प्रयागराज: अपनी समस्या को लेकर एसडीएम से भिड़ी महिला, तहसील परिसर में जमकर हुआ हंगामा प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अपनी किसी पुरानी समस्या का निस्तारण न होने से नाराज एक महिला सीधे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से भिड़ गई। पीड़ित महिला ने अधिकारी के सामने ही तहसील प्रशासन पर लापरवाही और सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, महिला पिछले काफी समय से अपनी समस्या (जमीनी विवाद / राशन / राजस्व संबंधी) को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही थी। लगातार शिकायतों के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो महिला का सब्र का बांध टूट गया। तहसील में जनसुनवाई के दौरान जैसे ही एसडीएम अपने कक्ष से बाहर निकले या फरियादियों की सुन रहे थे, महिला उनसे तीखी बहस करने लगी। तहसील परिसर में मची खलबली महिला के आक्रामक रुख को देखकर मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों ने उसे शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन महिला अपनी बात पर अड़ी रही। महिला का कहना था कि "बार-बार आश्वासन देने के बाद भी अधिकारी केवल फाइलें टरका रहे हैं और धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।" अधिकारी का रुख मामला बढ़ता देख एसडीएम ने महिला को शांत कराने की कोशिश की और उनकी समस्या को ध्यानपूर्वक सुना। अधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के कर्मचारियों को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने और पारदर्शी तरीके से मामले के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोग स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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- खजनी में गोलीकांड से मचा हड़कंप,कंबल कारखाना कर्मचारी के सीने में लगी गोली, हालत गंभीर गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात सनसनीखेज वारदात सामने आई,जहां छताई पुल के पास अज्ञात परिस्थितियों में गोली लगने से कंबल कारखाने का एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। सीने में गोली लगने के बाद वह लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़ा।घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।बतादे की खजनी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात गोली चलने की घटना से हड़कंप मच गया।छताई पुल के पास अज्ञात परिस्थितियों में कंबल कारखाने के एक कर्मचारी के सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई घायल को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया,जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.घायल की पहचान रोशन सिंह पुत्र बुध भगवान सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कंबल कारखाने में कर्मचारी है।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गोली किसने चलाई और कर्मचारी को गोली किन परिस्थितियों में लगी,इसे लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,गोली लगने के बाद घायल सड़क के पास गंभीर हालत में पड़ा था।सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची।एंबुलेंस के पायलट मनीष सिंह तथा एमटी आज्ञा राम ने घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उपचार शुरू किया।घटना की सूचना के करीब 20 मिनट बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक घायल को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा जा चुका था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। गोली चलाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान के लिए पुलिस आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रोशन सिंह को गोली किसने और क्यों मारी? क्या हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे या किसी विवाद के दौरान गोली चली?घटना में कितने लोग शामिल थे और वारदात के बाद आरोपी किस दिशा में फरार हुए,इन सभी ि पर पुलिस जांच कर रही है।गोलीकांड की खबर फैलते ही खजनी क्षेत्र में सनसनी फैल गई।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और हमलावरों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल घायल का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और पुलिस मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है।1
- AMS Attendance के कारण CHO की Salary कटौती का विरोध | Full Salary की उठी मांग1
- सामवेद एवं अथर्ववेद पारायण, वैदिक एवं वेद कथा महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ में चिचोली चिचोली में वैदिक एवं वेद कथा महायज्ञ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु ले रहे लाभ बैतूल जिले के चिचोली में सुबोध जायसवाल के निवास पर यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद पारायण, वैदिक एवं वेद कथा महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ में चिचोली नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम का लाभ ले रहे हैं। आयोजक सुबोध जायसवाल ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महायज्ञ एवं वेद कथा का लाभ लेने की अपील की है। चिचोली से संवाददाता राजेंद्र प्रसाद यादव की रिपोर्ट।1
- बिहार के पटना में राजभवन मार्च पर सड़कों पर बवाल, पुलिस से हुई भिड़ंत, जमकर हंगामा..। बिहार के पटना में राजभवन मार्च पर सड़कों पर बवाल, पुलिस से हुई भिड़ंत, जमकर हंगामा..।1
- उत्तर प्रदेश इटावा गजबi पुलिस की "शानदार" त्वरित कार्रवाई ....... उत्तर प्रदेश इटावा गजबi पुलिस की "शानदार" त्वरित कार्रवाई ....... इटावा जिले में पत्नी और सास की हत्या के आरोपी सत्येंद्र के दोस्त मुकेश को पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ लिया। घायल मुकेश की मौके पर ही इंस्पेक्टर साहब ने पट्टी बांध दी और हाथोंहाथ पूछताछ भी पूरी कर ली .....1
- सामाजिक समानता और श्रम के सम्मान से जुड़ा यह मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है। अक्सर जब आरक्षण पर बहस होती है, तो कई लोग जातिगत व्यवस्था और उससे जुड़े ऐतिहासिक व सामाजिक संदर्भों को नजरअंदाज कर देते हैं।उस सफाई कर्मचारी महिला का बयान समाज की एक कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। उनके कहने का मुख्य संदेश यह है: श्रम की बराबरी: समाज में जो काम सदियों से एक विशिष्ट वर्ग या जाति से जबरन जोड़ा गया है—जैसे सीवर की सफाई, कचरा उठाना और गंदगी साफ करना—क्या आरक्षण का विरोध करने वाले लोग उस काम को आधा-आधा बांटने के लिए तैयार हैं? सामाजिक प्रतिष्ठा: केवल नौकरियों या सीटों पर बराबरी की बात करना तब तक अधूरा है, जब तक कि हर काम को समान सम्मान न मिले और समाज से छुआछूत व जातिगत भेदभाव पूरी तरह खत्म न हो जाए। आरक्षण का आधार: आरक्षण केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से वंचित रहे वर्गों को प्रतिनिधित्व और सामाजिक बराबरी दिलाने का एक संवैधानिक जरिया है। जब तक समाज में सभी पेशों और लोगों को बिना किसी जातिगत पूर्वाग्रह के समान दर्जा नहीं मिलता, तब तक केवल अवसर छीनने का तर्क देना वास्तविक धरातल पर खरा नहीं उतरता।1
- CHO की Salary कटौती पर रोक की मांग | AMS Attendance को लेकर बड़ा विवाद | जुलाई की Full Salary की मांग1
- गोरखपुर में निषाद समाज की 2 बेटियों के साथ हादसा! कार्रवाई पर उठे सवाल, अंकुश निषाद पहुंचे पीड़ित परिवार के घर1
- निषाद परिवार की दो महिलाओं की कार से कुचल कर हत्या, दोषी पुलिस की गिरफ्त से बाहर। 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन कार चालक ने निषाद परिवार की दो महिलाओं को कुचल दिया जिससे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के तीन दिनों के बाद भी दोषी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। निषाद समुदाय का कहना है कि हम पिछड़ी जाति से हैं इसलिए कार्यवाही में ढीलाही बरती जा रही है, अगड़ी जाति से होते तो अभी तक न्याय मिल चुका होता है।1