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रायगढ़ में 48 घंटे का महा टिकट चेकिंग अभियान,6 लाख 70 हजार का वसूला गया जुर्माना।
Chhattisgarh
रायगढ़ में 48 घंटे का महा टिकट चेकिंग अभियान,6 लाख 70 हजार का वसूला गया जुर्माना।
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- रायगढ़ में पार्षद पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार लोहे के जैक रॉड से किया था वार,मारपीट कर रहे युवकों को पार्षद समझाने पहुंचा था।1
- अनुपम वस्त्रालय कांड में नया मोड़: पीड़िता के चरित्र हनन और जातिगत लांछन के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज का हल्लाबोल, CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर Atrocity Act के तहत FIR व वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी की मांग... अंबिकापुर (सरगुजा, छत्तीसगढ़): अंबिकापुर के बहुचर्चित अनुपम वस्त्रालय यौन दुर्व्यवहार कांड ने अब व्यापक कानूनी व सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। मामले में न्याय की गुहार लगा रही अनुसूचित जनजाति वर्ग की पीड़िता के सार्वजनिक चरित्र हनन, जांच को प्रभावित करने के प्रयासों और पूरे आदिवासी समाज पर की गई जातिगत टिप्पणियों के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने मोर्चा खोल दिया है। महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा थाना प्रभारी, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण (आ०जा०क०), अंबिकापुर को तीन पृष्ठों का विस्तृत कानूनी शिकायती ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में सीएआईटी (CAIT) सरगुजा से जुड़े रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Atrocity Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने तथा दुकान संचालक (वास्तविक आरोपी) की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2026 की है, जब अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय में एक आदिवासी महिला के साथ दुकान संचालक द्वारा कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार किया गया। इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली, अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत धारा 74 एवं 351(3) BNS 2023 के अंतर्गत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक विवेचना प्रधान आरक्षक राजेश चतुर्वेदी द्वारा की गई। विवेचना के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं—आरोपी का सही नाम छिपाने, पीड़िता के पूरे कथनों को केस डायरी व एफआईआर में शामिल न करने तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए जाने वाले बयानों को प्रभावित करने की कोशिशों के आरोप लगे। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने प्राथमिक विवेचक को निलंबित कर दिया। समाज का आरोप है कि विवेचक के निलंबन के बावजूद आज दिनांक तक पीड़िता का विधिसम्मत पूरक/पुनः कथन दर्ज नहीं किया गया है। प्रारंभिक विवेचना में छूटे महत्वपूर्ण तथ्यों और घटना की परिस्थितियों के आधार पर जो कड़ी धाराएं जुड़नी चाहिए थीं, वे अब तक शामिल नहीं की गई हैं। CAIT उपाध्यक्ष रवीन्द्र तिवारी पर सार्वजनिक चरित्र हनन और जातिगत टिप्पणी का आरोप ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि CAIT सरगुजा के रवीन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस विचाराधीन आपराधिक प्रकरण को "समाप्त/खात्मा" करने का दबाव बनाया गया। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के माध्यम से पीड़िता और उसके पूरे समुदाय को लांछित किया गया। रवीन्द्र तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह झूठा और मनगढ़ंत दावा किया कि: "उक्त महिला शंकरगढ़ थाने में पहले भी इस तरह का कृत्य कर चुकी है।" इसके साथ ही, पूरे अनुसूचित जनजाति समुदाय के संबंध में कथित रूप से यह अपमानजनक टिप्पणी की गई कि: "जनजाति समाज के लोग शासन से मिलने वाली राशि और लाभ के लालच में Atrocity Act के प्रकरण लगवाने के लिए आतुर रहते हैं।" सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि यह केवल एक पीड़िता के चरित्र और साख को नष्ट करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यौन अपराध की शिकायत को झूठा साबित करने और पूरे आदिवासी समाज को सार्वजनिक मंचों पर अपमानित व लांछित करने का आपराधिक षड्यंत्र है। ज्ञापन के जरिए रखी गई प्रमुख 9 कानूनी मांगें शंकरगढ़ रिकॉर्ड का आधिकारिक सत्यापन: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाने से तत्काल आधिकारिक अभिलेख मंगाकर सत्यापित किया जाए कि क्या पीड़िता ने पूर्व में किसी व्यापारी या व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज कराई थी। यदि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं मिलता है, तो झूठी सूचना गढ़कर प्रसारित करने के आरोप में रवीन्द्र तिवारी के स्रोत और मंशा की गहन जांच हो। