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मुरादाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़ा कुली ख़ाँ में 9वीं मुहर्रम की शब अज़ादारी पूरी अकीदत, एहतराम और ग़मगीन माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में अज़ादारों ने मजलिस में शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद परंपरागत अंदाज़ में जुल्जनाह बरामद हुआ, जिसकी ज़ियारत के लिए रास्ते भर अकीदतमंद उमड़ पड़े और पूरे माहौल में "या हुसैन", "या अब्बास" और "या सकीना" की सदाएं गूंजती रहीं। अमरोहा से आए मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, इंसाफ़ और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने की हमेशा ज़िंदा रहने वाली शिक्षा है। उन्होंने ज़िक्र किया कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने 72 जाननिसार साथियों और अहलेबैत की बेमिसाल कुर्बानी देकर हक़ की राह पर डटे रहने का ऐसा पैग़ाम दिया है, जो क़यामत तक इंसानियत की रहनुमाई करता रहेगा। मौलाना ने हज़रत अली असग़र (अ.स.), हज़रत अब्बास आलमदार (अ.स.), बीबी सकीना (स.अ.) और शोहदाए कर्बला की दर्दनाक शहादत का उल्लेख किया, जिससे इमामबाड़े का माहौल ग़म से भर उठा, अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और हर तरफ़ मातम व गिरिया-ओ-ज़ारी का मंज़र दिखाई दिया। मजलिस के समापन के बाद नौहाख्वानी और सीनाज़नी का सिलसिला शुरू हुआ, जहाँ नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश किए और अंजुमनों व अज़ादारों ने पुरसा देते हुए मातम किया। इसके पश्चात जुल्जनाह पूरे अदब और एहतराम के साथ बरामद हुआ। रास्ते में जगह-जगह सबील और लंगर का भी इंतज़ाम किया गया, जहां अकीदतमंदों ने अपनी खिदमत का फ़र्ज़ निभाया। मौलाना सज्जाद ने भी अज़ादारों को संबोधित करते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) की सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाने, इंसाफ़, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम आम करने की अपील की। इस कार्यक्रम में इमामबाड़ा कुली ख़ाँ के मुतवल्ली आरिफ़ राजा, हाजी रईस हैदर, राजा हैदर, बाबर अली, गुलफ़ाम हुसैन, नईम क़ादरी, गुलज़ार हैदर, इरफ़ान हैदर, जावेद अली, मुराद अली, रफ़ीक़ हुसैन, जफ़र अब्बास, ज़हीर अब्बास, राजा अली, अनीस हैदर, ज़ुल्फ़िकार हैदर, मौलाना अकील, शफ़ीक़ हैदर, गुलाब, शमशेर अली, क़ासिम राजा, अनवर अली, नाज़िम हुसैन समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में इंतज़ार अब्बास और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पूरी इंसानियत के लिए हिम्मत, सब्र और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने का हमेशा ज़िंदा रहने वाला पैग़ाम है, जो सिखाता है कि हक़ और इंसाफ़ की राह में आने वाली हर मुश्किल और हर कुर्बानी छोटी है।

1 hr ago
user_Journalist Arman Choudhary
Journalist Arman Choudhary
Court reporter मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

मुरादाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़ा कुली ख़ाँ में 9वीं मुहर्रम की शब अज़ादारी पूरी अकीदत, एहतराम और ग़मगीन माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में अज़ादारों ने मजलिस में शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद परंपरागत अंदाज़ में जुल्जनाह बरामद हुआ, जिसकी ज़ियारत के लिए रास्ते भर अकीदतमंद उमड़ पड़े और पूरे माहौल में "या हुसैन", "या अब्बास" और "या सकीना" की सदाएं गूंजती रहीं। अमरोहा से आए मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, इंसाफ़ और

ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने की हमेशा ज़िंदा रहने वाली शिक्षा है। उन्होंने ज़िक्र किया कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने 72 जाननिसार साथियों और अहलेबैत की बेमिसाल कुर्बानी देकर हक़ की राह पर डटे रहने का ऐसा पैग़ाम दिया है, जो क़यामत तक इंसानियत की रहनुमाई करता रहेगा। मौलाना ने हज़रत अली असग़र (अ.स.), हज़रत अब्बास आलमदार (अ.स.), बीबी सकीना (स.अ.) और शोहदाए कर्बला की दर्दनाक शहादत का उल्लेख किया, जिससे इमामबाड़े का माहौल ग़म से भर उठा, अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और हर तरफ़ मातम व गिरिया-ओ-ज़ारी का मंज़र दिखाई दिया। मजलिस के समापन के बाद नौहाख्वानी और सीनाज़नी का

