भटगांव में 2 किलो गांजा के साथ ,एक आरोपी गिरफ्तार,, लगातार पुलिस एक्शन मोड़ पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 किलो अवैध गांजा जब्त किया है। मामला थाना भटगांव क्षेत्र का है, जहां वाहन चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को पकड़ा गया। आरोपी की पहचान अशोक श्रीवास, उम्र 34 वर्ष, निवासी आमाखोहा, थाना कसडोल के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल के हैंडल में टंगे प्लास्टिक थैले से गांजा बरामद हुआ। गांजा दो पैकेटों में रखा था, जिसका कुल वजन 2 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त हीरो होंडा सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल भी जब्त की है। गांजा और मोटरसाइकिल समेत जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के ओडिशा से गांजा लाकर डभरा क्षेत्र में खपाने की योजना की जानकारी सामने आई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस अब गांजा के स्रोत और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच करते हुए एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है।
भटगांव में 2 किलो गांजा के साथ ,एक आरोपी गिरफ्तार,, लगातार पुलिस एक्शन मोड़ पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 किलो अवैध गांजा जब्त किया है। मामला थाना भटगांव क्षेत्र का है, जहां वाहन चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को पकड़ा गया। आरोपी की पहचान अशोक श्रीवास, उम्र 34 वर्ष, निवासी आमाखोहा, थाना कसडोल के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल के हैंडल में टंगे प्लास्टिक थैले से गांजा बरामद हुआ। गांजा दो पैकेटों में रखा था, जिसका कुल वजन 2 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त हीरो होंडा सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल भी जब्त की है। गांजा और मोटरसाइकिल समेत जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के ओडिशा से गांजा लाकर डभरा क्षेत्र में खपाने की योजना की जानकारी सामने आई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस अब गांजा के स्रोत और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच करते हुए एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है।
- #Rare_Interview_SantRampalJi पत्रकार: क्या वेद-पुराणों में भूत-प्रेत भगाने के लिए 'झाड़ा' लगाने का कोई ज़िक्र है? संत रामपाल जी: वेद, पुराणों और गीता में झाड़ा लगाने का कोई ज़िक्र या विधान नहीं है। गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट है कि भूतों को पूजने वाले भूत बनते हैं। झाड़ा लगाना पाखंड है; केवल शास्त्रानुकूल सतभक्ति और सतनाम के जाप से ही ये कष्ट दूर होते हैं। पूरा वीडियो देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल पर Sant RampalJi YtChannel1
- कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं, कुल 24 आवेदन हुए प्राप्त, कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं, कुल 24 आवेदन हुए प्राप्त, जिला कार्यालय में आयोजित हुए कलेक्टर जनदर्शन में आज कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जयश्री जैन के निर्देशन में अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा द्वारा जिले के दूर दराज के इलाकों से आए विभिन्न लोगों की समस्याएं सुनी गई। जनदर्शन में आज अलग-अलग समस्याओं के निराकरण हेतु कुल 24 आवेदन प्राप्त हुए। जिस पर अपर कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों को कलेक्ट्रेट परिसर सभाकक्ष में उपस्थित संबंधित अधिकारियों को तत्काल देकर यथाशीघ्र नियमानुसार त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का पूरी गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। जनदर्शन में आज तहसील सक्ती के ग्राम नवापारा कला से ओवरलोड ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाने, मालखरौदा के बीरभांठा से अधिक बिजली बिल की शिकायत, डभरा के भेड़िकोना से रोजगार, अड़भार के सकर्रा से आर्थिक सहायता, देवरी के बजरंग चौक मोहल्ले को स्वामित्व योजना में शामिल कर आवासीय पट्टा देने तथा जैजैपुर के कचंदा से बंटवारे से बचे खसरे के निराकरण सहित विभिन्न समस्याओं से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए।1
- यूपीआई ट्रांजैक्शन में ₹2000 से ज्यादा हुई तो परसेंटेज काटे जाएंगे यूपीआई लाकर दुनिया को बेवकूफ बनाया.1