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की ज़ब्ती व मेटाडेटा संरक्षण: रवीन्द्र तिवारी के बयानों से संबंधित मूल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल साक्ष्यों को विधिपूर्वक सुरक्षित और ज़ब्त किया जाए। इसके साथ ही इनके मेटाडेटा और मूल इलेक्ट्रॉनिक स्रोत की प्रामाणिकता की तकनीकी जांच की जाए। SC/ST Atrocity Act में केस दर्ज: जनजाति समुदाय को सामूहिक रूप से धनलोलुप बताकर लांछित करने और Atrocity Act के दुरुपयोग का सार्वजनिक आरोप लगाने के कृत्य की जांच कर रवीन्द्र तिवारी व अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act 1989 की धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए। पीड़िता का पूरक कथन व धाराओं में सुधार: अपराध क्रमांक 0563/2026 में पीड़िता का विस्तृत पूरक कथन दर्ज किया जाए। प्रारंभिक जांच में छूटे सभी तथ्यों को केस डायरी में जोड़ते हुए मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी सुसंगत कठोर धाराएं बढ़ाई जाएं। आरोपी की पहचान में त्रुटि की स्वतंत्र जांच: एफआईआर में आरोपी के नाम या पहचान में हुए कथित परिवर्तन अथवा त्रुटि की स्वतंत्र जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई। दबाव व धमकी देने वालों की भूमिका की जांच: पीड़िता के पूर्व कथनों को प्रभावित करने, धमकाने या विशेष बयान देने के लिए निर्देशित करने के आरोपों की पृथक व निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतिष्ठानों के CCTV फुटेज का संरक्षण: घटना स्थल और आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी, डीवीआर (DVR/NVR), मोबाइल फोन व कॉल रिकॉर्ड्स जैसे साक्ष्यों को उचित "Chain of Custody" के तहत सुरक्षित कर केस डायरी का हिस्सा बनाया जाए। अवैध हस्तक्षेप करने वाले सिंडिकेट पर कार्रवाई: यदि विवेचना में यह पाया जाता है कि किसी संगठन, व्यापारिक गुट या उनके पदाधिकारियों द्वारा पीड़िता व गवाहों पर दबाव बनाने या निष्पक्ष जांच में अवैध हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया है, तो उनकी भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई हो। वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी: अपराध की प्रकृति और महिला अपराध से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए चिन्हित वास्तविक आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित न किया जा सके। कार्रवाई न होने पर "हुंकार रैली" की खुली चेतावनी सर्व आदिवासी समाज (महिला प्रकोष्ठ) ने पुलिस प्रशासन को आगाह किया है कि जब एक आदिवासी महिला यौन अपराध की शिकायत दर्ज कराती है, तो उसकी सामाजिक पहचान और चरित्र को निशाना बनाना न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। यदि इस मामले में तत्काल निष्पक्ष विवेचना, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जब्ती और नामजद लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो समाज लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए सड़क पर उतरेगा और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण "हुंकार रैली" निकालेगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।4
- #Rare_Interview_SantRampalJi पत्रकार: क्या वेद-पुराणों में भूत-प्रेत भगाने के लिए 'झाड़ा' लगाने का कोई ज़िक्र है? संत रामपाल जी: वेद, पुराणों और गीता में झाड़ा लगाने का कोई ज़िक्र या विधान नहीं है। गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट है कि भूतों को पूजने वाले भूत बनते हैं। झाड़ा लगाना पाखंड है; केवल शास्त्रानुकूल सतभक्ति और सतनाम के जाप से ही ये कष्ट दूर होते हैं। पूरा वीडियो देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल पर Sant RampalJi YtChannel1
- कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं, कुल 24 आवेदन हुए प्राप्त, कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं, कुल 24 आवेदन हुए प्राप्त, जिला कार्यालय में आयोजित हुए कलेक्टर जनदर्शन में आज कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जयश्री जैन के निर्देशन में अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा द्वारा जिले के दूर दराज के इलाकों से आए विभिन्न लोगों की समस्याएं सुनी गई। जनदर्शन में आज अलग-अलग समस्याओं के निराकरण हेतु कुल 24 आवेदन प्राप्त हुए। जिस पर अपर कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों को कलेक्ट्रेट परिसर सभाकक्ष में उपस्थित संबंधित अधिकारियों को तत्काल देकर यथाशीघ्र नियमानुसार त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का पूरी गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। जनदर्शन में आज तहसील सक्ती के ग्राम नवापारा कला से ओवरलोड ट्रकों के परिचालन पर रोक लगाने, मालखरौदा के बीरभांठा से अधिक बिजली बिल की शिकायत, डभरा के भेड़िकोना से रोजगार, अड़भार के सकर्रा से आर्थिक सहायता, देवरी के बजरंग चौक मोहल्ले को स्वामित्व योजना में शामिल कर आवासीय पट्टा देने तथा जैजैपुर के कचंदा से बंटवारे से बचे खसरे के निराकरण सहित विभिन्न समस्याओं से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए।1