सिलसिला शुरू हुआ, जहाँ नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश किए और अंजुमनों व अज़ादारों ने पुरसा देते हुए मातम किया। इसके पश्चात जुल्जनाह पूरे अदब और एहतराम के साथ बरामद हुआ। रास्ते में जगह-जगह सबील और लंगर का भी इंतज़ाम किया गया, जहां अकीदतमंदों ने अपनी खिदमत का फ़र्ज़ निभाया। मौलाना सज्जाद ने भी अज़ादारों को संबोधित करते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) की सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाने, इंसाफ़, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम आम करने की अपील की। इस कार्यक्रम में इमामबाड़ा कुली ख़ाँ के मुतवल्ली आरिफ़ राजा, हाजी रईस हैदर, राजा हैदर, बाबर अली, गुलफ़ाम हुसैन, नईम क़ादरी, गुलज़ार हैदर, इरफ़ान हैदर, जावेद

अली, मुराद अली, रफ़ीक़ हुसैन, जफ़र अब्बास, ज़हीर अब्बास, राजा अली, अनीस हैदर, ज़ुल्फ़िकार हैदर, मौलाना अकील, शफ़ीक़ हैदर, गुलाब, शमशेर अली, क़ासिम राजा, अनवर अली, नाज़िम हुसैन समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में इंतज़ार अब्बास और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पूरी इंसानियत के लिए हिम्मत, सब्र और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने का हमेशा ज़िंदा रहने वाला पैग़ाम है, जो सिखाता है कि हक़ और इंसाफ़ की राह में आने वाली हर मुश्किल और हर कुर्बानी छोटी है।

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    मुरादाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़ा कुली ख़ाँ में 9वीं मुहर्रम की शब अज़ादारी पूरी अकीदत, एहतराम और ग़मगीन माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में अज़ादारों ने मजलिस में शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद परंपरागत अंदाज़ में जुल्जनाह बरामद हुआ, जिसकी ज़ियारत के लिए रास्ते भर अकीदतमंद उमड़ पड़े और पूरे माहौल में "या हुसैन", "या अब्बास" और "या सकीना" की सदाएं गूंजती रहीं।

अमरोहा से आए मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, इंसाफ़ और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने की हमेशा ज़िंदा रहने वाली शिक्षा है। उन्होंने ज़िक्र किया कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने 72 जाननिसार साथियों और अहलेबैत की बेमिसाल कुर्बानी देकर हक़ की राह पर डटे रहने का ऐसा पैग़ाम दिया है, जो क़यामत तक इंसानियत की रहनुमाई करता रहेगा। मौलाना ने हज़रत अली असग़र (अ.स.), हज़रत अब्बास आलमदार (अ.स.), बीबी सकीना (स.अ.) और शोहदाए कर्बला की दर्दनाक शहादत का उल्लेख किया, जिससे इमामबाड़े का माहौल ग़म से भर उठा, अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और हर तरफ़ मातम व गिरिया-ओ-ज़ारी का मंज़र दिखाई दिया।

मजलिस के समापन के बाद नौहाख्वानी और सीनाज़नी का सिलसिला शुरू हुआ, जहाँ नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश किए और अंजुमनों व अज़ादारों ने पुरसा देते हुए मातम किया। इसके पश्चात जुल्जनाह पूरे अदब और एहतराम के साथ बरामद हुआ। रास्ते में जगह-जगह सबील और लंगर का भी इंतज़ाम किया गया, जहां अकीदतमंदों ने अपनी खिदमत का फ़र्ज़ निभाया। मौलाना सज्जाद ने भी अज़ादारों को संबोधित करते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) की सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाने, इंसाफ़, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम आम करने की अपील की।