- अनुपम वस्त्रालय कांड में नया मोड़: पीड़िता के चरित्र हनन और जातिगत लांछन के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज का हल्लाबोल, CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर Atrocity Act के तहत FIR व वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी की मांग... अंबिकापुर (सरगुजा, छत्तीसगढ़): अंबिकापुर के बहुचर्चित अनुपम वस्त्रालय यौन दुर्व्यवहार कांड ने अब व्यापक कानूनी व सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। मामले में न्याय की गुहार लगा रही अनुसूचित जनजाति वर्ग की पीड़िता के सार्वजनिक चरित्र हनन, जांच को प्रभावित करने के प्रयासों और पूरे आदिवासी समाज पर की गई जातिगत टिप्पणियों के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने मोर्चा खोल दिया है। महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा थाना प्रभारी, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण (आ०जा०क०), अंबिकापुर को तीन पृष्ठों का विस्तृत कानूनी शिकायती ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में सीएआईटी (CAIT) सरगुजा से जुड़े रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Atrocity Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने तथा दुकान संचालक (वास्तविक आरोपी) की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2026 की है, जब अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय में एक आदिवासी महिला के साथ दुकान संचालक द्वारा कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार किया गया। इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली, अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत धारा 74 एवं 351(3) BNS 2023 के अंतर्गत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक विवेचना प्रधान आरक्षक राजेश चतुर्वेदी द्वारा की गई। विवेचना के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं—आरोपी का सही नाम छिपाने, पीड़िता के पूरे कथनों को केस डायरी व एफआईआर में शामिल न करने तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए जाने वाले बयानों को प्रभावित करने की कोशिशों के आरोप लगे। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने प्राथमिक विवेचक को निलंबित कर दिया। समाज का आरोप है कि विवेचक के निलंबन के बावजूद आज दिनांक तक पीड़िता का विधिसम्मत पूरक/पुनः कथन दर्ज नहीं किया गया है। प्रारंभिक विवेचना में छूटे महत्वपूर्ण तथ्यों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर जो कड़ी धाराएं जुड़नी चाहिए थीं, वे अब तक शामिल नहीं की गई हैं। CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर सार्वजनिक चरित्र हनन और जातिगत टिप्पणी का आरोप ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि CAIT सरगुजा के रवीन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस विचाराधीन आपराधिक प्रकरण को "समाप्त/खात्मा" करने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के माध्यम से पीड़िता और उसके पूरे समुदाय को लांछित किया गया। रवीन्द्र तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह झूठा और मनगढ़ंत दावा किया कि: "उक्त महिला शंकरगढ़ थाने में पहले भी इस तरह का कृत्य कर चुकी है।" इसके साथ ही, पूरे अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में कथित रूप से यह अपमानजनक टिप्पणी की गई कि: "जनजाति समाज के लोग शासन से मिलने वाली राशि और लाभ के लालच में Atrocity Act के प्रकरण लगवाने के लिए आतुर रहते हैं।" सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यह केवल एक पीड़िता के चरित्र और साख को नष्ट करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यौन अपराध की शिकायत को झूठा साबित करने और पूरे आदिवासी समाज को सार्वजनिक मंचों पर अपमानित व लांछित करने का आपराधिक षड्यंत्र है। ज्ञापन के जरिए रखी गई प्रमुख 9 कानूनी मांगें शंकरगढ़ रिकॉर्ड का आधिकारिक सत्यापन: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाने से तत्काल आधिकारिक अभिलेख मंगाकर सत्यापित किया जाए कि क्या पीड़िता ने पूर्व में किसी व्यापारी या व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज कराई थी। यदि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं मिलता है, तो झूठी सूचना गढ़कर प्रसारित करने के आरोप में रवीन्द्र तिवारी के स्रोत और मंशा की गहन जांच हो। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की ज़ब्ती व मेटाडेटा संरक्षण: रवीन्द्र तिवारी के बयानों से संबंधित मूल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल साक्ष्यों को विधिपूर्वक सुरक्षित और ज़ब्त किया जाए। इसके साथ ही इनके मेटाडेटा और मूल इलेक्ट्रॉनिक स्रोत की प्रामाणिकता की तकनीकी जांच की जाए। SC/ST Atrocity Act में केस दर्ज: जनजाति समुदाय को सामूहिक रूप से धनलोलुप बताकर लांछित करने और Atrocity Act के दुरुपयोग का सार्वजनिक आरोप लगाने के कृत्य की जांच कर रवीन्द्र तिवारी व अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act 1989 की धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए। पीड़िता