- मालखरौदा के मोना वस्त्रालय में भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक। मिशन चौक से सीपत रोड की ओर स्थित दुकान में देर रात आगजनी की घटना, पुलिस जांच में जुटी। मालखरौदा के मोना वस्त्रालय में भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक। मिशन चौक से सीपत रोड की ओर स्थित दुकान में देर रात आगजनी की घटना, पुलिस जांच में जुटी।1
- कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी गिरफ्तार1
- रायगढ़ में 48 घंटे का महा टिकट चेकिंग अभियान,6 लाख 70 हजार का वसूला गया जुर्माना।1
- घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने फरार था आरोपी, घर लौटने की सूचना मिलते ही जूटमिल पुलिस ने दबोचा,थाना जूटमिल की टीम ने आरोपी की पतासाजी के लिए लगातार की निगरानी और फिर सटिक सूचना पर दी दबिश रायगढ़, । जूटमिल पुलिस ने वार्ड क्रमांक 36 के पार्षद विजय चौहान पर लोहे के जैक रॉड से हमला कर हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी कमल सारथी, उम्र 26 वर्ष को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया है। घटना के बाद आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी पतासाजी के लिए लगातार निगरानी रखते हुए घर लौटने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे का जैक रॉड भी बरामद कर जप्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर 2026 की रात करीब 9:45 बजे वार्ड क्रमांक 36 राजीव गांधी नगर के पार्षद विजय चौहान जूटमिल पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाकर जा रहे थे। इसी दौरान पुराने सारंगढ़ बस स्टैंड स्थित मटन मार्केट के पास कुछ युवकों के बीच मारपीट होते देखकर वे जनप्रतिनिधि होने के नाते विवाद शांत कराने के लिए मौके पर पहुंचे। वहां कमल सारथी कुछ लोगों के साथ मारपीट कर रहा था। पार्षद विजय चौहान ने उसे लड़ाई-झगड़ा करने से मना किया, जिस पर आरोपी भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा । आरोपी ने पार्षद को जान से मारने की धमकी देते हुए अपने हाथ में रखे लोहे के जैक रॉड से पार्षद विजय चौहान के सिर पर वार कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। घटना के बाद पार्षद के पिता ने थाना जूटमिल पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने आरोपी कमल सारथी के विरुद्ध *अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 109(1), 115(2), 296 एवं 351(3) बीएनएस* के तहत अपराध दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी की तत्काल पतासाजी एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना जूटमिल की टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार लुकते-छिपते फरार था। थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह ने आरोपी के घर जाकर उसके परिजनों को आरोपी के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की हिदायत दी तथा मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। इसी दौरान आरोपी कमल सारथी के घर वापस आने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर जूटमिल पुलिस ने तत्काल उसके घर पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा। थाना लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसके जीजा के साथ झगड़ा-विवाद चल रहा था, इसी दौरान पार्षद विजय चौहान ने बीच-बचाव करते हुए उसे झगड़ा करने से मना किया, जिस पर वह गुस्से में आ गया और जैक रॉड से पार्षद पर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का जैक रॉड बरामद कर जप्त किया है। आरोपी को हत्या के प्रयास के अपराध में गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा जा रहा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन तथा डीएसपी श्री राहुल उईके के सुपरविजन में फरार आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, एएसआई राजेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, राजेश पटेल, आरक्षक तरूण महिलाने, सुशील यादव एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपी कमल सारथी पिता मनोज सारथी, उम्र 26 वर्ष, निवासी पुराना बस स्टैंड सारंगढ़, थाना जूटमिल, रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश “जनप्रतिनिधि सहित किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट, धमकी अथवा हिंसक व्यवहार करने वालों को कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें। रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को कानून के दायरे में लाएगी।”4