इस कार्यक्रम में इमामबाड़ा कुली ख़ाँ के मुतवल्ली आरिफ़ राजा, हाजी रईस हैदर, राजा हैदर, बाबर अली, गुलफ़ाम हुसैन, नईम क़ादरी, गुलज़ार हैदर, इरफ़ान हैदर, जावेद अली, मुराद अली, रफ़ीक़ हुसैन, जफ़र अब्बास, ज़हीर अब्बास, राजा अली, अनीस हैदर, ज़ुल्फ़िकार हैदर, मौलाना अकील, शफ़ीक़ हैदर, गुलाब, शमशेर अली, क़ासिम राजा, अनवर अली, नाज़िम हुसैन समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में इंतज़ार अब्बास और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पूरी इंसानियत के लिए हिम्मत, सब्र और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने का हमेशा ज़िंदा रहने वाला पैग़ाम है, जो सिखाता है कि हक़ और इंसाफ़ की राह में आने वाली हर मुश्किल और हर कुर्बानी छोटी है।
    user_Journalist Arman Choudhary
    Journalist Arman Choudhary
    Court reporter मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुरादाबाद के रहमत नगर में 'यादगार-ए-कर्बला' की जियारत का आयोजन किया गया। इस जियारत के दौरान, इमाम हुसैन (अ.स.) के पैगाम से पूरा रहमत नगर क्षेत्र गूंज उठा, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया।
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    मुरादाबाद के रहमत नगर में 'यादगार-ए-कर्बला' की जियारत का आयोजन किया गया। इस जियारत के दौरान, इमाम हुसैन (अ.स.) के पैगाम से पूरा रहमत नगर क्षेत्र गूंज उठा, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया।
    user_M SARTAJ KHAN
    M SARTAJ KHAN
    Media house मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बुधवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने बांदा के पुलिस अधीक्षक (SP) को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पत्र में महुटा निवासी एक फेसबुक यूजर द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर और भीम आर्मी संगठन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी, गाली-गलौज और धमकी भरे कमेंट्स करने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, महुटा निवासी हरेराम पुत्र हरिओम त्रिपाठी की फेसबुक आईडी "सनातनी हरेराम त्रिपाठी" से एक वीडियो अपलोड किया गया था। आरोप है कि इस वीडियो में भीम आर्मी संगठन और डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिए अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। साथ ही, SC/ST समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें भी कही गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि फोन पर बात करने पर यूजर ने मारपीट की धमकी दी, और वीडियो पर अन्य यूजर्स के कमेंट्स में भी आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्द लिखे गए हैं। इस शिकायत पत्र को भीम आर्मी के विधिक सलाहकार दिनेश कुमार, मंडल महासचिव दीपक रावण, आजाद समाज पार्टी के संगठन मंत्री सुशील कुमार और जिला संयोजक मनोज रूस्तम समेत अन्य पदाधिकारियों ने सौंपा। उन्होंने SP से मांग की है कि उपरोक्त लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। भीम आर्मी नेताओं ने स्पष्ट किया कि डॉ. अंबेडकर देश के महापुरुष हैं और उनके खिलाफ ऐसी भाषा के प्रयोग से SC/ST समुदाय तथा संगठन के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पुलिस से इस मामले में त्वरित संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच करने की उम्मीद जताई है।
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    बुधवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने बांदा के पुलिस अधीक्षक (SP) को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पत्र में महुटा निवासी एक फेसबुक यूजर द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर और भीम आर्मी संगठन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी, गाली-गलौज और धमकी भरे कमेंट्स करने का आरोप लगाया गया है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, महुटा निवासी हरेराम पुत्र हरिओम त्रिपाठी की फेसबुक आईडी "सनातनी हरेराम त्रिपाठी" से एक वीडियो अपलोड किया गया था। आरोप है कि इस वीडियो में भीम आर्मी संगठन और डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिए अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। साथ ही, SC/ST समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें भी कही गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि फोन पर बात करने पर यूजर ने मारपीट की धमकी दी, और वीडियो पर अन्य यूजर्स के कमेंट्स में भी आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्द लिखे गए हैं।

इस शिकायत पत्र को भीम आर्मी के विधिक सलाहकार दिनेश कुमार, मंडल महासचिव दीपक रावण, आजाद समाज पार्टी के संगठन मंत्री सुशील कुमार और जिला संयोजक मनोज रूस्तम समेत अन्य पदाधिकारियों ने सौंपा। उन्होंने SP से मांग की है कि उपरोक्त लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