का पूरक कथन व धाराओं में सुधार: अपराध क्रमांक 0563/2026 में पीड़िता का विस्तृत पूरक कथन दर्ज किया जाए। प्रारंभिक जांच में छूटे सभी तथ्यों को केस डायरी में जोड़ते हुए मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी सुसंगत कठोर धाराएं बढ़ाई जाएं। आरोपी की पहचान में त्रुटि की स्वतंत्र जांच: एफआईआर में आरोपी के नाम या पहचान में हुए कथित परिवर्तन अथवा त्रुटि की स्वतंत्र जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई। दबाव व धमकी देने वालों की भूमिका की जांच: पीड़िता के पूर्व कथनों को प्रभावित करने, धमकाने या विशेष बयान देने के लिए निर्देशित करने के आरोपों की पृथक व निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतिष्ठानों के CCTV फुटेज का संरक्षण: घटना स्थल और आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी, डीवीआर (DVR/NVR), मोबाइल फोन व कॉल रिकॉर्ड्स जैसे साक्ष्यों को उचित "Chain of Custody" के तहत सुरक्षित कर केस डायरी का हिस्सा बनाया जाए। अवैध हस्तक्षेप करने वाले सिंडिकेट पर कार्रवाई: यदि विवेचना में यह पाया जाता है कि किसी संगठन, व्यापारिक गुट या उनके पदाधिकारियों द्वारा पीड़िता व गवाहों पर दबाव बनाने या निष्पक्ष जांच में अवैध हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया है, तो उनकी भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई हो। वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी: अपराध की प्रकृति और महिला अपराध से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए चिन्हित वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित न किया जा सके। कार्रवाई न होने पर "हुंकार रैली" की खुली चेतावनी सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने पुलिस प्रशासन को आगाह किया है कि जब एक आदिवासी महिला यौन अपराध की शिकायत दर्ज कराती है, तो उसकी सामाजिक पहचान और चरित्र को निशाना बनाना न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। यदि इस मामले में तत्काल निष्पक्ष विवेचना, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जब्ती और नामजद लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो समाज लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए सड़क पर उतरेगा और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण "हुंकार रैली" निकालेगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।4
- रायगढ़ में 48 घंटे का महा टिकट चेकिंग अभियान,6 लाख 70 हजार का वसूला गया जुर्माना।1
- नमस्कार, मैं कविता कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्यम। 23 सितम्बर को होगा कार्यक्रम रायगढ़ के रामलीला मैदान में चल रहे दस दिवसीय चक्रधर समारोह के अंतिम दिन देश की प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्ण मूर्ति ने दर्शकों से की अपील। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा की मुझे बेहद खुशी है कि 23 सितंबर को रायगढ़ के भव्य चक्रधर समारोह में अपनी पूरी म्यूजिशियन टीम और जान कुमार शानू के साथ आप सभी के बीच प्रस्तुति देने आ रही हूँ। संगीत की इस खूबसूरत शाम को आपके साथ यादगार बनाने का मुझे बेसब्री से इंतज़ार है। 🎶 आप सभी से मेरा आग्रह है कि 23 सितंबर को रामलीला मैदान, रायगढ़ में बड़ी संख्या में पधारें और हमारे साथ इस सुरमयी शाम का आनंद लें। आइए, मिलकर संगीत, सुर और संस्कृति के इस उत्सव को खास बनाएं। 23 सितंबर को रामलीला मैदान में आप सभी से मुलाकात होगी। आपका इंतज़ार रहेगा! ❤️🎶 अगर चाहें तो मैं इसे वीडियो अपील के लिए 30–40 सेकंड की बोलने वाली स्क्रिप्ट के रूप में भी बना सकता हूँ।1
- मालखरौदा के मोना वस्त्रालय में भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक। मिशन चौक से सीपत रोड की ओर स्थित दुकान में देर रात आगजनी की घटना, पुलिस जांच में जुटी। मालखरौदा के मोना वस्त्रालय में भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक। मिशन चौक से सीपत रोड की ओर स्थित दुकान में देर रात आगजनी की घटना, पुलिस जांच में जुटी।1
- #Rare_Interview_SantRampalJi पत्रकार: मेरा राम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हैं; क्या आपका भी राम वही है या कोई और? संत रामपाल जी: मेरा राम कबीर साहेब हैं। राजा दशरथ के पुत्र श्री रामचंद्र जी तीन लोक के भगवान (श्री विष्णु जी के अवतार) हैं। कबीर साहेब की वाणी के अनुसार चार राम लोक में जाने जाते हैं (1. दशरथ का बेटा, 2. घट-घट में बैठा, 3. जिसका सकल पसारा, 4. इन तीनों से न्यारा काल/ब्रह्म)। परंतु इन चारों को छोड़कर जो पाँचवाँ अविनाशी राम है, वही पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं। पूरा वीडियो देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल पर Sant RampalJi YtChannel2