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ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में पिपलू पंचायत के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र घलून की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बरसात के मौसम के कारण इस केंद्र के चारों ओर घास-फूस और झाड़ियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस वजह से यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा भी इतना छोटा है कि सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस बदहाली की वजह से नन्हे बच्चों की पढ़ाई, गतिविधियां और सुरक्षा तीनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इन मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी के आंगन की इस खराब हालत को लेकर लोगों से कमेंट के माध्यम से राय भी मांगी गई है।
Abhishek Kumar Bhatia
ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में पिपलू पंचायत के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र घलून की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बरसात के मौसम के कारण इस केंद्र के चारों ओर घास-फूस और झाड़ियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस वजह से यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा भी इतना छोटा है कि सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस बदहाली की वजह से नन्हे बच्चों की पढ़ाई, गतिविधियां और सुरक्षा तीनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इन मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी के आंगन की इस खराब हालत को लेकर लोगों से कमेंट के माध्यम से राय भी मांगी गई है।
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- ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हटली में रविवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एनएसएस और एनसीसी आदि के छात्र एकत्रित हुए थे। इस अवसर पर बंगाणा के एसडीएम सोनू गोयल ने एकत्रित बच्चों के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें अपना संदेश भी दिया।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक विशेष समारोह में 200 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। हरोली के पालकवाह ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस वर्ष सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई है, जिनमें दसवीं के 139 और जमा दो के 64 छात्र शामिल हैं। फाउंडेशन की ओर से इन मेधावियों को 5100 रुपये और 3100 रुपये की नकद राशि, स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति-पत्र भेंट किए गए। समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें जीवन की कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगाने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने हरोली क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए घोषणा की कि बहुत जल्द हरोली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी और खड्ड क्षेत्र में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण के तहत आधुनिक इनडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर शिमला के अतिरिक्त उपायुक्त आईएएस सचिन शर्मा ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए सोशल मीडिया तक सीमित न रहने, जिज्ञासा बढ़ाने और असफलता से न घबराकर निरंतर सीखते रहने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान मूल रूप से जिला ऊना के पनोह निवासी और अमेरिका के प्रसिद्ध उद्योगपति जय चौधरी का विशेष वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। समारोह में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायी लघु फिल्म भी दिखाई गई। इस दौरान एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, डीएसपी मोहन रावत सहित कई गणमान्य नागरिक, अभिभावक और शिक्षक उपस्थित रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना में आयोजित प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री एक्सीलेंस अवार्ड समारोह के दौरान 200 से अधिक मेधावियों का सम्मान किया गया है।1
- बिलासपुर के झंडूता को जल्द ही राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल मिल सकता है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।1
- मंडी जिले के रिवालसर में बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें टूट गई हैं। सड़कों की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कमलेश शर्मा ने सरकार से एक बड़ी अपील की है।1
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ के तहत आने वाली ग्राम पंचायत नोरी झिकली के वार्ड नंबर 4 में रास्ते का काम नहीं हो रहा है। इस रास्ते का निर्माण कार्य न होने की वजह से लोगों को इस मार्ग पर चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- केरल के वायनाड हादसे में लापता हुए हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के फतेहपुर उपमंडल की पंचायत टकोली घिरथा निवासी और डीबीएल कंपनी के इंजीनियर विक्रम सिंह राणा का शव छह दिन बाद बरामद कर लिया गया है। रविवार दोपहर को लगातार चले गहन सर्च ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद किया गया। विक्रम सिंह राणा 7 जुलाई को वायनाड में आई त्रासदी के बाद लापता हो गए थे, जिसके बाद से ही उनकी तलाश की जा रही थी। शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और सोमवार तक उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है। हादसे के बाद विक्रम सिंह राणा के भाई कुलवंत सिंह और प्रमोद राणा 8 जुलाई को ही केरल पहुंच गए थे। परिजनों ने इस बेहद कठिन समय में पूरा सहयोग देने के लिए केरल सरकार, स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों का आभार जताया है। मृतक के परिजन प्रमोद राणा ने बताया कि उन्हें केरल की धरती पर मानवता का सच्चा रूप देखने को मिला। उन्होंने केरल सरकार, प्रशासन, बचाव दलों और वहां के लोगों का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि इस कठिन समय में उन्होंने हर संभव सहयोग दिया, जिसे उनका परिवार कभी नहीं भूल पाएगा। विक्रम सिंह राणा के इस तरह असमय निधन से टकोली घिरथा सहित पूरे फतेहपुर क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। इस हादसे से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और स्थानीय लोग दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं।1
- ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में पिपलू पंचायत के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र घलून की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बरसात के मौसम के कारण इस केंद्र के चारों ओर घास-फूस और झाड़ियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस वजह से यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा भी इतना छोटा है कि सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस बदहाली की वजह से नन्हे बच्चों की पढ़ाई, गतिविधियां और सुरक्षा तीनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इन मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी के आंगन की इस खराब हालत को लेकर लोगों से कमेंट के माध्यम से राय भी मांगी गई है।1