भीम आर्मी नेताओं ने स्पष्ट किया कि डॉ. अंबेडकर देश के महापुरुष हैं और उनके खिलाफ ऐसी भाषा के प्रयोग से SC/ST समुदाय तथा संगठन के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पुलिस से इस मामले में त्वरित संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच करने की उम्मीद जताई है।
    user_BEBAAK NEWS ONLINE
    BEBAAK NEWS ONLINE
    मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • डिलारी के पीलकपुर श्योराम में नौवीं मोहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा राहगीरों को शरबत वितरित किया गया। इस पहल की राहगीरों ने सराहना की।
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    डिलारी के पीलकपुर श्योराम में नौवीं मोहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा राहगीरों को शरबत वितरित किया गया। इस पहल की राहगीरों ने सराहना की।
    user_नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    Local Politician Moradabad, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • गौ माता को माता का दर्जा दिलाने और उनके संरक्षण के उद्देश्य से निकाली जा रही 'गविष्ट यात्रा (गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध)' रविवार को डिलारी पहुँची। इस अवसर पर परमाराध्य परम धर्माधीश, उत्तराधाय ज्योतिष पीठाधीश्वर, अनंत श्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहाँ गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई गई। गोरखपुर से 3 मई को शुरू हुई यह 81 दिवसीय यात्रा लगभग ढाई सौ विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को केवल पशु न मानकर उसे माता के रूप में सम्मान दिलाना और गौ संरक्षण के प्रति जन-जागरण करना है। शंकराचार्य जी ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार गर्मी हिंदू और मुस्लिम दोनों को समान रूप से लगती है, उसी प्रकार गाय भी बिना किसी भेदभाव के सभी को दूध देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गाय हिंदुओं को केसरिया या मुसलमानों को हरा दूध नहीं देती, बल्कि सभी को समान रूप से पोषण प्रदान करती है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गाय में ऐसे गुण हैं जो जीवन की बाधाओं को दूर करने और मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक माने गए हैं। शंकराचार्य जी ने कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं पर भी निशाना साधा, आरोप लगाया कि एक ओर तो गाय की पूजा की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर गौवंश वध को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने इसे 'दोहरी राजनीति' करार देते हुए कहा कि हिंदू धर्म को 'नकली हिंदुओं' से खतरा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में गौहत्या संबंधी कानूनों का भी उल्लेख किया, बताते हुए कि पहले वहाँ गौ संरक्षण संबंधी कानून मौजूद थे, जिन्हें बाद में समाप्त कर दिया गया। अब कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी ऐसे कानूनों को पुनः लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं, और उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग में मुस्लिम समाज के कई लोग भी आगे आए हैं। कार्यक्रम की व्यवस्था सपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख डिलारी मुजाहिद अली और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ठाकुरद्वारा द्वारा की गई थी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न समुदायों के लोग उपस्थित रहे।
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    गौ माता को माता का दर्जा दिलाने और उनके संरक्षण के उद्देश्य से निकाली जा रही 'गविष्ट यात्रा (गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध)' रविवार को डिलारी पहुँची। इस अवसर पर परमाराध्य परम धर्माधीश, उत्तराधाय ज्योतिष पीठाधीश्वर, अनंत श्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहाँ गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई गई।

गोरखपुर से 3 मई को शुरू हुई यह 81 दिवसीय यात्रा लगभग ढाई सौ विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को केवल पशु न मानकर उसे माता के रूप में सम्मान दिलाना और गौ संरक्षण के प्रति जन-जागरण करना है। शंकराचार्य जी ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार गर्मी हिंदू और मुस्लिम दोनों को समान रूप से लगती है, उसी प्रकार गाय भी बिना किसी भेदभाव के सभी को दूध देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गाय हिंदुओं को केसरिया या मुसलमानों को हरा दूध नहीं देती, बल्कि सभी को समान रूप से पोषण प्रदान करती है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गाय में ऐसे गुण हैं जो जीवन की बाधाओं को दूर करने और मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक माने गए हैं।

शंकराचार्य जी ने कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं पर भी निशाना साधा, आरोप लगाया कि एक ओर तो गाय की पूजा की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर गौवंश वध को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने इसे 'दोहरी राजनीति' करार देते हुए कहा कि हिंदू धर्म को 'नकली हिंदुओं' से खतरा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में गौहत्या संबंधी कानूनों का भी उल्लेख किया, बताते हुए कि पहले वहाँ गौ संरक्षण संबंधी कानून मौजूद थे, जिन्हें बाद में समाप्त कर दिया गया। अब कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी ऐसे कानूनों को पुनः लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं, और उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग में मुस्लिम समाज के कई लोग भी आगे आए हैं।

कार्यक्रम की व्यवस्था सपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख डिलारी मुजाहिद अली और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ठाकुरद्वारा द्वारा की गई थी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न समुदायों के लोग उपस्थित रहे।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • सोनौली कोतवाली क्षेत्र में आधी रात एक घर के अंदर कथित प्रेमी जोड़े को घर वालों ने पकड़ लिया। जानकारी मिलते ही घर वाले लड़की के कमरे में पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद कमरा बंद करके कथित प्रेमी जोड़े को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से जमकर पीटा गया। इस दौरान लड़की बार-बार लड़के को बचाने की कोशिश करती रही और दोनों चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन घर वालों ने उन्हें मारना जारी रखा। इस घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है।
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    सोनौली कोतवाली क्षेत्र में आधी रात एक घर के अंदर कथित प्रेमी जोड़े को घर वालों ने पकड़ लिया। जानकारी मिलते ही घर वाले लड़की के कमरे में पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद कमरा बंद करके कथित प्रेमी जोड़े को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से जमकर पीटा गया। इस दौरान लड़की बार-बार लड़के को बचाने की कोशिश करती रही और दोनों चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन घर वालों ने उन्हें मारना जारी रखा। इस घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है।
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    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    49 min ago
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