम किया। इसके पश्चात जुल्जनाह पूरे अदब और एहतराम के साथ बरामद हुआ। रास्ते में जगह-जगह सबील और लंगर का भी इंतज़ाम किया गया, जहां अकीदतमंदों ने अपनी खिदमत का फ़र्ज़ निभाया। मौलाना सज्जाद ने भी अज़ादारों को संबोधित करते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) की सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाने, इंसाफ़, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम आम करने की अपील की। इस कार्यक्रम में इमामबाड़ा कुली ख़ाँ के मुतवल्ली आरिफ़ राजा, हाजी रईस हैदर, राजा हैदर, बाबर अली, गुलफ़ाम हुसैन, नईम क़ादरी, गुलज़ार हैदर, इरफ़ान हैदर, जावेद अली, मुराद अली, रफ़ीक़ हुसैन, जफ़र अब्बास, ज़हीर अब्बास, राजा अली, अनीस हैदर, ज़ुल्फ़िकार हैदर, मौलाना अकील, शफ़ीक़ हैदर, गुलाब, शमशेर अली, क़ासिम राजा, अनवर अली, नाज़िम हुसैन समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में इंतज़ार अब्बास और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पूरी इंसानियत के लिए हिम्मत, सब्र और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने का हमेशा ज़िंदा रहने वाला पैग़ाम है, जो सिखाता है कि हक़ और इंसाफ़ की राह में आने वाली हर मुश्किल और हर कुर्बानी छोटी है।4
- बिलासपुर में मोहर्रम का जुलूस संपन्न होने के कुछ समय बाद नगर के मुख्य चौराहा स्थित कर्बला भूमि पर पक्का निर्माण कार्य शुरू होने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस निर्माण की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समाज के लोग मौके पर भारी संख्या में एकत्र हो गए और निर्माण कार्य का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को काबू करने के लिए पालिका और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि कर्बला के नाम दर्ज है और वर्षों से मोहर्रम के दौरान तीन दिनों के लिए यहाँ से अस्थायी दुकानें हटाई जाती हैं। उनका कहना था कि एक दुकानदार ने अवैध रूप से इस भूमि पर कब्जा कर पक्का निर्माण शुरू करवा दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस विरोध के चलते कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। हंगामे की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। हालात बिगड़ते देख कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पालिका की टीम ने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर अपने वाहन में भर ली। वहीं, पुलिस ने संबंधित दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। देर रात मुस्लिम समाज के लोगों और अन्य नागरिकों ने दुकानदार के खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर सौंपी, जिसमें अवैध निर्माण और कब्जे के आरोप में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि दुकानदार को भविष्य में दोबारा पक्का निर्माण न करने की कड़ी हिदायत देते हुए हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया है। साथ ही, उन्हें मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।1
- कांठ और गढ़ी में मोहर्रम पर्व के अवसर पर ताजियों के जुलूस कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाले गए। इस दौरान कांठ नगर में अंसारी बिरादरी और हलवाई बिरादरी के बीच दुलदुल बुर्राक और घोड़ों का एक रोमांचक मुकाबला भी हुआ। छजलैट सहित पूरे क्षेत्र में कुल 15 स्थानों पर ताजियों के जुलूस निकाले गए। जुलूस में सबसे आगे अखाड़ा था, जिसके बाद मातम जुलूस में कलाकारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। देर शाम दोनों पक्षों के घोड़े और दुलदुल बुर्राक मुकाबले के लिए पहुंचे, जहां दोनों बिरादरी के खलीफाओं की मौजूदगी में उन्होंने वास्तविक घोड़ों और दुलदुल बुर्राक की तरह अपने प्रत्येक अंग को चलाकर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। जुलूस में दोनों पक्षों के ताजिए शामिल थे और भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं, पुरुषों और बच्चों का उत्साह देखने लायक था। ऊमरी कलां नगर पंचायत, ग्राम हरि नूरपुर गढ़ी पैगंबरपुर, मुजफ्फरपुर टांडा, महादूत कलमी खलीलपुर कद्दीम, छजलैट भीकनपुर कुरी रवाना, चौहरा चेतरामपुर सहित अन्य ग्रामों में ताजियों के जुलूस निकले। ऊमरी कलां में नगर पंचायत अध्यक्ष उस्मान अली और सैयद मुअज्म अली ने सहयोग में सराहनीय भूमिका निभाई। ग्राम गढ़ी में ताजियों के विशाल जुलूस के साथ कई जगहों पर शरबत भी बांटा गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ग्राम गढ़ी में चौकी प्रभारी कमलदीप मौजूद रहे। क्षेत्र में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी और सीओ शुभम पटेल ने भ्रमण किया और पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर तथा थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी निरीक्षक कांठ सुदेश पाल सिंह, चौकी इंचार्ज राहुल राघव और उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने सुरक्षा संभाली। छजलैट क्षेत्र में थाना अध्यक्ष रमेश सहरावत ने सुरक्षा की बागडोर संभाली, जहाँ पुलिस बल की मौजूदगी में अनेक स्थानों पर ताजिए निकाले गए। यह रिपोर्ट कांठ से बेबाक न्यूज ऑनलाइन के लिए मोहम्मद रफी द्वारा फाइल की गई थी।1
- बिलासपुर में दस मोहर्रम के अवसर पर हज़रत इमाम हुसैन की याद में अजादारों ने एक भव्य ताजियों का जुलूस निकाला। इस दौरान भीषण गर्मी के बावजूद, 'नारा ए तकबीर अल्लाह हू अकबर' और 'या हुसैन या हुसैन' की सदाओं से क्षेत्र का पूरा वातावरण गूंज उठा, जो अजादारों की गहरी आस्था और उत्साह को दर्शाता है। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की गई। यह जुलूस शुक्रवार को दोपहर लगभग बारह बजे शुरू हुआ, जिसमें बेहतरीन कारीगरी से तैयार किया गया पीर जी का ताजिया सबसे आगे चल रहा था और अन्य ताजियों का काफिला उसके पीछे था। जुलूस भट्टी टोला, कायस्थान, साहूकारा, रजा चौक, मोहल्ला शीरी मियां और सब्जी मंडी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ मुख्य चौराहा स्थित कर्बला पहुंचा। जुलूस में शामिल अजादारों ने ढोल-ताशे की थाप पर 'नारा ए तकबीर अल्लाह हू अकबर' और 'या हुसैन या हुसैन' के उद्घोष के साथ जमकर मातम मनाया। भीषण तापमान के कारण जगह-जगह ठंडे शरबत के सबील लगाए गए थे और लंगर भी अनवरत चलता रहा, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिली। कर्बला पहुंचने के बाद गतका और ताशा पार्टी के बीच मुकाबला भी हुआ। सुरक्षा के लिहाज़ से, उप जिलाधिकारी अरुण कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्षिता सिंह, प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह, कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार और एलआईयू उप निरीक्षक जीत बिष्ट सहित कई अधिकारी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहे।1
- एक दंपति के बीच चल रहा विवाद उस समय हिंसक हो गया जब पत्नी ने अपने मायके से भाई को बुलाकर पति की बेरहमी से पिटाई की। यह घटना रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र की परशदेपुर चौकी से संबंधित बताई जा रही है। अनबन बढ़ने के बाद पत्नी ने अपने भाइयों के साथ मिलकर पति पर लाठी से हमला किया। घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि पत्नी का भाई अपने जीजा (पति) को पकड़े हुए है, जबकि पत्नी लगातार लाठी से उस पर वार करती रही। पीड़ित पति इस दौरान मदद के लिए गुहार लगाता रहा।1