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अतरौलिया के खानपुर फतेह के लाल सचिन निषाद ने रचा इतिहास — अभावों के बीच UPSSSC जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में पाई सफलता, जश्न में डूबा पूरा गांव #SachinNishad #AtrauliaNews #UPSSSCJuniorAssistant #KhanpurFateh #AzamgarhPride #NewsUpdateUPUK #AzamgarhNews #SuccessStory #Shorts #Viral
Akash Modanwal
अतरौलिया के खानपुर फतेह के लाल सचिन निषाद ने रचा इतिहास — अभावों के बीच UPSSSC जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में पाई सफलता, जश्न में डूबा पूरा गांव #SachinNishad #AtrauliaNews #UPSSSCJuniorAssistant #KhanpurFateh #AzamgarhPride #NewsUpdateUPUK #AzamgarhNews #SuccessStory #Shorts #Viral
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अतरौलिया में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क — पहली ही बारिश में धंसी 4 दिन पहले बनी इंटरलॉकिंग, EO विनय शंकर अवस्थी ने रोकी ठेकेदार की पेमेंट #AtrauliaNews #NagarPanchayatAtraulia #RoadScamAtraulia #AzamgarhNews #VinayShankarAwasthi #NewsUpdateUPUK #PWDCorruption #Ward10Atraulia #Shorts #Viral1
- फर्जी दस्तावेज व हस्ताक्षर बनाकर वाहन हस्तांतरण कराने के मामले में 01 अभियुक्त गिरफ्तार देवगांव पुलिस ने बसही नहर पुल के पास से अभियुक्त को किया गिरफ्तार* *पूर्व की घटना का विवरण-* आवेदिका द्वारा शिकायत की गयी कि उसके पति दिलीप यादव द्वारा व्यवसायिक साथी को व्यवसाय हेतु दिया गया मारुति सुजुकी वाहन आरोपियों द्वारा फर्जी आधार कार्ड, दस्तावेज एवं हस्ताक्षर तैयार कराकर बिना सहमति एवं वाहन स्वामी की उपस्थिति के परिवहन विभाग से अपने नाम हस्तांतरित करा लिया गया। इस संबंध में थाना देवगांव पर मु0अ0सं0 320/2026 धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस पंजीकृत कर विवेचना की जा रही है। *गिरफ्तारी का विवरण-* दिनांक 10.09.2026 को थाना देवगांव पुलिस द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अभियुक्त इम्तियाज अहमद पुत्र अलीमुद्दीन निवासी बसही इकबालपुर, थाना देवगांव, जनपद आजमगढ़ को बसही नहर पुल मेहनाजपुर के पास से समय करीब 13:30 बजे गिरफ्तार किया गया। *गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-* उ0नि0 सुरेश कुमार सिंह मय का0 अमित तिवारी व का0 कृष्णानन्द पाण्डेय, थाना देवगांव, आजमगढ़।1
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- सम्मनपुर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग की आत्महत्या, बीमारी से परेशान होकर उठाया कदम, पुलिस जांच में जुटी।1
- *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा। *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई। *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो। अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा। *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई। *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो। अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।1
- उत्तर प्रदेश का पुलिस-प्रशासन न संविधान को मान रहा है और न ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चल रहा है। कानून और संविधान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और हर तरफ गुंडागर्दी का बोलबाला है। पिछड़े समाज के एक साथी की हत्या हो गई, लेकिन यहां पीड़ित परिवार की सुनने वाला उत्तर प्रदेश सरकार का एक भी अधिकारी मौजूद नहीं है। आखिर इस प्रदेश में गरीब और पिछड़े समाज के लोगों को न्याय कब मिलेगा?1
- ऐसा लग रहा है कि उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि राजतंत्र चल रहा है। योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि राजा की तरह शासन कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन डर और दबाव में उनके इशारे पर काम करता दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश का पुलिस-प्रशासन न संविधान को मान रहा है और न ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चल रहा है। कानून और संविधान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और हर तरफ गुंडागर्दी का बोलबाला है। पिछड़े समाज के एक साथी की हत्या हो गई, लेकिन यहां पीड़ित परिवार की सुनने वाला उत्तर प्रदेश सरकार का एक भी अधिकारी मौजूद नहीं है। आखिर इस प्रदेश में गरीब और पिछड़े समाज के लोगों को न्याय कब मिलेगा?1
- अतरौलिया के पचरी गांव के जयहिंद मौर्य ने हासिल की बड़ी कामयाबी अतरौलिया के पचरी गांव के जयहिंद मौर्य ने हासिल की बड़ी कामयाबी आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम पचरी (डिहवा) निवासी जयहिंद मौर्य पुत्र श्यामेन्द्र मौर्य का UPSSSC जूनियर असिस्टेंट पद पर चयन हुआ है। जयहिंद की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं गांव और क्षेत्र में भी हर्ष की लहर है। उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए मेहनत और सफलता की मिसाल बताया जा रहा है। जयहिंद मौर्य के चयन पर ग्राम प्रधान रामजी मौर्य, श्रीकेश मौर्य, पत्रकार रमेश मौर्य, बसपा नेता जयप्रकाश मौर्य, रजनीश मौर्य, अशोक मौर्य, दयानंद समेत अन्य लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। जयहिंद मौर्य ने UPSSSC जूनियर असिस्टेंट बनकर परिवार और क्षेत्र का बढ़ाया मान। 💐🎉1
- 🚨 **हमीरपुर: दुधमुंहे बच्चे को महिला द्वारा झंझोड़ने का वीडियो वायरल** **हमीरपुर।** दुधमुंहे बच्चे के साथ कथित तौर पर महिला द्वारा बेरहमी से झंझोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला बच्चे को सड़क किनारे फेंककर वहां से जाती हुई दिखाई दे रही है। ⚠️ **वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।**1